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                <title>आयुर्वेदिक उपचार से माउथ के वायरल इन्फेक्शन को किया ठीक - योग संदेश</title>
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                <description>आयुर्वेदिक उपचार से माउथ के वायरल इन्फेक्शन को किया ठीक RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पतंजलि वैलनेस में निराश-हताश लोगों को मिली आशा की किरण</title>
                                    <description><![CDATA[<table style="border-collapse:collapse;width:100%;border-width:1px;background-color:#169179;border-color:#169179;" border="1"><colgroup><col style="width:99.8705%;" /></colgroup>
<tbody>
<tr>
<td style="border-width:1px;border-color:rgb(22,145,121);">
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(255,255,255);"><strong>  <span lang="hi" xml:lang="hi">योगग्राम विश्व के सबसे बड़े योग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ध्यान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्राकृतिक चिकित्सा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एक्यूप्रेशर चिकित्सा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मनोचिकित्सा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यज्ञ चिकित्सा का संस्थान है। पतंजलि योग पीठ द्वारा संचालित योगग्राम की भारतीय संस्कृति पर आधारित प्राकृतिक योग आयुर्वेद चिकित्सा त्रिवेणी का अनुपम आरोग्य तीर्थ स्थान है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें स्वास्थ्य प्राप्ति एवं रोग मुक्ति के लिए रोगी निरन्तर इस त्रिवेणी के संगम में स्नान हेतु नाना प्रकार के तीव्र जीर्ण साध्य-असाध्य एवं जटिल रोग हृदय रोग एस.एल.ई टाइपवन डाईबिटीज तथा र्यूमेटायड आर्थराइटिस जैसे अनेक आटोइम्यून डिजीज पार्किन्सन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मोटर न्यूरॉन डिजीज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डिमेंशिया आदि प्रोग्रेसिव न्यूरोलॉजिकल रोग दमा अल्सर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पेट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फेफड़ा</span></strong></span></h5></td></tr></tbody></table>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.patanjaliyogsandesh.com/article/2749/patanjali-wellness-the-ray-of-hope"><img src="https://www.patanjaliyogsandesh.com/media/400/2023-12/22.jpg" alt=""></a><br /><table style="border-collapse:collapse;width:100%;border-width:1px;background-color:#169179;border-color:#169179;" border="1"><colgroup><col style="width:99.8705%;" /></colgroup>
<tbody>
<tr>
<td style="border-width:1px;border-color:rgb(22,145,121);">
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(255,255,255);"><strong> <span lang="hi" xml:lang="hi">योगग्राम विश्व के सबसे बड़े योग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ध्यान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्राकृतिक चिकित्सा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एक्यूप्रेशर चिकित्सा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मनोचिकित्सा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यज्ञ चिकित्सा का संस्थान है। पतंजलि योग पीठ द्वारा संचालित योगग्राम की भारतीय संस्कृति पर आधारित प्राकृतिक योग आयुर्वेद चिकित्सा त्रिवेणी का अनुपम आरोग्य तीर्थ स्थान है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें स्वास्थ्य प्राप्ति एवं रोग मुक्ति के लिए रोगी निरन्तर इस त्रिवेणी के संगम में स्नान हेतु नाना प्रकार के तीव्र जीर्ण साध्य-असाध्य एवं जटिल रोग हृदय रोग एस.एल.ई टाइपवन डाईबिटीज तथा र्यूमेटायड आर्थराइटिस जैसे अनेक आटोइम्यून डिजीज पार्किन्सन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मोटर न्यूरॉन डिजीज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डिमेंशिया आदि प्रोग्रेसिव न्यूरोलॉजिकल रोग दमा अल्सर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पेट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फेफड़ा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हृदय</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">थायरॉयड महिला संबंधी रोगों तथा अन्य अनेक ज्ञात अज्ञात रोगों से ग्रस्त रोगी आ रहे हैं तथा स्वास्थ्य</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुख चैन शान्ति प्राप्त कर लौट रहे हैं। प्रतिदिन सुबह पूज्यपाद स्वामी जी महाराज का प्रेरणादायी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आरोग्य प्रदायनी योग प्राकृतिक तथा आयुर्वेद तथा आधुनिक चिकित्सा पद्धति तथा पंतजलि रिसर्च संस्थान द्वारा किए जा रहे शोध कार्यों की विवेचना पूर्ण सम्बोधन एवं अमृत तुल्य आशीर्वचन स्वास्थ्य साधकों के लिए मृत संजीवनी का कार्य करता है। विश्व में अपने प्रकार के संस्थान में मानव जाति के लिए सदा स्वस्थ रहने तथा जीवन रूपान्तरण का महाप्रयोग एवं महाआरोग्य अनुष्ठान चल रहा है। विश्व