<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.patanjaliyogsandesh.com/tag/4711/%E0%A4%AC%E0%A4%9A%E0%A5%8D%E0%A4%9A%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%B0%E0%A4%A3-%E0%A4%B6%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%AC%E0%A4%A2%E0%A4%BC%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%95-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%97" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>योग संदेश RSS Feed Generator</generator>
                <title>बच्चों के स्मरण शक्तिबढ़ाने में सहायक प्रयोग - योग संदेश</title>
                <link>https://www.patanjaliyogsandesh.com/tag/4711/rss</link>
                <description>बच्चों के स्मरण शक्तिबढ़ाने में सहायक प्रयोग RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बच्चों के स्मरण शक्ति बढ़ाने में सहायक प्रयोग</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:right;"><strong><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:'Arial Unicode MS', sans-serif;" xml:lang="hi"><span> </span>डॉ प्रत्यूष कुमार</span>, </strong><strong><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:'Arial Unicode MS', sans-serif;" xml:lang="hi">एसोसिएट प्रोफेसर</span>, </strong><strong><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:'Arial Unicode MS', sans-serif;" xml:lang="hi">पतंजलि आयुर्वेद कालेज</span>, </strong><strong><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:'Arial Unicode MS', sans-serif;" xml:lang="hi">हरिद्वार</span></strong></p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.patanjaliyogsandesh.com/article/2350/bachchon-ke-smaran-shakti-badhane-m-e-sahayak-prayog"><img src="https://www.patanjaliyogsandesh.com/media/400/2023-09/545.jpg" alt=""></a><br /><h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">परीक्षा</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">का याद्दाश्त से गहरा संबंध है। </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">मार्च से अप्रेल</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">लगभग सम्पूर्ण भारत में परीक्षाओं का माह माना जाता है। हर अभिभावक यही चाहता है कि मेरे लाड़ले ने वर्ष भर पढ़ाई की है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">परीक्षा परिणाम भी श्रेष्ठतम आये। विद्यार्थी की परिकल्पना भी कुछ ऐसी ही रहती है। मनचाही सफलता तभी संभव हो सकती है जब स्मरण शक्ति भी साथ दे क्योंकि स्मरण शक्ति का परीक्षा के साथ गहरा संबंध जो है। प्रस्तुत है </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">स्मरण शक्ति बढ़ाने में आयुर्वेद आधारित कारगर प्रयोग परक सूत्र पुर्नप्रकाशित किये जा रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिन्हें आजमा कर केवल विद्यार्थी ही नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हर कोई भरपूर लाभ उठा सकता है।</span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कि सी भी रोग का उपचार आयुर्वेद में है। आयुर्वेद एक संपूर्ण और कारगर चिकित्सा पद्धति का नाम है। पेड़-पौधों के रस</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">छाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फल और जड़ी-बूटियों से बनी औषधियां देखने में तो अविश्वसनीय लगती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन इनमें बड़े से बड़े रोगों को जड़ से खत्म करने की क्षमता होती है।</span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय ग्रंथों के महत्वपूर्ण योग:</span></strong></span></h5>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h5><span lang="hi" xml:lang="hi">ब्राह्मी चूर्ण को </span>240<span lang="hi" xml:lang="hi"> मि-ग्रा- से </span>500<span lang="hi" xml:lang="hi"> म-ग्रा- तक प्रतिदिन सुबह दूध के साथ सेवन करने वाला व्यक्ति दीर्घायु होता है।ब्राह्मी के सेवन से मास्तिष्क की स्मरण-शक्ति भी बढ़ती है। ऐसा ग्रन्थों में वर्णन है।</span></h5>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h5><span lang="hi" xml:lang="hi">चरक और सुश्रुत रचित आयुर्वेदिक ग्रंथों में लिखा है कि ब्राह्मी की हरी ताजी पत्तियों का रस तीन ग्राम- की मात्रा में सेवन करने से स्मरण-शक्ति में वृद्धि होती है। ब्राह्मी की पत्तियां इमली की पत्तियों की तरह स्वाद वाली होती हैं।</span></h5>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h5><span lang="hi" xml:lang="hi">भाव प्रकाश नामक अति प्राचीन आयुर्वेदिक ग्रंथ के अनुसार शंखपुष्पी स्मरण-शक्ति बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देती है। शंखपुष्पी का तीन से छ: ग्राम का चूर्ण दूध के साथ सेवन करने से स्मरण-शक्ति में वृद्धि होती है। भाव प्रकाश में लिखा है कि शंखपुष्पी कल्प का सेवन करने से स्मरण शक्ति में वृद्धि तो होती ही है साथ ही मस्तिष्क की कार्यप्रणाली में भी समुचित विकास होता है।