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                <title>जननायकों व संतों की दृष्टि में पतंजलि योगपीठ का दिव्य अभियान - योग संदेश</title>
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                <description>जननायकों व संतों की दृष्टि में पतंजलि योगपीठ का दिव्य अभियान RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जननायकों व संतों की दृष्टि में पतंजलि योगपीठ का दिव्य अभियान</title>
                                    <description><![CDATA[<h5 style="text-align:right;" align="right"><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">श्री रामनाइक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राज्यपाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उत्तर प्रदेश सरकार</span></strong></span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अगर स्वस्थ रहना है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो योग जरूरी है। आज मैं 83 वर्ष की उम्र में खड़ा हूँ तो उसके पीछे योग और  सूर्य नमस्कार ही है। योगऋषि स्वामी रामदेव जी ने देश और विश्व में योग को प्रतिष्ठित कर सम्पूर्ण मानवता को भारत के प्राचीन ऋषियों की ऐसी विधा से जोड़ा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे न केवल लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अपितु सम्पूर्ण विश्व योगाभ्यास के माध्यम से अहर्निश स्वस्थ और समर्थ बन रहे भारत का अनुगमन करने लगा है।</span></h5>
<h5 style="text-align:right;" align="right"><strong><span style="color:rgb(186,55,42);"><span lang="hi" xml:lang="hi">श्री देवव्रत आचार्य</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राज्यपाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हिमाचल प्रदेश</span></span></strong></h5>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.patanjaliyogsandesh.com/article/2396/jannayakon-va-santon-ki-drishti-me-patanjali-yogpeeth-ka-divya-abhiyam"><img src="https://www.patanjaliyogsandesh.com/media/400/2023-10/slide1.jpg" alt=""></a><br /><h5 style="text-align:right;" align="right"><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">श्री रामनाइक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राज्यपाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उत्तर प्रदेश सरकार</span></strong></span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अगर स्वस्थ रहना है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो योग जरूरी है। आज मैं 83 वर्ष की उम्र में खड़ा हूँ तो उसके पीछे योग और  सूर्य नमस्कार ही है। योगऋषि स्वामी रामदेव जी ने देश और विश्व में योग को प्रतिष्ठित कर सम्पूर्ण मानवता को भारत के प्राचीन ऋषियों की ऐसी विधा से जोड़ा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे न केवल लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अपितु सम्पूर्ण विश्व योगाभ्यास के माध्यम से अहर्निश स्वस्थ और समर्थ बन रहे भारत का अनुगमन करने लगा है।</span></h5>
<h5 style="text-align:right;" align="right"><strong><span style="color:rgb(186,55,42);"><span lang="hi" xml:lang="hi">श्री देवव्रत आचार्य</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राज्यपाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हिमाचल प्रदेश सरकार</span></span></strong></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत विद्या के आधार पर ही विश्व गुरु था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यहां के ऋषि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">महर्षि एवं योगियों की ज्ञान-विज्ञान से समुन्नत शिक्षा को देखकर ही सम्पूर्ण विश्व की प्रतिभायें इस देश में ज्ञान संवर्धन हेतु खिंची चली आती थीं। कालान्तर में यह प्रवाह अवरुद्ध अवश्य हुआ पर अब पुन: उसके प्रवाहित होने का समय आ गया है। श्रद्धेय स्वामी जी के नेतृत्व में भारत पुन: शैक्षिक शिखर पर पहुंचेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसा विश्वास है। श्रद्धेय स्वामी रामदेव जी  व आचार्य श्री करोड़ों देशवासियों के स्वाभिमान और गौरव के लिए अहनिश पुरुषार्थरत रहने वाले इक्कीसवीं सदी के विलक्षण महान संतों में हैं। इनके पतंजलि अभियान से न केवल देश के अध्यात्म के प्रति समर्पित संतगण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अपितु देश के करोड़ों चिकित्सकों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">किसानों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">युवाओं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">देश के वंचित असंख्य लोगों तक को आशा बंधी है। आशा हम यह भी करते हैं कि पतंजलि के अनुसंधानात्मक अभियान से हिमाचल प्रदेश को भी लाभान्वित होने का अवसर मिलेगा तथा पतंजलि हिमाचल के सांस्कृतिक व प्राकृतिक गौरव को भी पुन: स्थापित कर प्रदेश को समृद्धि से जोडऩे में सहायक बनेगा।</span></h5>
