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                <title>March - योग संदेश</title>
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                <description>March RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>डिस्कवरी जीत टीवी चैनल पर  परम पूज्य स्वामी रामदेव जी महाराज के जीवन पर आधारित टीवी सीरीज़</title>
                                    <description><![CDATA[<h5 style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">              योग</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">आयुर्वेद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वदेशी और भारतीय संस्कृति</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सभ्यता व संस्कार को पूरी दुनियाँ के 190 से अधिक देशों तक पहुँचाने के संकल्प के साथ </span><span style="color:rgb(186,55,42);">'<span lang="hi" xml:lang="hi">स्वामी रामदेव </span><span lang="hi" xml:lang="hi">: </span><span lang="hi" xml:lang="hi">एक संघर्ष</span>’</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">परम पूज्य स्वामी जी महाराज के तपोमय जीवन पर आधारित इस धारावाहिक के मेगा प्रीमियर के अवसर पर दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में हज़ारों कर्मयोगी तथा माननीय श्री अमित भाई शाह</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">श्री अरुण जेटली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">श्री रविशंकर प्रसाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डॉ</span><span lang="hi" xml:lang="hi">. </span><span lang="hi" xml:lang="hi">हर्षवर्धन व भाई रजत शर्मा आदि गणमान्य उपस्थित रहे। उक्त महानुभावों ने डिस्कवरी जीत की टीम को पूज्य महाराज श्री के संघर्षपूर्ण जीवन पर आधारित टीवी</span></strong></h5>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.patanjaliyogsandesh.com/article/1963/swami-ramdev-ek-sangharsh-ke-mega-primium-avsar-par"><img src="https://www.patanjaliyogsandesh.com/media/400/2023-08/172.jpg" alt=""></a><br /><h5 style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">       योग</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">आयुर्वेद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वदेशी और भारतीय संस्कृति</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सभ्यता व संस्कार को पूरी दुनियाँ के 190 से अधिक देशों तक पहुँचाने के संकल्प के साथ </span><span style="color:rgb(186,55,42);">'<span lang="hi" xml:lang="hi">स्वामी रामदेव </span><span lang="hi" xml:lang="hi">: </span><span lang="hi" xml:lang="hi">एक संघर्ष</span>’</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">परम पूज्य स्वामी जी महाराज के तपोमय जीवन पर आधारित इस धारावाहिक के मेगा प्रीमियर के अवसर पर दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में हज़ारों कर्मयोगी तथा माननीय श्री अमित भाई शाह</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">श्री अरुण जेटली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">श्री रविशंकर प्रसाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डॉ</span><span lang="hi" xml:lang="hi">. </span><span lang="hi" xml:lang="hi">हर्षवर्धन व भाई रजत शर्मा आदि गणमान्य उपस्थित रहे। उक्त महानुभावों ने डिस्कवरी जीत की टीम को पूज्य महाराज श्री के संघर्षपूर्ण जीवन पर आधारित टीवी सीरीज प्रारम्भ करने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया तथा सीरीयल की सफलता के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की। गौरतलब है कि यह धारावाहिक 12 फरवरी से सोमवार से शुक्रवार रात 8</span><span lang="hi" xml:lang="hi">:</span><span lang="hi" xml:lang="hi">30 बजे डिस्कवरी के नए चैनल डिस्कवरी जीत पर प्रसारित हो रहा है।