</span></h5>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h5><span lang="hi" xml:lang="hi">भेषज्य रत्नावली आयुर्वेद का सुप्रसिद्ध ग्रंथ है। इसमें लिखा है कि ब्राह्मी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शंखपुष्पी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अश्वगंधा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बादाम आदि का नियमित सेवन करने से मस्तिष्क-तंत्रिकाओं को बल मिलता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">साथ ही मस्तिष्क को ठंडक पहुंचती है और इनके सेवन से स्मरण-शक्ति भी बढ़ती है तथा स्नायु के विकार नष्ट होते हैं।</span></h5>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h5><span lang="hi" xml:lang="hi">चिकित्सा चंद्रोदय नामक आयुर्वेदिक ग्रंथ में है-ब्राह्मी एक उत्तम कोटि की रसायन है। इसके नियमित सेवन से सोचने-समझने की शक्ति बढ़ती है और स्मरण-शक्ति बढ़ती है। चिकित्सा चंद्रोदय ग्रंथ में स्मरण-शक्ति बढ़ाने का एक सरल योग भी है-बादाम और मिश्री का हलुवा बनाकर नियमित रूप से खाने से मस्तिष्क की तंत्रिकाएं मजबूत होती हैं और साथ ही स्मरण-शक्ति भी बढ़ती है।</span></h5>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h5><span lang="hi" xml:lang="hi">सुबह-सुबह एक ग्राम- काली मिर्च का चूर्ण दस ग्राम शहद के साथ चाटने पर भी स्मरण-शक्ति बढ़ती है। इसके साथ ही असमय बाल सफेद नहीं होते हैं और आंखों की ज्योति में वृद्धि होती है।</span></h5>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h5><span lang="hi" xml:lang="hi">इजाजुल गुब्रा यूनानी ग्रंथ है। इसमें लिखा है-उचित मात्रा में तरी दिमाग के लिए उत्तम होती है। तरावट के लिए ठंडाई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनार के शर्बत या बादाम के शर्बत बनाकर पीने चाहिए। इनमें से जो भी नुस्खा सूट करे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसका गर्मी के मौसम में अवश्य ही सेवन करना चाहिए। इजाजुल गुब्रा में हिदायत दी गई है-याद्दाश्त बढ़ाने के लिए सिर को ठंडा तथा पांवों को गर्म रखना चाहिए</span></h5>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h5><span lang="hi" xml:lang="hi">आयुर्वेदिक ग्रंथों में सिर की मालिश पर भी जोर दिया गया है-सिर की मालिश और पैरों के तलुओं पर सरसों तेल की मालिश याद्यास्त को बढ़ाती है। रोजाना सिर की मालिश करने से सिर में खून का संचार ठीक रहता है और स्मरण-शक्ति भी बढ़ती है। इससे सिरदर्द भी दूर होता है। आंखों की ज्योति भी ठीक रहती है।</span></h5>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h5><span lang="hi" xml:lang="hi">स्मरण-शक्ति में वृद्धि के लिए रात को सोते समय अपनी आंखों को बंद करके लेटे-लेटे ही सुबह उठने से लेकर सोने के समय तक दिन भर के सारे क्रिया-कलापों को सिलसिलेवार याद करें। यह प्रयोग प्रतिदिन करते रहने पर स्मरण-शक्ति में वृद्धि होती है।</span></h5>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h5><span lang="hi" xml:lang="hi">शयनकक्ष में दक्षिण या पूर्व दिशा में सिर करके सोने वालों की स्मरण-शक्ति तेज होती है।</span></h5>
</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">मस्तिष्क के पोषक आहार:</span></strong></span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">मस्तिष्क के लिए आवश्यक विटामिन्स:</span></strong></span></h5>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h5><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">विटामीन बी-</span></strong>1<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिमाग के लिए जरूरी है और इसके मुख्य स्रोत हैं-अंकुरित अनाज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हरी-सब्जियां</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मूंगफली।</span></h5>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h5><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">विटामिन बी-</span>2</strong><span lang="hi" xml:lang="hi"> दिमाग के लिए आवश्यक है और इसके प्रमुख स्रोत हैं- दूध</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पनीर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हरी-सब्जियां</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">टमाटर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खूबानी।</span></h5>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h5><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">विटामिन बी-</span>6</strong><span lang="hi" xml:lang="hi"><strong> </strong>दिमाग को स्वस्थ रखता है और इसके मुख्य स्रोत हैं- साबुत अनाज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यीस्ट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सूखी फलियां</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आलू</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हरी-सब्जियां।