<h5 style="text-align:right;" align="right"><strong><span style="color:rgb(186,55,42);"><span lang="hi" xml:lang="hi">योगी आदित्य नाथ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मुख्यमंत्री</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उत्तर प्रदेश सरकार</span></span></strong></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">पहले योग के कार्यक्रम सांप्रदायिक माने जाते थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अब ऐसा नहीं है। इसमें स्वामी रामदेव जी महाराज का प्रमुख पुरुषार्थ है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वामी रामदेव के प्रयास से योग को जन-जन में प्रतिष्ठित करना सम्भव हुआ।  मोदी की पहल पर पहले योग दिवस पर १७२ देश साथ में खड़े हुए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो दूसरी बार अंतरराष्ट्रीय पटल पर यह संख्या बढ़कर १९२ हो गई। मोदी के साथ ही बाबा रामदेव ने योग को देश-दुनिया तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान किया। आगे भी हम सबको मिलकर योग को जन-जन तक पहुंचाना है और देश दुनियां के अधिक से अधिक लोगों को स्वस्थ व समर्थ बनाना है।</span></h5>
<h5 style="text-align:right;" align="right"><strong><span style="color:rgb(186,55,42);"><span lang="hi" xml:lang="hi">श्री केशव प्रसाद मौर्य</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उप मुख्य मंत्री</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उत्तर प्रदेश सरकार</span></span></strong></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">योगऋषि स्वामी रामदेव जी महाराज की पतंजलि के प्रोडक्ट्स ने मल्टीनेशनल कंपनियों को मात देकर स्वदेशी को बड़ी पहचान दिलाई है। साथ ही उनकी फैक्ट्रियों से हजारों लोगों को नौकरियां मिली हैं। ऐसे में यूपी सरकार भी पतंजलि के पुरुषार्थ के साथ मिल जाए तो प्रदेश के लाखों युवाओं को रोजगार का मौका मिलेगा और उप्र से हो रहा पलायन रोका जा सकेगा। आज लाखों युवकों को रोजगार देकर देश की प्रगति में योगदान देने वाले स्वामी रामदेव बधाई के पात्र हैं। हम चाहते हैं कि  वे यूपी में भी अपने प्लांट लगाएं और प्रदेश के गरीब</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मजदूर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">किसानों को स्वाभिमान दिलायें। अभी यूपी की पहचान फिसड्डी राज्यों में होती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन हमारा मकसद प्रदेश को पहले नंबर पर लाना है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसके लिए सरकार प्रयासरत है।</span></h5>
<h5 style="text-align:right;" align="right"><strong><span style="color:rgb(186,55,42);"><span lang="hi" xml:lang="hi">श्री दिनेश शर्मा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उप मुख्य मंत्री</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उत्तर प्रदेश सरकार</span></span></strong></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">योगऋषि स्वामी रामदेव जी महाराज संकल्प के धनी व्यक्तित्व हैं। श्रद्धेय आचार्य बालकृष्ण जी महाराज एवं श्रद्धेय  स्वामी जी के संकल्प अपूर्व परिवर्तनकारी होते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसा मैं अहसास करता हूँ। योग-आयुर्वेद के माध्यम से स्वामी जी ने देश के गांव-गांव को जगाया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हर भारतवासी में स्वदेशी की लहर पैदा की</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अब देश के हजारों युवाओं को रोजगार से जोडऩे में ये अपनी शक्ति लगा रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पतंजलि का यह योग महोत्सव इसी दिशा का आगाज है।</span></h5>
<h5 style="text-align:right;" align="right"><strong><span style="color:rgb(186,55,42);"><span lang="hi" xml:lang="hi">त्रिवेन्द्र सिंह रावत</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मुख्यमंत्री</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उत्तराखण्ड सरकार</span></span></strong></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">देश का जागरण कर देश की संस्कृति को समृद्ध करता है एक संन्यासी। सन्यासी जगत कल्याण के प्रति समर्पित होता है और पतंजलि योगपीठ उसी संन्यास परम्परा को अनवरत गढ़ रहा है। राष्ट्र में पतंजलि के स्वदेशी अभियान की गौरवपूर्ण भूमिका है। क्योंकि पतंजलि स्वदेशी के लिए प्रेक्टिकल एप्रोच दे रहा है। योगऋषि का यह स्वदेशी केवल उत्तराखण्ड का विषय नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वदेशी देश की अर्थव्यवस्था का मूल मंत्र है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह एक-एक कर संपूर्ण विश्व तक बढ़ता चलेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसा विश्वास है। आज देश एवं प्रदेश का युवा अपने रोजगार परक समुन्नत भविष्य को लेकर पतंजलि के योग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आयुर्वेद एवं स्वदेशी परक अभियान की ओर बड़ी आशा भरी निगाहों से देख रहा है।</span></h5>