</span></strong></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(35,111,161);"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">श्री अमित शाह (</span><span lang="hi" xml:lang="hi">राष्ट्रीय अध्यक्ष</span><span lang="hi" xml:lang="hi">- </span><span lang="hi" xml:lang="hi">भाजपा)</span></strong></span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वा</span><span lang="hi" xml:lang="hi">मी रामदेव जी महाराज के शुरूआती संघर्षपूर्ण जीवन के बारे में मुझे आज ही पता चला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन पिछले लगभग ३ दशकों से उनको संघर्ष करते हुए पूरा देश देख रहा है। स्वामी रामदेव जी ने अपने छोटे से जीवन में लगभग विस्मृत हो चुके योग एवं आयुर्वेद को एक बार फिर पूरी दुनियाँ के सामने पुन</span><span lang="hi" xml:lang="hi">:</span><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रतिष्ठापित करके सबके स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण कार्य किया है। स्वदेशी के लिए पहले भी कई लोगों ने अपना जीवन लगाया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">परन्तु विकल्प देने का काम किसी ने नहीं किया। स्वामी रामदेव जी ने पतंजलि के उत्पादों के माध्यम से स्वदेशी का विकल्प देश के सामने रखा। मैं स्वामी रामदेव जी से विनती करना चाहता हूँ कि आपने योग व आयुर्वेद को गौरव के साथ दुनियाँ के सामने प्रतिष्ठापित कर दिया। अब हमारी भारतीय शिक्षा पद्धति को भी गौरव के साथ प्रतिष्ठापित कीजिए। अक्सर मार्केट में सफल हुए व्यक्ति के बारे में युनिवर्सिटी के सन्दर्भ में पूछा जाता है कि यह कहाँ का प्रोडक्ट है लेकिन आज गौरव के साथ कह सकता हूँ कि स्वामी रामदेव जी गुरुकुल और हमारी भारतीय शिक्षा पद्धति के प्रोडक्ट हैं। भारतीय शिक्षा पद्धति को आधुनिक युग के अनुकूल बनाकर आगे ले जाने की बहुत जरूरत है क्योंकि हमारे ऋषि</span><span lang="hi" xml:lang="hi">-</span><span lang="hi" xml:lang="hi">मुनियों ने शिक्षा पद्धति पर महत्त्वपूर्ण काम किया है जो व्यक्ति के संस्कार और सत्व को समाहित करते हुए उसे आगे बढ़ाता है। मैं मानता हूँ कि इसमें विश्व की बहुत सारी समस्याओं का समाधान है। </span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(35,111,161);"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">श्री अरुण जेटली (</span><span lang="hi" xml:lang="hi">वित्त मंत्री</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारत सरकार)</span></strong></span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आ</span><span lang="hi" xml:lang="hi">ज स्वामी रामदेव जी महाराज को लेकर किसी न किसी प्रकार की चर्चा घर</span><span lang="hi" xml:lang="hi">-</span><span lang="hi" xml:lang="hi">घर में रहती है। स्वामी जी ने योग को </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">मासमूवमेंट</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">के रूप में इस देश में बढ़ाया है। जब वे भ्रष्टाचार से पीडि़त लोगों की आवाज बनकर एक आन्दोलनकर्ता के रूप में आगे आये यह समय उनकी कड़ी परीक्षा का वक्त था क्योंकि ऐसे संघर्ष का परिणाम भी कठिन ही होता है। शायद ही ऐसा कोई कानून था जिसका दुरुपयोग उस वक्त की सरकार ने नहीं किया हो। स्वामी जी ने लाखों</span><span lang="hi" xml:lang="hi">-</span><span lang="hi" xml:lang="hi">करोड़ों लोगों को अपने साथ खड़ा किया फिर भी सत्ता की राजनीति से अपने आपको दूर रखा और सुधार तक सीमित रखा। स्वामी जी की हमारे साथ कई बार देश के अर्थशास्त्र व कर व्यवस्था पर बहस हुई है। स्वामी जी की बहस में सबसे महत्त्वपूर्ण बात थी कि देश में बहुत अधिक कैश करेंसी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसे कम करना चाहिए। उस वक्त समझ में नहीं आता था लेकिन धीरे</span><span lang="hi" xml:lang="hi">-</span><span lang="hi" xml:lang="hi">धीरे देश के अर्थशास्त्रियों ने भी इसे स्वीकारना शुरू किया। पतंजलि ने आयुर्वेदिक दवाओं के साथ</span><span lang="hi" xml:lang="hi">-</span><span lang="hi" xml:lang="hi">साथ कंज्यूमर प्रोडक्ट्स को विस्तार से बड़ी से बड़ी कंपनियों के सामने खड़ा किया है और अब बड़ा कदम उठाया है कि इस व्यवसाय से आने वाले साधन को शिक्षा के क्षेत्र में लगायेंगे। </span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(35,111,161);"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">श्री रविशंकर प्रसाद (</span><span lang="hi" xml:lang="hi">कानून मंत्री</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारत सरकार)</span></strong></span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यह</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">भारत भूमि एक से बढ़कर एक महापुरुषों की जननी है। कुछ महापुरुष ऐसे होते है जो पूरे देश व समाज को जगाने में अपना जीवन लगा देते हैं। स्वामी रामदेव जी महाराज ने इस देश के संस्कार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संस्कृति व ऊर्जा को जगाया है। भारत सनातन धर्म से संस्कारित देश है और योग हमारी प्राचीन परम्परा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन योग को जनता और जनता के माध्यम से भारत व दुनियाँ में सम्मान दिलाने का जो कार्य