</span></h5>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h5><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">विटामिन बी-</span>1</strong>2<span lang="hi" xml:lang="hi"> मस्तिष्क के लिए जरूरी है और इसके मुख्य स्रोत हैं- दूध</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पनीर।</span></h5>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h5><span lang="hi" xml:lang="hi"><strong>विटामिन-सी</strong> भी दिमाग को स्वस्थ रखता है और इसके प्रमुख स्रोत हैं- टमाटर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मौसंबी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आंवला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नींबू</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हरे पत्ते वाली सब्जियां</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शलजम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बंद गोभी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्ट्राबेरी।</span></h5>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h5><span lang="hi" xml:lang="hi"><strong>विटामिन-ई</strong> भी दिमाग को ताकत देता है और इसके मुख्य स्रोत हैं- टमाटर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सूखी फलियां</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दालें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनाज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पालक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हरी-सब्जियां।</span></h5>
</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">खनिज लवण दिमाग को ताकत देते हैं : </span></strong></span></h5>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h5><span lang="hi" xml:lang="hi">कैल्शियम दिमाग को तंदुरुस्त रखता है और यह फलियां</span>,<span lang="hi" xml:lang="hi">अनाज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दालें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">काष्ठ-फल में पाया जाता है।</span></h5>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h5><span lang="hi" xml:lang="hi">सोडियम मस्तिष्क के लिए जरूरी है और यह दालें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पनीर में पाया जाता है। वैसे यह सभी खाद्य पदार्थों में मिलाया जाता है। सोडियम नमक ही है।</span></h5>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h5><span lang="hi" xml:lang="hi">आयरन भी दिमाग को चाहिए और यह हरी-सब्जियां</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दालें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फलियां</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मूंगफली आदि में पाया जाता है।</span></h5>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h5><span lang="hi" xml:lang="hi">पोटैशियम भी दिमाग को ताकत देता है और यह दालें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हरे पत्ते वाली सब्जियां</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फलियां</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनाज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दूध</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फलों में विशेष रूप से केला और संतरा।</span></h5>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h5><span lang="hi" xml:lang="hi">जिंक मस्तिष्क को सही रखता है और यह फलियां</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दालें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनाज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">काष्ठ-फल में पाया जाता है। इन चीजों का नियमित रूप से सेवन करना चाहिए।</span></h5>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h5><span lang="hi" xml:lang="hi">मैग्नीशियम भी दिमाग को शक्तिशाली बनाता है और यह सोयाबीन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दूध</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हरी-सब्जियां</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनाज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कुएं का पानी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">काष्ठ-फल आदि में होता है।</span></h5>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h5><span lang="hi" xml:lang="hi">फ्लोराइड दिमाग को सोचने-समझने लायक बनाता है और यह चाय</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कॉफी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सोयाबीन और पीने के पानी में मिलता है।</span></h5>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h5><span lang="hi" xml:lang="hi">कॉपर दिमाग के लिए बहुत जरूरी है और यह अनाज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मशरूम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मटर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फलियां</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आदि में पाया जाता है।</span></h5>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h5><span lang="hi" xml:lang="hi">सेलेनियम भी दिमाग को तरोताजा और शक्तिशाली बनाए रखने के लिए जरूरी है और यह साबुत अनाज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दूध</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पनीर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सब्जियां आदि में पाया जाता है।</span></h5>
