<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.patanjaliyogsandesh.com/tag/4854/%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A4%BF-%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9A-%E0%A4%87%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%80%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%9F-%E0%A4%89%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%98%E0%A4%BE%E0%A4%9F%E0%A4%A8-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%B9" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>योग संदेश RSS Feed Generator</generator>
                <title>पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट उद्घाटन समारोह - योग संदेश</title>
                <link>https://www.patanjaliyogsandesh.com/tag/4854/rss</link>
                <description>पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट उद्घाटन समारोह RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट उद्घाटन समारोह</title>
                                    <description><![CDATA[<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">य</span><span lang="hi" xml:lang="hi">द्यपि पतंजलि आयुर्वेद की प्रतिष्ठा इसके प्रामाणिक उत्पादों को लेकर पहले से ही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर विगत दिनों प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किए गए पतंजलि अनुसंधान संस्थान के उद्घाटन से इस संस्थान के साथ-साथ तीर्थनगरी की पहचान भी पूरे विश्व में आयुर्वेद के केन्द्र के रूप में हो गयी।</span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">पतंजलि योगपीठ के प्रकल्प पतंजलि अनुसंधान संस्थान के उद्घाटन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खुद को पतंजलि परिवार का सदस्य बताते हुए कहा कि मुझे बाबा रामदेव को बहुत निकट से देखने समझने का सौभाग्य मिला। इस दौरान हमने जाना कि स्वामी जी के संकल्प और समर्पण से योग</span></h5>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.patanjaliyogsandesh.com/article/2427/patanjali-research-institute-udaghatan-samaroh"><img src="https://www.patanjaliyogsandesh.com/media/400/2023-10/63.jpg" alt=""></a><br /><h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">य</span><span lang="hi" xml:lang="hi">द्यपि पतंजलि आयुर्वेद की प्रतिष्ठा इसके प्रामाणिक उत्पादों को लेकर पहले से ही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर विगत दिनों प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किए गए पतंजलि अनुसंधान संस्थान के उद्घाटन से इस संस्थान के साथ-साथ तीर्थनगरी की पहचान भी पूरे विश्व में आयुर्वेद के केन्द्र के रूप में हो गयी।</span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">पतंजलि योगपीठ के प्रकल्प पतंजलि अनुसंधान संस्थान के उद्घाटन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खुद को पतंजलि परिवार का सदस्य बताते हुए कहा कि मुझे बाबा रामदेव को बहुत निकट से देखने समझने का सौभाग्य मिला। इस दौरान हमने जाना कि स्वामी जी के संकल्प और समर्पण से योग को पूरे विश्व ने स्वीकार किया है। इन्होंने आचार्य बालकृष्ण जी के साथ मिलकर देश के जनमानस में श्रेष्ठ संकल्प और स्वस्थ ऊर्जा पैदा की है। इनके राष्ट्रहितैषी प्रयोगों से इस तीर्थ के साथ भारत देश आयुर्वेद की पहचान बनकर उभरा है। भारत व पतंजलि आयुर्वेद दोनों एक दूसरे के पर्याय बन गये हैं।</span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री महोदय ने श्रद्धेय आचार्य बालकृष्ण जी महाराज की आयुर्वेद अनुसंधान पर आधारित पुस्तक </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">हर्बल एनसाइक्लोपिडया</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">का विमोचन करते हुए कहा कि उनकी अनुसंधित जड़ी-बूटियां देशवासियों को समग्रता के साथ स्वस्थ बना रही हैं। उन्होंने कहा उदासीनता के कारण हम अपने देश की बहुत सी श्रेष्ठताओं पर अनुसंधान नहीं कर पाए। पर प्राचीन गौरव को पाने के लिए देश की हर श्रेष्ठताओं की वैज्ञानिक  प्रामाणिकता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्वामी रामदेव के प्रयास से योग की प्रामाणिकता को पूरे विश्व ने स्वीकार किया है। इसी वजह से </span>21<span lang="hi" xml:lang="hi"> जून को यूएनओ द्वारा विश्व योग दिवस घोषित किया गया। मेरा विश्वास है कि पतंजलि रिसर्च सेन्टर भी जल्द ही आयुर्वेद को विश्व स्तरीय पहचान दिलाने में कामयाब होगा। उन्होंने स्वामी रामदेव व आचार्य बालकृष्ण को योग-आयुर्वेद का वैश्विक व्यक्तित्व बताया और पतंजलि अनुसंधान संस्थान को विश्व स्तरीय रिसर्च सेंटर। मोदी जी ने कहा इन दोनों के प्रयासों से योग की तरह आयुर्वेद विश्व पटल पर स्थापित होगा। ज्ञातव्य कि इस रिसर्च सेंटर पर पतंजलि की ओर से भविष्य में </span>500<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपए  खर्च किये जाने हैं।