किया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वह अपने आप में अभूतपूर्व है। एक ओर जहाँ मोदी जी की स्वच्छता से स्वस्थ भारत की संकल्पना है वहीं स्वामी जी ने योग से स्वस्थ व समृद्ध भारत का सपना देखकर इसे आन्दोलन का रूप देकर एक स्वस्थ भारत की परम्परा स्थापित की है। स्वामी जी ने एक बात भारत को बार</span><span lang="hi" xml:lang="hi">-</span><span lang="hi" xml:lang="hi">बार बताई कि </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">भारत की नियति है दुनियाँ की बड़ी ताकत बनना</span>’<span lang="hi" xml:lang="hi">। जिस आत्मविश्वास व उत्साह के साथ वे भारत की अन्दर की ऊर्जा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संस्कृति व संस्कार को जगाते है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारत की उद्यमशीलता को जगाते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वह अपने आप में भारत की जागृति के सन्दर्भ में एक ऐतिहासिक योगदान है। डिस्कवरी चैनल के माध्यम से उनका जीवन वृत्त जब भारत व पूरी दुनियाँ में जायेगा तो भारत के इस महान् व अद्वितीय योगदान को दुनियाँ देखेगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह गौरव की बात है। </span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(35,111,161);"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">डॉ</span><span lang="hi" xml:lang="hi">. </span><span lang="hi" xml:lang="hi">हर्षवर्धन (</span><span lang="hi" xml:lang="hi">विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री </span><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत सरकार)</span></strong></span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हम</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">भारतवासियों के लिए यह गर्व और सौभाग्य की बात है कि बाबा रामदेव हमारे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हमारे भारत के हैं। स्वामी जी ने योग के साथ</span><span lang="hi" xml:lang="hi">-</span><span lang="hi" xml:lang="hi">साथ राष्ट्र धर्म भी सिखाया है। बचपन में भी हम लोग स्वदेशी के बारे में बात करते थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">छोटी</span><span lang="hi" xml:lang="hi">-</span><span lang="hi" xml:lang="hi">छोटी एक्टिविटीज करते थे लेकिन सही मायने में ठोस संकल्पना पर काम करते हुए हमने किसी को देखा है तो वह बाबा रामदेव जी है। सन् २००० में जापान में आयोजित एक बैठक में दुनियाँ के चुनिन्दा १२५ लोगों ने एक मत होकर बड़े विश्वास के साथ कहा कि २१वीं शताब्दी में </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">हेल्थ एण्ड वेलफेयर सिस्टम डेवलपमेंट</span><span lang="hi" xml:lang="hi">’</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">तथा </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">हेल्थ फोर ऑल</span><span lang="hi" xml:lang="hi">’</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए दुनियाँ में अगर सबसे ज्यादा सकारात्मक भीतरी ऊर्जा कही से प्रतिपादित होगी तो  वह पतंजलि योग के माध्यम से होगी। मैं स्वयं आयुर्वेद का बहुत बड़ा समर्थक हूँ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मैंने स्वास्थ्य मंत्री के रूप में बाबा रामदेव जी महाराज एवं श्रद्धेय आचार्य बालकृष्ण जी को नजदीक से देखा है। उन्होंने आयुर्वेद के प्रति जिस प्रकार से कार्य करके दिखाया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारत के लोग हमेशा उनके ऋणी रहेंगे। डिस्कवरी के माध्यम से जिस सीरियल का प्रसारण होना है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मैं समझता हूँ कि इसका एक ही स्पष्ट और मूल उद्देश्य है कि कोई भी व्यक्ति जो जीवन में बड़ा सपना लेकर देश</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समाज में काम करना चाहता है या मूल परिवर्तन करना चाहता है तो उसके लिए जिस प्रकार की ऊर्जा और संघर्ष के साथ काम की आवश्यकता होती है वह बाबा रामदेव जी महाराज के जीवन से समझ सके। </span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span style="color:rgb(35,111,161);"><span lang="hi" xml:lang="hi">श्री रजत शर्मा (</span><span lang="hi" xml:lang="hi">चेयरमैन व संपादक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इण्डिया टी</span><span lang="hi" xml:lang="hi">.</span><span lang="hi" xml:lang="hi">वी</span><span lang="hi" xml:lang="hi">.)