</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">पतंजलि पाक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रसायन व तेल : </span></strong></span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">पतंजलि निर्मित कई प्रकार के तेल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पाक एवं अन्य पोषकीय रसायन हैं जिनसे मस्तिष्क के रोगों से मुक्ति मिलती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">साथ ही स्नायुतंत्र को भी पोषण मिलता है। जैसे पतंजलि केशकांति</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पतंजलि नारियल तेल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सरसों का तेल आदि। इसके अतिरिक्त पतंजलि बादाम पाक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पतंजलि च्यवनप्रास</span>,  <span lang="hi" xml:lang="hi">पतंजलि पावरवीटा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दिव्य मेधावटी आदि। इनसे स्मरण शक्ति बढ़ती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पतंजलि बादाम रोगन भी निम्र प्रकार से सहायक बनते हैं:-</span></h5>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h5><span lang="hi" xml:lang="hi">मस्तिष्क संबंधी सभी रोगों में यह काम करता है। इससे सिर की मालिश करने से दिमाग की शक्ति बढ़ती है।</span></h5>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h5><span lang="hi" xml:lang="hi">इसके प्रयोग से आंख की जलन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्नायुविक-कमजोरी हाथ पावो की जलन आदि दूर होती है।</span></h5>
</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मस्तिष्क अर्थात मन के तीन भाग हैं। चेतन मन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अद्र्धचेतन मन और अचेतन मन। ये तीनों ही भाग स्मृति से जुड़े हुए हैं। चेतन मन समकालीन स्मृति का भाग है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो बातें बहुत कोशिश के बाद याद आती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनका भाग व्यक्ति का अद्र्धचेतन मन है। जो बातें व्यक्ति भूल चुका है और कोशिश करने के बाद भी याद नहीं आ रही हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वे सब अचेतन मन में समाविष्ट हो गई होती हैं।</span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अचेतन मन में संचित बातें भी यदि सकारात्मक दिशा न पा सकीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो स्मरण शक्ति के लोप या मंदता का कारण बनती हैं। इससे उबरने के लिए योग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ध्यान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्राणायाम के साथ प्रस्तुत आयुर्वेद के औषधीय अनुपान इसमें पतंजलि आयुर्वेद के स्मरण शक्ति वर्धक अनुपान आदि तथा सकारात्मक चिंतन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रेरक प्रसंग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सेवाकार्य को दिनचर्या में सामिल किया जा सके तो स्मरण शक्ति विकसित होगी ही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यक्तित्व भी मेधावान बनेगा। तब कैसी भी परीक्षा हो परिणाम अनुकूल ही आयेगा। </span></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>योग संदेश</category>
                                            <category>भारतीय शिक्षा </category>
                                            <category>2017</category>
                                            <category>मार्च</category>
                                    

                <link>https://www.patanjaliyogsandesh.com/article/2350/bachchon-ke-smaran-shakti-badhane-m-e-sahayak-prayog</link>
                <guid>https://www.patanjaliyogsandesh.com/article/2350/bachchon-ke-smaran-shakti-badhane-m-e-sahayak-prayog</guid>
                <pubDate>Wed, 01 Mar 2017 21:38:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.patanjaliyogsandesh.com/media/2023-09/545.jpg"                         length="136610"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[योग संदेश विभाग]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        