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                <title>ई.ओ. नागपुर स्पार्क व्यापार सम्मलेन में पतंजलि के स्वदेशी के आंदोलन का दर्शन - योग संदेश</title>
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                <description>ई.ओ. नागपुर स्पार्क व्यापार सम्मलेन में पतंजलि के स्वदेशी के आंदोलन का दर्शन RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ई.ओ. नागपुर स्पार्क व्यापार सम्मलेन में पतंजलि के स्वदेशी के आंदोलन का दर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्र. क्या आप साइंटिस्ट संन्यासी हैं</span>?</strong></span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(35,111,161);"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">उ.</span></strong></span> <span lang="hi" xml:lang="hi">मैं तंत्र-मंत्र-यंत्र-षड्यंत्र</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शनि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राहु</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">केतु</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भूत</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रेत</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वास्तु</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ज्योतिष के नाम पर एक बार भी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कभी भी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">किसी भी प्रकार का अंधविश्वास नहीं फैलाया। देश में जातिवाद और संप्रदायवाद को नहीं फैलाया। मैं जहाँ भी काम करता हूँ- चाहे वह योग है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आयुर्वेद है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वदेशी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कृषि या अनुसंधान आदि कोई भी क्षेत्र हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">साइंटिफिक एप्रोच के साथ करता हूँ। आज हिन्दुस्तान में हमने दो लाख लोगों को रोजगार दिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एक करोड़ से ज्यादा किसानों को</span></h5>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.patanjaliyogsandesh.com/article/1614/nagpur-spark-vyapar-sammelan-me-patanjali-ke-swadeshi-ke-andolan-ka-darshan"><img src="https://www.patanjaliyogsandesh.com/media/400/2023-06/404.jpg" alt=""></a><br /><h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्र. क्या आप साइंटिस्ट संन्यासी हैं</span>?</strong></span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(35,111,161);"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">उ.</span></strong></span> <span lang="hi" xml:lang="hi">मैं तंत्र-मंत्र-यंत्र-षड्यंत्र</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शनि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राहु</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">केतु</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भूत</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रेत</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वास्तु</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ज्योतिष के नाम पर एक बार भी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कभी भी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">किसी भी प्रकार का अंधविश्वास नहीं फैलाया। देश में जातिवाद और संप्रदायवाद को नहीं फैलाया। मैं जहाँ भी काम करता हूँ- चाहे वह योग है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आयुर्वेद है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वदेशी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कृषि या अनुसंधान आदि कोई भी क्षेत्र हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">साइंटिफिक एप्रोच के साथ करता हूँ। आज हिन्दुस्तान में हमने दो लाख लोगों को रोजगार दिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एक करोड़ से ज्यादा किसानों को अपने साथ जोड़ा। हमने विश्व के पाँच बड़े इन्स्टीट्यूट दिए हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें विश्व का सबसे बड़ा योग का इन्स्टीट्यूट है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वह भी साइंटिफिक रिसर्च के साथ। विश्व का सबसे बड़ा फूड पार्क</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विश्व का सबसे बड़ा योग आयुर्वेद का अनुसंधान संस्थान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक चिकित्सा का केन्द्र और विश्व का सबसे बड़ा पारम्परिक व आधुनिक शिक्षा जो जोडऩे वाला पतंजलि विश्वविद्यालय। हमने ये पाँच बड़ी देन देश को दी हैं।</span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्र.</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">क्या कारण है कि आपने इनमें बड़ी सफलता प्राप्त की </span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">क्या पहले लोगों ने इसे ट्राई नहीं किया</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">क्या आजकल स्वदेशी में ज्यादा विश्वास है</span>?</strong></span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उ.