</span></span></strong></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वा</span><span lang="hi" xml:lang="hi">मी रामदेव जी के जीवन की कुछ झलकियाँ देखकर मुझे वो दिन याद आया जब पहली बार मेरी मुलाकाल स्वामी जी से हुई थी। उस समय भारत के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने एपिसोड की समाप्ति पर मुझे फोन किया और विनोद में पूछा कि यह प्राणी कहाँ से लेकर आए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कौन से लोक के है ये। जब आपकी अदालत देखता हूँ तो लोग आपके सवालों पर ताली बजाते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन पहली बार देख रहा हँू कि इस व्यक्ति के हर उत्तर पर लोगों ने  ताली बजाई। इससे स्वामी जी का तेजस्वी व तर्कपूर्ण व्यक्तित्व अभिव्यक्त होता है। मैंने स्वामी रामदेव जी के अलग</span><span lang="hi" xml:lang="hi">-</span><span lang="hi" xml:lang="hi">अलग रूप देखे हैं और आने वाले एपिसोड से आप जरूर उनका चित्रण देखेंगे। जो जीवन में विविधता देखते है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनसे बहुत कुछ सीखने को मिलता है। स्वामी रामदेव जी ने खूब लोकप्रियता हासिल की</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आन्दोलन भी किये</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विश्वास भी पाया लेकिन उसका इस्तेमाल लोगों की सेवा में किया। इनके नाम से आज भी कोई सम्पत्ति नहीं। ये वही पहनते है जो आज से कई साल पहले पहनते थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जीने का वही सरल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">साधारण सा तरीका है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसे जीवन से हमें यही सीखने का मौका मिलता है कि हम भी अपने लिए ही न जीकर दूसरों के लिए भी कुछ करें। उन्होंने योग और आयुर्वेद का प्रचार</span><span lang="hi" xml:lang="hi">-</span><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रसार दुनियाभर के देशों में कर दिखाया। स्वामी रामदेव पहले मात्र योगगुरु के रूप में जाने जाते थे लेकिन अब मैं उनमें एक मेडिकल साइंस का वह ज्ञान देखता हँू जो किसी बड़े से बड़े डॉक्टर से कम नहीं है। एक श्रेष्ठ शिक्षक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एक किसान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कृषि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पशुधन के बारे में जितना ज्ञान मैं इनमें देखता हूँ उतना एक साथ कहीं मिलना दुर्लभ है। मुझे विश्वास है कि जब इस कार्यक्रम के और एपिसोड देखेंगे तो स्वामी रामदेव के जितने भी रूप</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गुण व विशेषताएं हैं उन्हें देखने का मौका मिलेगा। इतने बड़े</span><span lang="hi" xml:lang="hi">-</span><span lang="hi" xml:lang="hi">बड़े कार्य कर देने के बाद भी इनको अहंकार छू नहीं पाया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह हम युवाओं को इनके जीवन से सीखना है। </span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(35,111,161);"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">श्री करण बजाज </span><span lang="hi" xml:lang="hi">वरिष्ठ उपाध्यक्ष</span>,<span lang="hi" xml:lang="hi">डिस्कवरी कम्युनिकेशंस इंडिया</span></strong></span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वा</span><span lang="hi" xml:lang="hi">मी रामदेव जी का जीवन एक मिसाल है उन्होंने पूरे देश में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पूरे विश्व में योग की क्रांति से लाखों</span><span lang="hi" xml:lang="hi">-</span><span lang="hi" xml:lang="hi">करोड़ों लोगों को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य प्रदान किया और पतंजलि के रूप में उन्होंने बिजनेस का एक नया स्वरूप दिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे हजारो लोग प्रेरित हुए है। मेेरे लिए यह कार्य स्वामी रामदेव नामक पर्वत का बहुत छोटा सा शिखर है। आज जब हम लोग स्वामी रामदेव जी की बात करते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो ज्यादातर हम उनकी सफलता की बात करते है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">परन्तु बहुत कम लोग है जो यह जानते है कि पूरी जिन्दगी में हर मोड़ पर उन्होंने बड़े संघर्ष का सामना किया और आज उसी को अपनी शक्ति बनाकर वो इस बड़े मुकाम पर पहुँचे है। डिस्कवरी जीत में 85 एपिसोड्स का शो बनाने के पीछे हमारा एक ही उद्देश्य था कि किसी भी छोटे गाँव में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हर एक छोटे शहर में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ना सिर्फ भारत में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि पूरे विश्व में जब एक बच्चा सपना देखे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">चाहे मैं किसी भी अभाव में हूँ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कितनी ही कठिन चुनौतियाँ मेरे सम्मुख हों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मैं पूरे समाज को परिवर्तित कर सकता हूँ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उसको लगे की यह सपना साकार हो सकता है क्योंकि स्वामी रामदेव ने यह सपना साकार करके दिखाया है। पहली बार यह घटना होने जा रही है कि 190 देशों में डिजिटल प्रसारण डिस्कवरी चैनल के माध्यम से हो रहा है तथा और भी कई देशों से लगातार प्रस्ताव आ रहे हैं।