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                <title>पतंजलि योगविज्ञान शिविर - योग संदेश</title>
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                <description>पतंजलि योगविज्ञान शिविर RSS Feed</description>
                
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                <title>पतंजलि योगविज्ञान शिविर, नेपाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:right;"><strong><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:'Arial Unicode MS', sans-serif;" xml:lang="hi">योगऋषि स्वामी रामदेव</span></strong></p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.patanjaliyogsandesh.com/article/2294/patanjali-yog-vigyan-shivir-nepal"><img src="https://www.patanjaliyogsandesh.com/media/400/2023-09/337.jpg" alt=""></a><br /><h5 style="text-align:justify;" align="center"><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">पतंजलि देगा नेपाल के  हजारों युवकों को रोजगार :</span></strong></span></h5>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h5><span lang="hi" xml:lang="hi">नेपाल के राष्ट्रपति ने किया पतंजलि आयुर्वेद का उद्घाटन</span></h5>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h5><span lang="hi" xml:lang="hi">लाखों नेपाल वासियों के बीच प्रधानमंत्री प्रचण्ड ने पूज्यवर के साथ किया योगाभ्यास</span></h5>
</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">नेपाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नवम्बर। पतंजलि योगपीठ द्वारा नेपाल में आयोजित शिविर में हजारों नेपाल वासियों ने सहभागिता की एवं पूज्य स्वामी रामदेव जी महाराज द्वारा बताये स्वस्थ जीवन के अनेक योगसूत्र सीखे। शिविर के प्रथम दिन नेपाल की राष्ट्रपति श्रीमती विद्यादेवी भंडारी पधारीं और वहां चल रहे पांच दिवसीय शिविर एवं पतंजलि आयुर्वेद का शिलान्यास किया। उन्होंने योगऋषि पूज्य स्वामी रामदेव जी महाराज एवं श्रद्धेय आचार्य बालकृष्ण जी महाराज से मुलाकात में स्वस्थ एवं समृद्धशाली नेपाल पर विशेष चर्चा की।</span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">नेपाल के वीरगंज स्थित आदर्श नगर रंगशाला में योग विज्ञान शिविर में नेपाल के राष्ट्रपति ने कहा- नेपाल ऋषि-मुनियों की साधना स्थली है। नेपाल को प्रकृति ने अनुपम उपहार दिये हैं। यदि यहां के लोग योग को अपनाते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो नेपाल में स्वस्थ समाज की स्थापना होगी।</span></h5>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi"><img src="https://www.patanjaliyogsandesh.com/media/2023-09/368.jpg" alt="36"></img></span></p>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">श्रीमती भंडारी जी ने योग-आयुर्वेद के क्षेत्र में योगऋषि पूज्य स्वामी रामदेव जी महाराज एवं श्रद्धेय आचार्य बालकृष्ण जी महाराज की सराहना करते हुए कहा कि स्वामी रामदेव के प्रयास से दुनियां में योग के प्रति जागरूकता आई और विश्व के करोड़ों लोग इस योग से ऊर्जित हो निरोग बने हैं। वहीं आचार्य जी के पुरुषार्थ से नेपाल व दुनियां के अनेक देशों में पैदा होने वाली जड़ी बूटियों के प्रति वहां के लोगों में आयुर्वेदिक महत्व बढ़ा है।</span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">योगऋषि पूज्य स्वामी रामदेव जी महाराज ने कहा नेपाल एक हजार वर्ष पुराना देश है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह देश अध्यात्म के लिए पूरी दुनियां में जाना जाता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यहां लोग जब बलि प्रथा अपनाते हैं तो कष्ट होता है। इसका कारण है धार्मिक त्रुटियां जिसे दूर करना हमारा भी धर्म है। स्वामी जी ने कहा अब नेपाल में वंशवाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जातिवाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">माओवाद नहीं योगवाद चलेगा। जरूरत है शांति के लिए संविधान में सबको बराबरी का हक मिले।</span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">योगऋषि पूज्य स्वामी रामदेव जी महाराज ने नेपाल वासियों के जीवन में निरोगता एवं समृद्धि लाने के लिए पतंजलि द्वारा हर संभव योगदान का संकल्प व्यक्त किया।