</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">काम बहुत ज्यादा अलग-अलग नहीं होते। आप उस कार्य को कितने जुनून से करते हैं और क्या उसमें वेल्यु एडिशन है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नई पीढ़ी के साथ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नए संसार के साथ आपका जुड़ाव कैसा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस पर निर्भर करता है। मैंने योग का वेल्यु एडिशन किया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मुझसे पहले पूर्वज ऋषि तो सभी योगी थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बीच में धीरेन्द्र ब्रह्मचारी जी ने भी किया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन कोई योगी देश-दुनिया में स्वामी रामदेव की तरह योग को लोकप्रिय नहीं कर पाया। लोगों ने योग को बहुत जटिल सा बना दिया था। मैंने रहस्य की सारी पर्तें हटाई और योग को त्वरित उपचार (इंस्टेंट ट्रीटमेंट) के रूप में प्रस्तुत किया। अभी करो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अभी पाओ। योग से रक्तचाप</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मधुमेह</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">थाइराइड</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हेपेटाइटिस</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कोलाइटिस</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सोराइसिस आदि ठीक कर दिए। मैंने योग को सरलीकृत (सिम्प्लिफाइड) किया। आधुनिक विज्ञान जिसे लाइलाज बता रहा था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मैंने उसे क्योर कर दिया। उसके साइंटिफिक एवीडेंस है। दुनिया में जो नहीं हुआ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वह मैंने योग के द्वारा किया। विश्व का सबसे बड़ा फूड पार्क हमने बनाया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसमें भी हमने मूल्य संवर्धन (वेल्यु एडिशन) किया है। नो एडल्टेशन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अधिकतम जितना हो सके प्राकृतिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जैविक और खासकर कम मूल्य पर उच्च गुणवत्ता की वस्तुएँ तैयार की। आज तक किसी भी बाबा ने कोई रिसर्च सेंटर नहीं बनाया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हमने वह बनाया और प्रधानमंत्री जी से उद्घाटन करवाया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे दुनिया का ध्यान जाएं कि मैं झोपड़ी में रहता हँू</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जमीन पर सोता हँू</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन मैं साइंटिफिक रिसर्च</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इनोवेशन इन्वेंशन में भरोसा रखता हँू। और वेल्थ का प्रोसेस क्या है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">जब आपका नॉलेज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इनोवेशन इन्वेंशन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रोडक्टिविटी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्रियेटिविटी और आपके पास में जो कुछ भी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">चाहे आपके पास शक्ति है या आपकी कमियाँ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कमजोरियाँ है या जो भी उत्तम है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन सबको आप वेल्थ में कैसे कन्वर्ट कर सकते हैं। तो इसके लिए जो आज तक किसी ने नहीं सोचा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फोकस नहीं किया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वह हमने सोचा और करके दिखाया। क्योंकि केवल सोचने से बात नहीं बनती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसको निरन्तर तब तक आगे बढ़ाया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब तक वह सफलता के शिखर पर नहीं पहुँच गया।</span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span style="color:rgb(224,62,45);"><span lang="hi" xml:lang="hi">प्र.</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">सूत्रों के अनुसार आप पतंजलि को चाइना में लेकर जा रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्या प्लान है आपका वहाँ</span>?</span></strong></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उ.</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">चाइना ही नहीं पूरी दुनिया में लेकर जा रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ब्रिटेन भी लेकर जा रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यूरोप में लेकर जा रहे हैं और इंग्लैण्ड बहुत सारा माल हमसे लूट कर लेकर गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कुछ वहाँ से वापस लाना है।</span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्र.</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">आपको लगता है ऐसे मार्केट्स है वहाँ</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">और चाइना की सरकार भी आपके साथ है और जमीन दे रही है</span>?</strong></span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उ.</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">पूज्य आचार्य बालकृष्ण जी महाराज पिछले दिनों जब चाइना गए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो दस हजार एकड़ जमीन देने का उन्होंने प्रस्ताव दिया है। पतंजलि योगपीठ जैसा एक पूरा सेन्टर बनाकर देने का प्रस्ताव उन्होंने दिया है। </span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्र.</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">आप इस तरह कैसे कहेंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कि आप मल्टीनेशनल से अलग हैं</span>?