</span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मैं शुक्रिया अदा करता हूँ पूरी डिस्कवरी टीम का जिन्होंने पूरे वर्षभर स्वामी जी के साथ तथा और भी अन्य तरीके से खोज करके सुनिश्चित किया कि यह शो वास्तविकता पर आधारित हो।  </span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(35,111,161);"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">श्रद्धेय आचार्य (</span><span lang="hi" xml:lang="hi">बालकृष्ण जी महाराज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">महामंत्री</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पतंजलि योगपीठ)</span></strong></span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यह</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">परम सौभाग्य की बात है कि आज वेद परम्परा को पुन</span><span lang="hi" xml:lang="hi">: </span><span lang="hi" xml:lang="hi">स्थापित करने वाले महापुरुष महर्षि दयानन्द जी का भी जन्मदिवस है। हम महर्षि दयानन्द को स्मरण करते हुए  उनके चरणों में वंदन करते है। हमारी अध्यात्म की यात्रा का मूल महर्षि दयानन्द है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्हीं से प्रेरणा पाकर अथक पुरुषार्थ अनवरत संघर्ष करते हुए भी पूज्य स्वामी जी महाराज कभी थकते नहीं हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कभी हार नहीं मानते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">न तो स्वयं विश्राम लेते हैं न किसी को लेने देते हैं। इस दुनियाँ में संकल्प लेना सहज नहीं होता है और संकल्प लेकर के उसका निर्वहन करना और भी दुस्तर कार्य होता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसे दुस्तर कार्य को विरले ही महापु़रुष कर पाते हैं। यदि इतिहास और वर्तमान को देखा जाए तो मैं मानता हूँ श्रद्धेय स्वामी जी का  नाम एक अग्रणी व्यक्ति के रूप में हमेशा रहेगा।  </span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जब इतिहास बन रहा होता है तो बहुत लोगों को उसका बोध नहीं होता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आज वह इतिहास बन रहा है और हमें साक्षी बनने का भी सौभाग्य मिल रहा है। आज हमें उदाहरण के रूप में एक आदर्श</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एक वीर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एक क्रान्तिकारी या माँ भारती पर सर्वस्व आहूत करने वाले व्यक्तित्व की तलाश करनी हो तो नि</span><span lang="hi" xml:lang="hi">:</span><span lang="hi" xml:lang="hi">संदेह वह श्रद्धेय स्वामी जी के रूप में हमको दिखाई पड़ते हैं। हमारा सौभाग्य है कि हम उनसे जुड़े हुए है। उनके अभियान में अपनी आहुति देने के लिए हम तत्पर और संलग्न है। इस सौभाग्य में जीने वाले करोड़ों</span><span lang="hi" xml:lang="hi">-</span><span lang="hi" xml:lang="hi">करोड़ों भाई</span><span lang="hi" xml:lang="hi">-</span><span lang="hi" xml:lang="hi">बहन तथा जो भारतीय संस्कृति व परम्परा को आदर्श मानते हैं उनके लिए आदर्श पुरुष के रूप में श्रद्धेय स्वामी जी को देखते हुए अंत</span><span lang="hi" xml:lang="hi">:</span><span lang="hi" xml:lang="hi">करण में कहीं गहरी प्रसन्नता होती है।</span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">डिस्कवरी विविध ज्ञान और विज्ञान को देश और दुनियाँ में पहुँचाता हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">परन्तु डिस्कवरी जीत भारतीय संत परम्परा की और उस परम्परा को जीने वाले किसी व्यक्ति को दुनियाँ के कोने</span><span lang="hi" xml:lang="hi">-</span><span lang="hi" xml:lang="hi">कोने तक पहँुचाने का कार्य कर रहा है। यदि कोई विदेशी चैनल एक संन्यासी को पूरी दुनियाँ में पहुँचाने का संकल्प लेकर के आता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो मैं समझता हूँ कि यह स्वदेशी की विजय का बहुत बड़ा प्रमाण है। पहली घटना है जब किसी व्यक्तित्व के जीवन पर ८५ एपिसोड्स