</span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">पतंजलि में संस्कृत व संस्कृति का समन्वय</span></strong></span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पतंजलि अनुसंधान संस्थान के उद्घाटन कार्यक्रम में योग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आयुर्वेद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वदेशी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऋषिगौरव पूर्ण भारतीय संस्कृति के साथ संस्कृत की झलक भी दिखाई दी।</span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में पहुंचने के पूर्व से ही विविध प्रकार की वैदिक ऋचाओं से ओतप्रोत ध्वनियां पतंजलि परिसर में गूंजती रहीं। मंगलाचरण सहित अन्य विभिन्न प्रस्तुतियां आचार्यकुलम के बच्चों द्वारा वैदिक मंत्रों के साथ लगातार दी जाती रहीं। इसी बीच जब प्रधानमंत्री मंच पर पहुंचे उस समय उनका स्वागत राष्ट्रगौरव को अभिव्यक्त करती संस्कृत पदावलियों के साथ हुई। इसी प्रकार जब पीएम को राष्ट्रऋषि की उपाधि प्रदान की गई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो सभागार में बैठे लगभग </span>35<span lang="hi" xml:lang="hi"> हजार भाई-बहिनों ने आचार्यकुलम के बच्चों के साथ संस्कृत में अभिनन्दन पत्र का वाचन किया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि पतंजलि योगपीठ के महामंत्री श्रद्धेय आचार्य बालकृष्ण जी महाराज ने सम्मान पदावलियों की हिन्दी अभिव्यक्ति दी। इस प्रकार  हर सम्मानपद पर प्रधानमंत्री हाथ जोड़कर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शीश झुकाकर अभिनन्दन स्वीकार करते दिखेे। कार्यक्रम के दौरान योग भवन सभागार भारत माता की जय और वन्देमातरम के जयघोष से लगातार गूंजता रहा। प्रधानमंत्री ने भी अपने भाषण में योग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आयुर्वेद के साथ संस्कृत</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संस्कृति</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वदेशी और संस्कार पर विशेष जोर दिया। </span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री की विदाई पर भी वेद ऋचायें ध्वनित होती रहीं। </span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" style="color:rgb(186,55,42);" xml:lang="hi">उद्घाटन समारोह की प्रमुखतायें</span></strong></h5>
<ul style="list-style-type:square;">
<li style="text-align:justify;">
<h5><span lang="hi" xml:lang="hi">चार साल सात दिन बाद पुन: पतंजलि योगपीठ के इसी योगभवन सभागार में  पधारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी। इससे पूर्व वह पीएम न रहते हुए इस भवन में आचार्यकुलम उद्घाटन समारोह के दौरान पहुंचे थे।</span></h5>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h5><span lang="hi" xml:lang="hi">पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट के समारोह के दौरान योगऋषि स्वामी रामदेव जी महाराज ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को राष्ट्रऋषि के सम्मान से किया सम्मानित ।</span></h5>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h5><span lang="hi" xml:lang="hi">विश्व की सर्वाधिक प्राचीन उपचार पद्धति भारतीय आयुर्वेद को डब्लूएचओ ने पैथी का दर्जा अभी तक नहीं दिया। पतंजलि आयुर्वेद अनुसंधान के अमूल्य रिसर्च अभियान से यह रास्ता साफ हो जाएगा। ऐसी योगऋषि स्वामी रामदेव जी व श्रद्धेय आचार्य बालकृष्ण जी महाराज की है प्रतिबद्धता।</span></h5>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h5><span lang="hi" xml:lang="hi">कार्यक्रम के दौरान स्वामी रामदेव जी महाराज ने भगवान ऐसी लगन लगा दे गीत गाकर लोगों को किया आश्चर्यचकित तो पतंजलि परिवार के कुछ गायकों ने राष्ट्रीय भजन गाकर मन जीत लिया। शहीद भगत सिंह के सम्मान में भी गीत प्रस्तुत किये गये।</span></h5>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h5><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री सहित मंचासीन प्रदेश के राज्यपाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मुख्यमंत्री के बीच योगऋषि स्वामी रामदेव व आचार्य बालकृष्ण ने प्रधानमंत्री को राष्ट्रऋषि अभिनन्दन पत्र के साथ शॉल रुद्राक्ष माता व स्मृति चिह्न किया भेंट।</span></h5>