</strong></span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उ.</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">यह आप किसी से भी पूछ सकते हैं कि पतंजलि और </span>MNC’s <span lang="hi" xml:lang="hi">में क्या अन्तर है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">वो रोजगार के नाम पर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कुछ सिक्रेट रॉ मैटीरियल भेजने के नाम पर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रोफिट के नाम पर हर साल लाखों-करोड़ों रुपये देश के बाहर लेकर जाती है। करीब ५० लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था पर विदेशी कम्पनियों का कब्जा है। पतंजलि लो-प्रोफिट पर काम करती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसमें भी १००% चैरिटी की जाती है। हमारा यह संकल्प</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विजन या प्रिंसिपल है कि हमारा अर्थ परमार्थ के लिए है। विदेशी कम्पनियों की बात छोड़ो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कोई भी बड़ी देशी कंपनी भी आए मैदान में और बताएं कि क्या उनका १००% प्रोफिट चैरिटी के लिए होता है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">दूसरी बात</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हम लो-प्रोफिट वाले बिजनेस को सफल करना जानते हैं। इसलिए पतंजलि ने सबसे बड़ा फूड पार्क बनाया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आज तक कोई भी कॉर्पोरेट फूड बिजनेस में सफल नहीं हो पाया था। तीसरी बात</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मैं मात्र एक आर्थिक साम्राज्य खड़ा करने वाला संन्यासी नहीं हूँ। मैंने देश के करोड़ों लोगों को रोग मुक्त किया है। करोड़ों लोग को नशामुक्त किया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">करोड़ों के जीवन में आशा और विश्वास जगाया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आत्मस्पर्धा और आत्म-प्रेरणा से आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया है। सबसे बड़ी बात है कि विदेशी कम्पनियों के सामने कोई देशी ब्राण्ड भी खड़ा हो सकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">देशवासियों  में यह विश्वास जगाया है। यह अन्तर है </span>MNC’s<span lang="hi" xml:lang="hi"> और पतंजलि में।</span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span style="color:rgb(224,62,45);"><span lang="hi" xml:lang="hi">प्र.</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">आपने शिक्षा में भी अपना ब्राण्ड स्थापित करने के प्लान्स बनाए हैं। आप कहते हैं कि भारत की ग्लोबल यूनिवर्सिटी होनी चाहिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्या कहेंगे आप</span>?</span></strong></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उ.</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">अभी करीब १० हजार बच्चों को शिक्षा-दीक्षा दी है। मैं हिन्दुस्तान में अच्छे डॉक्टर देखना चाहता हू</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अच्छे इंजीनियर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अच्छे साइंटिस्ट्स</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अच्छे पॉलिटीशियन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अच्छे कॉर्पारेट देखना चाहता हूँ और अच्छे संन्यासी भी बना रहा हूँ। </span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मैं एक सपना लेकर जी रहा हूँ कि जब ८५ लाख की आबादी वाला इजराइल देश विश्व में एक मजबूत देश बनकर खड़ा है और सारी दुनिया उसका लोहा मानती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो मैं भारत में भी ऐसे नागरिक तैयार करना चाहता हूँ जो भारत को पूरे विश्व में सशक्त बनाने में अग्रसर हों। इसलिए हमने एक हजार एकड़ जमीन ले ली है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और आने वाले समय में पतंजलि का अधिकतम करीब ७०-८० प्रतिशत लाभांश उसी के लिए जाएगा। इसमें २०-२५ साल लग सकते है। मैं जहाँ तक पहुँचा हूँ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वह भी २०-२५ सालों में पहुँचा हूँ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एक दिन में नहीं। अगले बीस सालों में मैं विश्व की सर्वश्रेष्ठ यूनिवर्सिटी भारत को दूँगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें एक लाख बच्चे पढ़ सकेंगे और भारत के बच्चे जो पढऩे के लिए अमेरिका</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आस्ट्रेलिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अमेरिका</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ब्रिटेन जा रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्हें नहीं जाना पड़ेगा। बल्कि दुनिया के लोग भारत में पढऩे के लिए आएंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वह दिन मैं देखना चाहता हूँ। जैसे भारत के लोग विदेशी दूतावासों के सामने वीजा के लिए लाईन में लगते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मैं वो दिन देखना चाहता हूँ जब भारत के दूतावासों में विदेशी लोग लाईन में खड़े हो और हम चयन करें कि कौन यहाँ पढऩे के लिए आएगा।</span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span style="color:rgb(224,62,45);"><span lang="hi" xml:lang="hi">प्र.</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">विदेशी भाषा के बारे में आपका एक व्यू है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्या आपको लगता है कि भारत में विदेशी भाषा और विदेशी विश्वविद्यालय कम प्रचलित होनी चाहिए</span>?