में पतंजलि योगपीठ द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य रक्षण स्वास्थ्य सम्वर्द्धन एवं रोग निवारण का अद्वितीय कार्य हो रहा है। अब तक पतंजलि योगपीठ से करोड़ों रोगग्रस्त लोगों को स्वस्थ जीवन का अभयदान मिला है। ऐसा कार्य विश्व में स्वास्थ्य के क्षेत्र में अतुलनीय है। शिक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्राकृतिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">योग एवं आयुर्वेद  में अनुसंधान के माध्यम से प्राकृतिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">योग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आयुर्वेद चिकित्सा को सार्वभौम बनाने के लिए पतंजलि योगपीठ द्वारा जो कार्य हुआ है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हो रहा है और होगा वह अद्वितीय है।</span></strong></span></h5>
<h5 style="text-align:right;" align="right"><span style="color:rgb(255,255,255);"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">डॉ. अनुराग</span>,<span lang="hi" xml:lang="hi"> चिकित्सक- पतंजलि योगग्राम</span></strong></span></h5>
</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<h4 style="text-align:justify;" align="center"><span style="color:rgb(22,145,121);"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">योग-आयुर्वेद से ब्रेस्ट कैंसर को किया ठीक</span></strong></span></h4>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वामी</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जी 2006 में मुझे ब्रेस्ट कैंसर हुआ था। उसके बाद डॉक्टर ने मुझे ऑपरेशन करवाने की सलाह दी। मैंने ऑपरेशन करवाया और कीमो थैरेपी भी करवायी। तब मुझे स्वामी जी पतंजलि एवं आयुर्वेद चिकित्सा के बारे में इतना नहीं पता था। स्वामी जी आप  २००७ में सांगली शिविर के दौरान आये थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब मैंने आपका शिविर ज्वाइंन किया। स्वामी जी तब से मैं योग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्राणायाम  एवं अन्य आसन नियमित करती रहती हूँ। स्वामी जी मैंने ऑपरेशन होने के बाद मात्र ६ महीने एलोपैथी की दवाई खायी फिर मैंने दवाई लेनी छोड़ दी। एलोपैथी दवाई लगातार लेेने से कुछ अन्य परेशानी सामने आने लगी। तभी मैंने आयुर्वेदिक दवाई लेनी शुरू की। तब से ओर आज तक मैं दवाई लेती आ रही हूँ। जिन से मुझे आज तक कोई अन्य परेशानी या दोबारा कैंसर होने की लक्षण नहीं देखने को मिलें। स्वामी जी मुझे आयुर्वेदिक दवाओं पर विश्वास हुआ। स्वामी जी मैं आपको कोटि-कोटि प्रणाम करती हूँ।  </span></h5>
<h5 style="text-align:right;" align="right"><span lang="hi" xml:lang="hi">सुप्रिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कोल्हापुर (महाराष्ट्र)</span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"> </h5>
<h4 style="text-align:justify;" align="center"><span style="color:rgb(22,145,121);"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">योग एवं उपवास द्वारा ख्खुद को किया पूर्ण स्वस्थ</span></strong></span></h4>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वामी</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जी प्रणाम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मैं तीन साल पहले यहाँ आई थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मुझे अर्थराइटिस की परेशानी थी। तब स्वामी जी आपने बोला था कि बहन जी ठीक हो जाओगी। अब मेरा अर्थराइटिस पूरी तरह से ठीक हो गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वह भी आपके बतायें हुए मार्गदर्शन से। पहले स्वामी जी मेरे हाथों एवं पैरों में जकड़न रहती थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मुझे चलने-फिरने में परेशानी होती थी। इसमें मैंने उपवास रखना प्रारम्भ किया। स्वामी जी मैंने २२ दिन तक उपवास लगातार किया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें मैं खजूर फल इत्यादि लेती थी। इसके साथ-साथ योग पर भी मेरा ध्यान रखता था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मैं योग भी करती थी। स्वामी जी मैंने फिर डॉक्टर के पास जाकर चेक करवाया तो डॉक्टर ने बताया कि अब आपका अर्थराइटिस ठीक हो गया है। मैं आपको कोटि-कोटि धन्यवाद करती हँ।  </span></h5>
<h5 style="text-align:right;" align="right">- <span lang="hi" xml:lang="hi">योग साधक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भावनगर (गुजरात)</span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"> </h5>