<h5 style="text-align:right;" align="right"><strong><span style="color:rgb(186,55,42);"><span lang="hi" xml:lang="hi">योगऋषि स्वामी रामदेव जी महाराज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">परमाध्यक्ष</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पतंजलि योगपीठ</span></span></strong></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अवैध बूचडख़ाने अगर चल रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो यह अपने आप में अपराध है। ऐसा अपराध एक संत ही खत्म कर सकता है। मुख्यमंत्री बने एक योगी ने यही किया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लोगों को यह संकेत समझ लेना चाहिए कि शायद यह इतिहास में पहली बार होगा जब किसी सूबे का मुख्यमंत्री जमीन पर सोता हो। ऐसा योगी जो अपना पिंडदान पहले ही कर चुका हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसका कोई क्या बिगाड़ेगा। मेरा तो लोगों से यह भी कहना कि कपालभाति करना शुरू कर दो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि अगला नंबर दारू बंद होने का है। कपालभाति करोगे तो दारू की तलब नहीं लगेगी। योग और योगी के सहारे ही कलयुग में सतयुग आता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">देश में रामराज्य भी अब निश्चित आने वाला है।</span></h5>
<h5 style="text-align:right;" align="right"><strong><span style="color:rgb(186,55,42);"><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वामी अवधेशानंद गिरी जी महाराज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जूनापीठाधीश्वर</span></span></strong></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">श्रद्धेय स्वामी रामदेव जी का अभियान कोई यौगिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शारीरिक व्यायाम का अभियान नहीं है। ये केवल आर्थिक सुचिता और व्यवस्था परिवर्तन या केवल स्वाभिमान जागरण का ही अभियान नहीं है। यह दिव्य आध्यात्मिक अभियान है। मैं बहुत ही विश्वास के साथ ये बात कहना चाहूंगा कि इस धरती पर जितनी भी समस्याएं हैं अथवा संकट हैं। जैसे माओवाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नक्सलवाद या आतंकवाद आदि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसका अगर कोई समाधान है तो यही अध्यात्म है।  इनका समाधान किसी और तरह से नहीं ठीक किया जा सकता। जब कभी पूरे विश्व को एक परिवार के बोध से एकता के सूत्र में जोड़ा जा सकेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो वो सूत्र पतंजलि योगपीठ से ही निकलेंगे। </span></h5>
<h5 style="text-align:right;" align="right"><strong><span style="color:rgb(186,55,42);"><span lang="hi" xml:lang="hi">पद्मश्री भारत भूषण महाराज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संस्थापक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मोक्षायतन</span></span></strong></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">‘’योगी के आने के बाद भोगी भागते  हैं। योगियों ने सदा ही देश को बदला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वामी रामदेव जी भी उन्हीं में एक हैं। जनता योग और योगी के लाभों से काफी हद तक परिचित हो चुकी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसीलिए देश के शीर्ष पदों पर अब योगियों की प्रतिष्ठा हो रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">२१ वीं सदी अब योगियों की सदी होगी। एक योगी को यूपी का मुख्यमंत्री बनाया गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो बदलाव भी देखने को मिलेगा ही। इसका असर सरकारी कार्यालयों में दिखने लगा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हर तरफ सफाई होने लगी है और एक अन्य योगी स्वामी रामदेव के प्रयास से देश-विदेश के करोड़ों लोगों के स्वास्थ्य में चमत्कारी बदलाव आया है।’’</span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">पहले योग के कार्यक्रम सांप्रदायिक माने जाते थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अब ऐसा नहीं है। इसमें स्वामी रामदेव जी महाराज का प्रमुख पुरुषार्थ है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वामी रामदेव के प्रयास से योग को जन-जन में प्रतिष्ठित करना सम्भव हुआ।  मोदी की पहल पर पहले योग दिवस पर </span>172<span lang="hi" xml:lang="hi"> देश साथ में खड़े हुए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो दूसरी बार अंतरराष्ट्रीय पटल पर यह संख्या बढ़कर </span>192<span lang="hi" xml:lang="hi"> हो गई। मोदी के साथ ही बाबा रामदेव ने योग को देश-दुनिया तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान किया।</span></h5>
<h5 style="text-align:right;" align="right"><strong><span style="color:rgb(186,55,42);"><span lang="hi" xml:lang="hi">साध्वी ऋतम्भरा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">परमाध्यक्ष</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वात्सल्य ग्राम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मथुरा</span></span></strong></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हम सब महान ऋषि-ऋषिकाओं की महान संताने हैं। हम जीवन में सर्वप्रथम योगी बनें यही हमारा संकल्प होना चाहिए। क्योंकि हम सभी भारतीय स्वभावत: योगी आत्मायें ही हैं। श्रद्धेय स्वामी जी की तरह जीवन में शुद्धता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सरलता एवं सात्विकता को स्थान देने से योग फलित होता है। श्रद्धेय योगऋषि स्वामी रामदेव जी ने अपने  संदेश में जिन ग्यारह सूत्रों की बात कही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वे युग की आवश्यकता