</li>
</ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>योग संदेश</category>
                                            <category>राष्ट्र निर्माण</category>
                                            <category>2017</category>
                                            <category>जून</category>
                                    

                <link>https://www.patanjaliyogsandesh.com/article/2427/patanjali-research-institute-udaghatan-samaroh</link>
                <guid>https://www.patanjaliyogsandesh.com/article/2427/patanjali-research-institute-udaghatan-samaroh</guid>
                <pubDate>Thu, 01 Jun 2017 21:55:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.patanjaliyogsandesh.com/media/2023-10/63.jpg"                         length="251291"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[योग संदेश विभाग]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट उद्घाटन समारोह</title>
                                    <description><![CDATA[<h5 style="text-align:center;" align="center"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">हर्बल से अपार सम्भावना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मगर छोड़नी होगी उदासीनता </span></strong></h5>
<h5 style="text-align:center;" align="center"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">इनोवेशन-रिसर्च से ही बड़ा मुकाम  हासिल करेगा देश: मोदी</span></strong></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हरिद्वार </span>-<span lang="hi" xml:lang="hi"> पतंजलि योगपीठ का प्रारम्भ से ही इनोवेशन पर जोर था। जिसे देश के हर वर्ग ने बारीकी से अनुभव किया है। तभी इस उद्घाटन अवसर पर देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने भी कहा कि बाबा रामदेव</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आचार्य बालकृष्ण ने हरिद्वार से योग और आयुर्वेद की गंगा बहाई तो सम्पूर्ण विश्व अपने जीवन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आहार-विहार व स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो उठा। लोगों में जीवन उत्थान के तरीकों की ललक पैदा हुई और करोड़ों लोग भारत के</span></h5>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.patanjaliyogsandesh.com/article/2428/patanjali-research-institute-udaghatan-samaroh"><img src="https://www.patanjaliyogsandesh.com/media/400/2023-10/401.jpg" alt=""></a><br /><h5 style="text-align:center;" align="center"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">हर्बल से अपार सम्भावना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मगर छोड़नी होगी उदासीनता </span></strong></h5>
<h5 style="text-align:center;" align="center"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">इनोवेशन-रिसर्च से ही बड़ा मुकाम  हासिल करेगा देश: मोदी</span></strong></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हरिद्वार </span>-<span lang="hi" xml:lang="hi"> पतंजलि योगपीठ का प्रारम्भ से ही इनोवेशन पर जोर था। जिसे देश के हर वर्ग ने बारीकी से अनुभव किया है। तभी इस उद्घाटन अवसर पर देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने भी कहा कि बाबा रामदेव</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आचार्य बालकृष्ण ने हरिद्वार से योग और आयुर्वेद की गंगा बहाई तो सम्पूर्ण विश्व अपने जीवन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आहार-विहार व स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो उठा। लोगों में जीवन उत्थान के तरीकों की ललक पैदा हुई और करोड़ों लोग भारत के गौरवमयी ज्ञान-विज्ञान की ओर मुड़ पड़े। पूरी दुनिया में योग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आयुर्वेद के प्रचार के लिए हम इन दोनों के प्रयासों की सराहना करते हैं।