<h4 style="text-align:justify;" align="center"><span style="color:rgb(22,145,121);"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">योग द्वारा ब्लड प्रेशर नार्मल किया</span></strong></span></h4>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वामी</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जी मैं लंदन से यहाँ आया हूँ। मेरा ब्लड प्रेशर एवं हार्ट रेट बढ़ा हुआ था। मुझे यहाँ आये हुए अभी ४ दिन हुए है। स्वामी जी यहाँ आकर आयुर्वेदिक उपचार पाने से मेरा ब्लड प्रेशर नार्मल हो गया है और इसके साथ-साथ मेरा वजन भी २ किलोग्राम कम हो गया है। </span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मैं यहाँ के प्राकृतिक वातावरण से</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यहाँ के स्टॉफ के व्यवहार एवं उपचार पद्धति से काफी प्रभावित हुआ हूँ। स्वामी जी मुझे पहले यकीन ही नहीं होता था कि योग एवं आयुर्वेदिक की उपचार पद्धति से मैं इतनी जल्दी स्वस्थ हो जाउंगा। यहाँ आकर मैंने योग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सात्विक भोजन एवं नियमित दिनचर्या को अपनाकर अपने स्वास्थ्य में काफी सुधार महसूस किया हैं। स्वामी जी मैं आपको कोटि-कोटि चरण वंदन करता हूँ। </span></h5>
<h5 style="text-align:justify;" align="right">-<span lang="hi" xml:lang="hi">इंद्रदीप शर्मा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लंदन</span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"> </h5>
<h4 style="text-align:justify;" align="center"><span style="color:rgb(22,145,121);"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">आयुर्वेदिक उपचार से माउथ के वायरल इन्फेक्शन को किया ठीक</span></strong></span></h4>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वामी</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जी ४ साल पहले  मुझे मुंह में वायरल इन्फेक्शन हुआ था। उसके बाद मैंने वाईएफसी करवाई। उसके बाद मैं एलोपैथी दवाई लगातार लेता रहा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन मेरी बीमारी में कोई आराम नहीं हुआ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसके विपरीत मेरी बीमारी बढ़ती रही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ना की घट पाई। स्वामी जी कोरोना काल में मेरी बीमारी ज्यादा बढ़ गई। उसके बाद मैंने दुबारा वाईएफसी करवाई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो डॉक्टर ने मुझे मुंह के कैंसर होने की बात बतायी। उन्होंने मुझे ऑपरेशन करवाने की सलाह दी। स्वामी जी मैंने ऑपरेशन नहीं करवाया और मैं घर वापस आ गया। घर आने के पश्चात मैंने आपका प्रात:काल टी.वी. लाईव प्रोग्राम देखना आरम्भ किया। योग प्रोग्राम देखने के बाद मैंने योग करना शुरू किया। </span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वामी जी लगभग ४ महीने पहले मैं पतंजलि आया था और आयुर्वेदिक दवाई भी लेकर गया था। स्वामी योगा एवं आयुर्वेदिक उपचार पाकर मैं अब स्वस्थ महसूस कर रहा हूँ। आपको  कोटि-कोटि प्रणाम।  </span></h5>
<h5 style="text-align:right;" align="right">-<span lang="hi" xml:lang="hi">सतीश चन्द्र शर्मा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अलवर (राजस्थान)</span></h5>
<h4 style="text-align:justify;" align="center"> </h4>
<h4 style="text-align:justify;" align="center"><span style="color:rgb(22,145,121);"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">योग एवं आयुर्वेद को अपनाकर वर्षों पुरानी शुगर को किया ठीक</span></strong></span></h4>
<h5 style="text-align:justify;" align="right"><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वामी</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">जी मुझे ३७ वर्षों से शुगर की बीमारी है। डॉक्टर को दिखाने के बाद उन्होने मुझे इन्सुलिन लेने की सलाह दी। बढ़ती हुई बीमारी के कारण मैं सुबह 10</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दोपहर में 20</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शाम को 20 और रात के समय 50 यूनिट इन्सुलिन की मात्रा लेता था। स्वामी जी मुझे आपके  पास आने की प्रेरणा टी.वी. पर लाईव देखने से आई। मेरी पत्नी को भी पैरालाइसिस स्ट्रोक आया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब मेरी पत्नी का दाहिना पैर और हाथ प्रभावित हुआ। मैंने अमेरिका में ट्रीटमेंट करवाया लेकिन वहाँ पर भी ज्यादा आराम नहीं हुआ। स्वामी जी मुझे सभी लोग पतंजलि जाने की सलाह देने लगे। यहाँ तक की मेरी बेटी डॉक्टर है वो भी योग पर विश्वास रखती है। उसने भी मुझे पतंजलि जाने को बोला। स्वामी जी मैं अमेरिका से अपनी पत्नी के साथ यहाँ पर उपचार हेतु आया हूँ। यहाँ उपचार और डायट चार्ट के अनुसार मुझे आज ३ दिन हो गये है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तीन दिन उपचार के बाद मैंने इन्सुलिन लेना अभी बंद किया है।                     </span></h5>
<h5 style="text-align:right;" align="right"><span lang="hi" xml:lang="hi">- योग साधक </span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अमेरिका</span></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>योग संदेश</category>
                                            <category>2023</category>
                                            <category>दिव्य अनुभूति</category>
                                            <category>जुलाई</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Jul 2023 21:36:51 +0530</pubDate>
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