</span></strong></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi"><span style="color:rgb(35,111,161);"><strong>उ</strong></span>.</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">मेरी पहली प्राथमिकता हिंदी भाषा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फिर संस्कृत है। मैं तमिल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तेलगु</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कन्नड़</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मलयालम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मराठी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गुजराती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बांग्ला आदि कम से कम २५ भाषाओं को समझता हूँ और पाँच भाषाओं में बोलना जानता हूँ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन मैं कहता हूँ कि अपनी भाषा पर गर्व करें और यही होना चाहिए। साइंस और टेक्नॉलोजी भाषा से नहीं ब्रेन (मस्तिष्क) से आती है। कोरियन लोगों ने अपनी कोरियन भाषा में अपने अनुसंधान व अध्ययन किये। जापान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इटली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फ्रांस</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जर्मनी और चाइना के लोगों ने भी अपनी स्वयं की भाषा में रिसर्च किए हैं।</span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्र.</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जैसे आपने कहा कि योग वैश्विक स्तर पर स्वीकृत है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">योग दिवस भी मनाया जा रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आपको क्या लगता है कि आने वाले समय में लोग योग के कंसेप्ट को कैसे ग्रहण करेंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसे समय पर जब बहुत सारे लोग प्रदूषण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फिटनेस और स्वास्थ्य के कारण से जागरूक हो रहे हैं</span>?</strong></span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(35,111,161);"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">उ.</span></strong></span> <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रदूषण एक बहुत बड़ी चुनौती है या यूँ कहें कि पूरे विश्व की सबसे बड़ी चुनौती और समस्या प्रदूषण ही है। स्वच्छ प्राकृतिक वातावरण हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती है और आगे वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और डाटा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ये तीनों बड़ी चुनौतियाँ हमारे सामने रहेंगी। डाटा कोलोनाइजेशन और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंसी के नाम पर कोलोनाइजेशन होगा और प्रकृति व वातावरण का विध्वंस होगा। इससे बचने के लिए हमें सोचना पड़ेगा। मैं इस दिशा में भी सोचता हू। </span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span style="color:rgb(224,62,45);"><span lang="hi" xml:lang="hi">प्र.</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">आपने डेटा कोलोनाइजेशन के बारे में बोला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आजकल की हेडलाइन्स भी है। भारत चाहता है कि हमारा डेटा देश में ही रहे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आप क्या कहेंगे</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">यह काम अभी तक क्यू नहीं हुआ</span>?</span></strong></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(35,111,161);"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">उ.</span></strong></span> <span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसा होना चाहिए। फेसबुक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ट्विटर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">व्हाट्स-एप से भी बड़ी चीजें हम हिन्दुस्तान में खड़ी कर सकते हैं। चाइना ऐसा कर भी रहा है। भारत में ऐसा अभी तक इसलिए नहीं हुआ कि लोग यह सोचते है कि ये (कम्पनियाँ) इतनी बड़ी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इनके सामने हम खड़े कैसे हो पाएंगे। यह एक भय और दीवार है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मैं इसे ढ़हाना चाहता हूँ । पूज्य आचार्य बालकृष्ण जी और मैं तुम्हारे सामने हूँ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनपढ़ माँ-बाप के घर में पैदा हुए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सरकारी स्कूल और गुरुकुल में पढ़े और जब इन विदेशी कम्पनियों से भी बड़ा ब्राण्ड देश में खड़ा कर दिया तो तुम्हारी ताकत इसमें नहीं है कि तुमने किस विदेशी कम्पनी में कितना बड़ा पद (ओहदा) पा लिया है या किसी दूसरी कम्पनी के लिए जॉब वर्क करते हो। नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तुम्हारी ताकत यह है कि हिन्दुस्तान में साइंस</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">टेक्नॉलोजी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इन्नोवेशन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इन्वेन्शन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रोडक्शन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मैन्यूफैक्चङ्क्षरग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">किसी भी क्षेत्र में हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तुम दुनिया में सर्वश्रेष्ठ कर सकते हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन उसके लिए कुछ पागल लोग चाहिए...... मेरे जैसे। </span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्र.