हैं। आने वाले वर्षों में राष्ट्र को विश्व के सर्वोच्च आध्यात्मिक व आर्थिक महाशक्ति के रूप में खड़ा करने के लिए हमें एक साथ स्वामी जी के बताये इन ग्यारह सूत्रों योग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आयुर्वेद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वदेशी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नेचुरोपैथी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वैदिक परम्पराओं की पुन: प्रतिष्ठा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वास्थ्य</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनुसंधान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गो-अनुसंधान एवं संबर्धन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कुदरती खेती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विश्वनिर्माण व आध्यात्मिक राष्ट्र जैसे अभियानात्मक चरण पर कार्य करना ही होगा।</span></h5>
<h5 style="text-align:right;" align="right"><strong><span style="color:rgb(186,55,42);"><span lang="hi" xml:lang="hi">श्री सुधांशु जी महाराज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विश्वजाग्रति मिशन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दिल्ली</span></span></strong></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">पतंजलि योगपीठ के योग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आयुर्वेद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वदेशी एवं भारतीय वैदिक संस्कृति से जुड़े इस आंदोलन से देश एवं विश्वभर में श्रेष्ठता एवं दिव्यता का वातावरण निर्मित हुआ है। बहुआयामी व्यक्तित्व के धारक आचार्य बालकृष्ण एवं पूज्य स्वामी रामदेव जी महाराज इक्कीसवीं सदी के भारत को विकसित करने में दो सशक्त स्तम्भ साबित हो रहे हैं। पतंजलि केवल एक संस्था भर नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसने न केवल भारत अपितु सम्पूर्ण विश्व को स्वास्थ्य</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समृद्धि एवं जीवन के उत्थान की दिशा दी है। यही नहीं स्वामी जी के आचार्यकुलम से देश की शिक्षा व्यवस्था को देश की भावी पीढ़ी गढऩे के लिए भारतीय ज्ञान-विज्ञान से समुन्नत शिक्षा की प्रेरणा मिलती है।</span></h5>
<h5 style="text-align:right;" align="right"><strong><span style="color:rgb(186,55,42);"><span lang="hi" xml:lang="hi">डॉ. एस सी मनचन्दा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कार्डियोलोजिस्ट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सर गंगाराम हास्पिटल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दिल्ली</span></span></strong></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आज बदलती जीवनशैली से हृदय रोग बढ़ रहे हैं। हाई कोलेस्ट्राल को लेकर सौ लोगों पर अनुसंधान किया गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसमें आसन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ध्यान व प्राणायाम कराया गया। ऐसे मरीजों पर भी शोध किया गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनके लिए बाईपास सर्जरी जरूरी बताई जा रही थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन योग कराने के बाद सर्जरी टाल दी गई। इन केसों में मैं पूज्य स्वामी रामदेव के योग-प्राणायाम अभियान के प्रति जागरूकता को महत्वपूर्ण मानता हॅू।</span></h5>
<h5 style="text-align:right;" align="right"><strong><span style="color:rgb(186,55,42);"><span lang="hi" xml:lang="hi">श्री धर्मपाल सिंह</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मंत्री</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उत्तर प्रदेश सरकार</span></span></strong></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हिन्दुस्तान को ऋषि-मुनियों का देश यूं ही नहीं कहा जाता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अपितु यह योग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आयुर्वेद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वैदिक संस्कृति का स्वरूप है।  योग को विश्व पटल पर लाने का काम स्वामी रामदेव जी महाराज ने किया है। योग-आयुर्वेद हमारे बीच धरोहर के रूप में है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे सहेजने की जरूरत है। ऋषि-मुनियों का देश हिन्दुस्तान अपनी इन्हीं आध्यात्मिक शक्तियों के सहारे विश्व का नेतृत्व देने में सफल होगा। विगत वर्षों सें २१ जून को मनाए जाने वाले विश्व योग दिवस में स्वामी रामदेव के सहयोग की मैं सराहना करता हूँ।</span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"> </h5>
<h5 style="text-align:justify;"> </h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>योग संदेश</category>
                                            <category>सनातन वैभव</category>
                                            <category>2017</category>
                                            <category>मई</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 May 2017 21:56:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[योग संदेश विभाग]]></dc:creator>
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