</span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">योग और आयुर्वेद के क्षेत्र में पतंजलि योगपीठ की भूमिका को स्पष्ट करते हुए पीएम ने कहा कि पतंजलि के प्रयास से विश्व में हर्बल का बहुत बड़ा मार्केट खड़ा हुआ है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मगर इसमें आगे बढ़ने के लिए हमें उदासीनता छोड़नी होगी।</span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री जी ने समग्र विकास के लिए लगातार इनोवेशन और रिसर्च पर जोर देते हुए कहा कि हमारे पुरखों ने इनोवेशन और रिसर्च को जब तक जारी रखा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हमारा भारत विश्वस्तर पर श्रेष्ठ बना रहा। हमने जब इसके प्रति उदासीनता दिखाई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो पिछड़ गए। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से हमारे युवाओं के हाथ में जब माउस आया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उसने पुन: दुनिया को अपनी ताकत दिखाई और दुनियां भारत के प्रति आकर्षित हुई। पर भारत के प्राचीन गौरव को पुन: प्रतिष्ठित करने के लिए समग्रता से रिसर्चपरक प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा इस दिशा में पतंजलि के प्रयास से दुनियां के बीच देश को नई ताकत मिलेगी।</span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने योग की महत्ता बताते हुए कहा कि योग के प्रति विश्व का आकर्षण साफ दिखाई दे रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि स्वामी रामदेव ने योग को आंदोलन बनाया है। </span></h5>
<table style="border-collapse:collapse;width:100%;border-width:1px;background-color:#fbeeb8;border-color:#FBEEB8;" border="1"><colgroup><col style="width:99.8705%;" /></colgroup>
<tbody>
<tr>
<td style="border-width:1px;border-color:rgb(251,238,184);">
<table style="border-collapse:collapse;width:100.134%;border-width:1px;background-color:#e67e23;border-color:#E67E23;" border="1"><colgroup><col style="width:99.866%;" /></colgroup>
<tbody>
<tr>
<td style="border-width:1px;border-color:rgb(230,126,35);">
<h4 style="text-align:center;"> <strong> <span lang="hi" xml:lang="hi">योग दिवस पर अहमदाबाद में जुटेंगे पांच लाख योगाभ्यासी</span></strong></h4>
</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">योगऋषि पूज्य स्वामी रामदेव जी महाराज ने बताया कि इस वर्ष का अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह पतंजलि अहमदाबाद में आयोजित करेगी। उन्होंने जानकारी दी कि </span>21 <span lang="hi" xml:lang="hi">जून को विश्व योग दिवस पर पांच लाख से ज्यादा लोग जुटेंगे। उन्होंने कहा कि योगदीक्षा के बाद इस वर्ष पतंजलि योगपीठ देश के हर गांव में साल के </span>365 <span lang="hi" xml:lang="hi">दिन योग शिविर चलाएगा। साथ ही  कहा कि देश के हर जिले में आचार्यकुलम् स्थापित हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह पतंजलि का आगामी पुरुषार्थ रहेगा।</span></strong></h5>
</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>योग संदेश</category>
                                            <category>पतंजलि रिसर्च</category>
                                            <category>2017</category>
                                            <category>जून</category>
                                    

                <link>https://www.patanjaliyogsandesh.com/article/2428/patanjali-research-institute-udaghatan-samaroh</link>
                <guid>https://www.patanjaliyogsandesh.com/article/2428/patanjali-research-institute-udaghatan-samaroh</guid>
                <pubDate>Thu, 01 Jun 2017 21:54:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.patanjaliyogsandesh.com/media/2023-10/401.jpg"                         length="384223"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[योग संदेश विभाग]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट उद्घाटन समारोह</title>