</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">नया ब्राण्ड खड़ा करने के लिए क्या करें</span>? </strong></span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(35,111,161);"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">उ.</span> </strong></span><span lang="hi" xml:lang="hi">आपको नया ब्राण्ड खड़ा करने के लिए नया करना पड़ेगा। मैंने नई-नई चीजों को खोजा और उन्हें लगातार प्रचलित किया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसे नहीं कि एक कार्य चालू किया फिर दूसरा चालू कर दिया और पहला छोड़ दिया। जब तक लॉजिकल कन्क्लुज़न तक नहीं पहुँच जाओ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब तक अपने काम में लगे रहो। एक दिन तुम दुनिया का सबसे बड़ा आर्थिक साम्राज्य खड़ा कर लोगे। आर्थिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राजनैतिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सामाजिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">धार्मिक क्षेत्र में सफलता का सबसे बड़ा आधार पुरुषार्थ की निरंतरता ही है। सब लोग केमिकल वाले टूथपेस्ट कर रहे थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">केमिकल वाले शैम्पू प्रयोग करते थे। हमने दन्तकांति और केशकांति जैसे आयुर्वेदिक उत्पाद दिए। मैंने एलोविरा का ब्राण्ड खड़ा कर दिया। जो किसान राजस्थान की बंजर भूमि में एक एकड़ में पाँच-दस हजार की भी पैदावार नहीं कर पाते थे। ५० हजार से १ लाख रुपये प्रतिवर्ष एक एकड़ में स्वामी रामदेव</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आचार्य बालकृष्ण और पतंजलि उन किसानों को देता है एवं सैकड़ों करोड़ रुपये हम किसानों के घर में हर साल सीधा एलोविरा के माध्यम से पहुचाते हैं। जिनको चारों वेदों के नाम नहीं पता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्हें भी वेदशक्ति निकालना पड़ा। अब </span>MNS’s <span lang="hi" xml:lang="hi">को ऐलोविरा उतारना पड़ा। देश में फ्रूट जूस थोड़ा बहुत पीते थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मैंने देश को आँवला-ऐलोविरा के रूप में मेडिकेटेड जूस पीना सिखाया। मैंने कड़वी गिलोय का जूस पीना सिखा दिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे डेंगू</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वाईन फ्लू</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">चिकनगुनिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शुगर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बीपी आदि कण्ट्रोल होता है। मैं आपके सामने हूँ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पिछले चालीस साल से एक भी बार बीमार नहीं हुआ।  </span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्र.</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">क्या आप अपने आपको बिजनेस मैन मानते हैं</span>?</strong></span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(35,111,161);"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">उ.</span> </strong></span><span lang="hi" xml:lang="hi">मैं १०० प्रतिशत आध्यात्मिक व्यक्ति (</span>Spiritual Man)<span lang="hi" xml:lang="hi"> हूँ</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">। लेकिन अपने सामाजिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">धार्मिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आध्यात्मिक और राष्ट्रीय लक्ष्यों को पाने के लिए और अपने इस पूरे मिशन को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आर्थिक साम्राज्य खड़ा किया हैं। </span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span style="color:rgb(224,62,45);"> <span lang="hi" xml:lang="hi">प्र.</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">एक बिजनेस मैन अपने जीवन में योग का लाभ कैसे ले सकता है</span>?</span></strong></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(35,111,161);"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">उ.</span></strong></span> <span lang="hi" xml:lang="hi">यदि आपको बहुत अच्छा बिजनेस करना है तो पहले तो अपने आपको संभालना आना चाहिए। जो अपने आपको नहीं संभाल पाता है वह बिजनेस को क्या संभाल पाएगा। योग करने से आपके शरीर पर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मन पर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भावनाओं और क्रियाओं पर एवं दिमाग पर नियंत्रण आएगा। ९५-९९ प्रतिशत आपका ज्ञान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भावनाएँ और शक्ति सुप्त अवस्था में रहती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">योग से आप उसको जागृत कर सकते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए प्रतिदिन योग जरूर करें।</span></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>योग संदेश</category>
                                            <category>कार्यशाला</category>
                                            <category>2019</category>
                                            <category>मार्च</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 Mar 2019 21:45:04 +0530</pubDate>
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