बनाए गए हों। इससे भारतवर्ष में अपितु दुनियाँ के विविध देशों में विभिन्न भाषाओं में पहुँचाने का प्रयास सफल होगा। ये स्वदेशी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीयता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय संस्कृति</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सनातन वैदिक संस्कृति की जीत है। भारतीय परम्परा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय जीवन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय दर्शन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय संन्यास परम्परा क्या होती है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">इसके माध्यम से पूरी दुनियाँ जानेगी। योग और इस संघर्षमय जीवन को लोग घर बैठे पूरी दुनियाँ में देख पायेंगे। यह कार्य डिस्कवरी चैनल ने किया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसके लिए मैं चैनल को बधाई देता हँू और जिन पात्रों ने इस कठिन कार्य का जीवन्त निर्वहन किया है उन सभी अदाकारों को हृदय से शुभकामनाएं देता</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">हूँ और साथ ही डिस्कवरी चैनल की पूरी टीम को भी शुभकामनाएं जिन्होंने पूरी कर्मठता से कार्य पूरा किया।</span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अच्छा जीवन जीना कठिन होता है लेकिन उसका अभिनय करना भी कठिन होता है तथा कठिन एवं संघर्षमय जीवन जीने वालों का अभिनय करना हो तो और भी दुस्तर होता है। ऐसे दुस्तर अभिनय को स्वरूप प्रदान करने वाले दोनों कलाकारों क्रान्तिप्रकाश झा और नमन जैन का हम हृदय से अभिनंदन करते हैं।  </span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(35,111,161);"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">परम पूज्य योगऋषि </span><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वामी रामदेव जी महाराज</span>, (<span lang="hi" xml:lang="hi">संस्थापक अध्यक्ष</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पतंजलि योगपीठ)</span></strong></span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">ज्ञान</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">संवेदना और पुरुषार्थ का सामथ्र्य भगवान् का दिया हुआ है। </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">ज्ञान और विश्वास से युक्त पुरुषार्थ और परमार्थ</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">एक वाक्य में मैंने जीवन का यही सत्य समझा हैं। जो लोग विवादों और विरोधों के बीच आगे बढ़ते हैं वही उनकी ताकत बन जाती है। हम जिस शिक्षा</span><span lang="hi" xml:lang="hi">-</span><span lang="hi" xml:lang="hi">दीक्षा के माध्यम से दीक्षित हुए है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उस भारतीय प्राचीन शिक्षा पद्धति की देश में पुन</span><span lang="hi" xml:lang="hi">: </span><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रतिष्ठा हो। हम अपना पूरा समय और सामथ्र्य इस देश की शिक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संस्कार और भारतीय पारम्परिक शिक्षा को पुन</span><span lang="hi" xml:lang="hi">: </span><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रतिष्ठापित करने के लिए लगाएंगे। हम देश ही नहीं दुनियाँ को बदलने का सामथ्र्य रखते हैं और हम यह करके भी दिखायेंगे। मैकाले की शिक्षा पद्धति के स्थान पर भारतीय शिक्षा पद्धति की जीत का गीत देश गायेगा। संघर्ष का परिणाम सफलता है और प्रमाद का परिणाम पतन है। मैंने अपने जीवन में कृतज्ञता को सबसे अधिक महत्त्व दिया है। इस देश के लाखों</span><span lang="hi" xml:lang="hi">-</span><span lang="hi" xml:lang="hi">करोड़ों लोगों का साथ हमें मिला है। इसके लिए मैं हमेशा कृतज्ञ रहूँगा। मैं डिस्कवरी जीत चैनल का भी कृतज्ञता पूर्वक धन्यवाद ज्ञापित करता हूँ।</span></h5>]]></content:encoded>
                
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                                            <category>योग संदेश</category>
                                            <category>राष्ट्र निर्माण</category>
                                            <category>सनातन वैभव</category>
                                            <category>March</category>
                                            <category>2018</category>
                                            <category>मार्च</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 01 Mar 2018 21:48:45 +0530</pubDate>
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