                                    <description><![CDATA[<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हरिद्वार </span>- <span lang="hi" xml:lang="hi">विश्व के इस प्रथम पतंजलि आयुर्वेदिक अनुसंधान केन्द्र में कैंसर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शुगर और हार्टअटैक जैसी बीमारियों की आयुर्वेदिक दवाएं खोजी जाएंगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो सम्पूर्ण वैश्विक मानवता के लिए वरदान साबित होंगी। क्रोमेटोग्राफी जैसी विश्लेषणात्मक सुविधाओं से लैस</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जड़ी-बूटियों के परीक्षण के लिए स्व-संचालित ग्राईडर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सॉक्सलेट एक्स ट्रैक्टर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रोटोवैपर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हीटिंग मैटल्स जैसे उपकरणों से सुसज्जित यह प्रयोगशाला अपने में अनोखी है। यहाँ विश्लेषणात्मक तकनीकों से आयुर्वेदिक औषधियों का वर्गीकरण किया जाएगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे भारत ही नहीं पूरे विश्व को इसका लाभ होगा।</span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस प्रयोगशाला में सूक्ष्म कर्णीय औषधि के लिए पारंपरिक भारतीय आयुर्वेदिक प्रक्रियाओं से</span></h5>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.patanjaliyogsandesh.com/article/2432/khoji-jayegi-cancerm-shugar-aur-heart-attack-ki-aushadhi"><img src="https://www.patanjaliyogsandesh.com/media/400/2023-10/321.jpg" alt=""></a><br /><h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हरिद्वार </span>- <span lang="hi" xml:lang="hi">विश्व के इस प्रथम पतंजलि आयुर्वेदिक अनुसंधान केन्द्र में कैंसर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शुगर और हार्टअटैक जैसी बीमारियों की आयुर्वेदिक दवाएं खोजी जाएंगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो सम्पूर्ण वैश्विक मानवता के लिए वरदान साबित होंगी। क्रोमेटोग्राफी जैसी विश्लेषणात्मक सुविधाओं से लैस</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जड़ी-बूटियों के परीक्षण के लिए स्व-संचालित ग्राईडर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सॉक्सलेट एक्स ट्रैक्टर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रोटोवैपर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हीटिंग मैटल्स जैसे उपकरणों से सुसज्जित यह प्रयोगशाला अपने में अनोखी है। यहाँ विश्लेषणात्मक तकनीकों से आयुर्वेदिक औषधियों का वर्गीकरण किया जाएगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे भारत ही नहीं पूरे विश्व को इसका लाभ होगा।</span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस प्रयोगशाला में सूक्ष्म कर्णीय औषधि के लिए पारंपरिक भारतीय आयुर्वेदिक प्रक्रियाओं से जड़ी-बूटी व खनिज युक्त सूक्ष्मकणों का निर्माण किया जाएगा। इस प्रकार कृत्रिम व प्राकृतिक परिवेश वाले विभिन्न रोगों के प्रतिरूपों का मूल्यांकन कर आयुर्वेदिक सूक्ष्मकणों की जीनोमिक व प्रोटीयामिक स्तर पर क्रियाविधि की जानकारी जुटाई जाएगी। तत्पश्चात विविध प्रक्रियाओं के आधार पर इससे बहुआयामी निष्कर्ष निकाले जायेंगे। विश्व में प्रथम बार यह पतंजलि ही इस प्रयोगशाला के माध्यम से प्रत्येक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी का तत्वीकरण करेगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फिर उसे एनिमल ट्रायल व ह्यूमन टायल के माध्यम से आधुनिक चिकित्सकीय पैरामीटर पर स्थापित करेगी। यहाँ पर रोगों को केन्द्र में लेकर व औषधियों की उपयोगिता दोनों आधार पर परीक्षण होंगे। सर्वप्रथम कैंसर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हार्ट-अटैक व डॉयविटीज जैसे सार्वभौमिक रोगों पर परीक्षण करके औषधियां लोकार्पित होंगी। </span></h5>
<table style="border-collapse:collapse;width:100%;border-width:1px;background-color:#f1c40f;border-color:#F1C40F;" border="1"><colgroup><col style="width:99.8705%;" /></colgroup>
<tbody>
<tr>
<td style="border-width:1px;border-color:rgb(241,196,15);">
<table style="border-collapse:collapse;width:100.134%;border-width:1px;background-color:#e67e23;border-color:#E67E23;" border="1"><colgroup><col style="width:99.866%;" /></colgroup>
<tbody>
<tr>
<td style="border-width:1px;border-color:rgb(230,126,35);">
<h4 style="text-align:center;" align="center"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">दिल से फकीर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारत की तकदीर हैं मोदी-स्वामी जी</span></strong></h4>