</span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">श्रद्धेय आचार्य बालकृष्ण जी महाराज ने कहा नेपाल में प्राकृतिक वनौषधियों का अकूत भंडार है। नेपाल में उत्पादित होने वाली प्राकृतिक जड़ी-बूटियों एवं वनौषधियों के प्रसंस्करण पर बल देते हुए उन्होंने कहा इस प्रयोग से नेपाल के लाखों युवाओं को रोजगारोन्मुख किया जा सकता है।</span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">हजारो युवाओं को रोजगार:</span></strong></span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">पूज्य स्वामी रामदेव जी महाराज नेपाल की राष्ट्रपति विद्या भंडारी के साथ दक्षिण नेपाल के बारा जिले में पतंजलि आयुर्वेद ग्रामोद्योग के नए संस्थान के उद्घाटन अवसर पर कहा कि वह नेपाल में अरबों रुपये का निवेश करेंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे हजारों युवाओं के लिए रोजगार पैदा होंगे।</span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वामी जी महाराज ने इस अवसर पर फेडरेशन ऑफ नेपाली चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के सदस्यों और अधिकारियों के साथ भी बातचीत की।</span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">एक अन्य सभा में नेपाल के प्रधानमंत्री श्री पुष्पकमल दहाल प्रचण्ड ने कहा पतंजलि आयुर्वेद ग्रामोद्योग में जैविक औषधियों और अन्य उत्पादों के विनिर्माण से बड़ी संख्या में स्वामी जी आयुर्वेदिक दवाओं का उत्पादन करेंगे और इससे हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष रूप से और नेपाल के लाखों किसानों व अन्य गरीब वर्ग को अप्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त होगा। आगे पतंजलि योगपीठ की स्थापना भी अब यहां के गांव-गांव में होगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें लोगों को जड़ी-बूटी की खेती करने व स्वस्थ रहने के लिए नित्य योगाभ्यास से जोड़ा जायेगा।</span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">धर्म बलि प्रथा की अनुमति नहीं देता:</span></strong></span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">छिन्नमस्ता भगवती शक्तिपीठ साखड़ा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सप्तरी में हजारों-लाखों को बलि प्रथा निवारण हेतु संकल्पित कराते हुए योगऋषि पूज्य स्वामी जी ने कहा कि नेपाल में बलि प्रथा बंद होनी चाहिए। क्योंकि कोई धर्म बलि प्रथा की अनुमति नहीं देता। वास्तव में श्रेष्ठ कर्म को धर्म मानकर कार्य करने से ही विकास संभव होगा। वास्तव में बलि प्रथा अंधविश्वास है।</span></h5>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi"><img src="https://www.patanjaliyogsandesh.com/media/2023-09/324.jpg" alt="32"></img></span></p>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">ज्ञातव्य कि ऐतिहासिक गढ़ीमाई मेला पांच वर्ष में एक बार लगता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां करीब डेढ़ लाख पशुओं की बलि होती है। इसी प्रकार अनेक स्थल हैं। स्वामी जी ने कहा आगे भी वह बलि प्रथा रोकने के लिए मंदिर के पुजारी व प्रबुद्धजनों से बातचीत करके समाधान निकालते रहेंगे। </span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कहा पतंजलि योगपीठ करोड़ों की आयुर्वेदिक औषधियां सस्ते दामों में नेपाल को भेजता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इससे योगपीठ को  प्रतिवर्ष ५० करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। नेपाल में उद्योग स्थापित होने से आयुर्वेदिक औषधियां सस्ते दामों में नेपाल को मिलेंगी और नेपाल स्वयं भी समृद्धशाली हेगा।</span></h5>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>योग संदेश</category>
                                            <category>संस्था समाचार</category>
                                            <category>2017</category>
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                <pubDate>Sun, 01 Jan 2017 21:50:28 +0530</pubDate>
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