</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">योगऋषि पूज्य स्वामी रामदेव जी महाराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिल से फकीर बताया। उन्होंने कहा कि पीएम दिल से फकीर हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन भारत की तकदीर हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसे प्रथम हिंदूवादी धार्मिक परम्पराओं से जुड़े प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने भारत की प्राचीन परम्पराओं को गौरवांवित करने का पुरुषार्थ कर दिखाया है। स्वामी जी ने कहा जब तक प्रधानमंत्री मोदी का साथ है न बाबा गिरेगा और न देश ही पीछे होगा। उन्होंने आयुर्वेद को विश्व में मान्यता दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास का संकल्प व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री समेत पूरे देश को आयुर्वेद में पतंजलि भारत को नोबेल पुरस्कार दिलाने का भरोसा देता है।</span></strong></h5>
<table style="border-collapse:collapse;width:100.134%;border-width:1px;background-color:#e67e23;border-color:#E67E23;" border="1"><colgroup><col style="width:99.866%;" /></colgroup>
<tbody>
<tr>
<td style="border-width:1px;border-color:rgb(230,126,35);">
<h4 style="text-align:center;" align="center"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">चूहे और खरगोश पर होगा प्रयोग</span></strong></h4>
</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">पतंजलि अनुसंधान केंद्र में सूक्ष्मकणों की विषाक्तता का प्राकृतिक परिवेश में अध्ययन किया जाएगा। इसके लिए छोटे जंतुओं जैसे चूहा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गिनी पिग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खरगोश आदि पर आयुर्वेदिक औषधियों का प्रयोग होगा। इसकी वातावरणीय स्थिति पूर्ण रूप से अंतरराष्ट्रीय स्तर की आधुनिक तकनीकों के साथ स्थापित होगी। स्वामी जी ने कहा कि विराट मानवता के हित में यह प्रयोग आवश्यक है।</span></strong></h5>
<table style="border-collapse:collapse;width:100.134%;border-width:1px;background-color:#e67e23;border-color:#E67E23;" border="1"><colgroup><col style="width:99.866%;" /></colgroup>
<tbody>
<tr>
<td style="border-width:1px;border-color:rgb(230,126,35);">
<h4 style="text-align:center;" align="center"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">वार्षिकोत्सव में राजनेताओं की सहभागिता</span></strong></h4>
</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">पतंजलि अनुसंधान केन्द्र के उद्घाटन अवसर पर उत्तराखण्ड सरकार के कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हरक सिंह रावत</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद रमेश पौखरियाल निशंक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैम्पियन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वामी यतीश्वरानंद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आदेश चौहान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संजय गुप्ता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुरेश राठौर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">देशराज कर्णवाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हरिद्वार मेयर मनोज गर्ग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डॉ. जयपाल सिंह</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पूर्व विधायक चंद्रशेखर सहित विभिन्न दलों व संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की।</span></strong></h5>
</td>
</tr>
</tbody>
</table>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>योग संदेश</category>
                                            <category>पतंजलि रिसर्च</category>
                                            <category>2017</category>
                                            <category>जून</category>
                                    

                <link>https://www.patanjaliyogsandesh.com/article/2432/khoji-jayegi-cancerm-shugar-aur-heart-attack-ki-aushadhi</link>
                <guid>https://www.patanjaliyogsandesh.com/article/2432/khoji-jayegi-cancerm-shugar-aur-heart-attack-ki-aushadhi</guid>
                <pubDate>Thu, 01 Jun 2017 21:48:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.patanjaliyogsandesh.com/media/2023-10/321.jpg"                         length="213728"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[योग संदेश विभाग]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        