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                <title>क्या आप कब्ज़ के शिकार हैं - योग संदेश</title>
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                <description>क्या आप कब्ज़ के शिकार हैं RSS Feed</description>
                
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                <title>क्या आप कब्ज़ के शिकार हैं?</title>
                                    <description><![CDATA[<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">      गेंहू</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> का पानी पीने से गैस व कब्ज की समस्या दूर होती है। सौंफ को आधा घण्टा भिगो दीजिए और उसमें मिश्री डालकर शर्बत बनाकर सेवन करने से भी गैस व पेट की अन्य समस्याएं खत्म होती हैं। इसके  लिए रात में सौंफ को पानी में उबालकर भी पी सकते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रात्रि को त्रिफला का सेवन भी कराया जा सकता है। कब्ज अधिक है तो हरड़ का सेवन कर सकते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन हरड़ का लगातार लम्बे समय तक सेवन करना स्वास्थ्य की दृष्टि से उपयोगी नहीं है। इसी क्रम में कब्ज दूर करने के पतंजलि आयुर्वेद द्वारा निर्धारित</span></h5>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.patanjaliyogsandesh.com/article/3159/are-you-a-victim-of-constipation"><img src="https://www.patanjaliyogsandesh.com/media/400/2024-06/861.jpg" alt=""></a><br /><h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">   गेंहू</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> का पानी पीने से गैस व कब्ज की समस्या दूर होती है। सौंफ को आधा घण्टा भिगो दीजिए और उसमें मिश्री डालकर शर्बत बनाकर सेवन करने से भी गैस व पेट की अन्य समस्याएं खत्म होती हैं। इसके  लिए रात में सौंफ को पानी में उबालकर भी पी सकते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रात्रि को त्रिफला का सेवन भी कराया जा सकता है। कब्ज अधिक है तो हरड़ का सेवन कर सकते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन हरड़ का लगातार लम्बे समय तक सेवन करना स्वास्थ्य की दृष्टि से उपयोगी नहीं है। इसी क्रम में कब्ज दूर करने के पतंजलि आयुर्वेद द्वारा निर्धारित अन्य उपाय भी हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिन्हें हम पाठकों के लिए प्रस्तुत कर रहे हैं।</span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">आंवला-एलोवेरा मिक्स:</span></strong></span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">शाम को खाना खाने के 1 घण्टे बाद 4 चम्मच आंवला का रस व 4 चम्मच एलोवेरा के जूस के सेवन से पेट साफ रहता है। ज्यादा कब्ज़</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> हो तो 1 गिलास गर्म पानी में 4 चम्मच आंवला और 4 चम्मच एलोवेरा मिलाकर सेवन करें। अम्लपित्त हो तो आंवले की मात्रा कम करें। गेंहू के </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ज्वारे का रस लेेने से भी पेट साफ होता है।</span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">नाशपाती का रस:</span></strong></span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कब्ज का नाश करने के लिए नाशपाती के रस का सेवन करें। इससे पूरे पेट की ऐसी धुलाई होगी जैसे ऐनिमा से होती है। यह हृदय के लिए भी बहुत अच्छा है। मधुमेह के रोगी इसका सेवन करना चाहते हों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उसमें बिना मीठा वाली चीजें डालें जैसे ककड़ी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खीरा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">टमाटर अदि। साथ ही चावल के साथ खूब सारी सब्जियां डालकर खायें।</span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">मिक्स आटा:</span></strong></span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">केवल गेंहू की आटे की रोटी का सेवन कब्ज को बढ़ा सकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अत: गेंहू के साथ चना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जौ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ज्वार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बाजरा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कुलथी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मटर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सोयाबीन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मोठ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मसूर आदि अनाजों से मिश्रित आटे से बनी हुई रोटी का सेवन करें। साथ ही प्रतिदिन 5-6 किमी पैदल चलें और कपालभाति व मण्डूक आसन करें। जो भी खाना हो उसे चबा-चबा कर खायें। दांतों का काम आंतों से न लें। चबा-चबाकर खाने से जो लार निकलती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वह पाचक रस बनकर भोजन को पचाती है। </span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इसी प्रकार गेंहू की रोटी चोकर सहित खा सकते हैं। मौसमी फलों का प्रयोग करें। अमरूद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पपीता आदि। सेब</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अमरूद व पपीता ये तीनों पेट साफ करते हैं। जितनी भी हरी सब्जियां हैं भिण्डी को छोड़कर सभी पेट के लिए लाभकारी हैं। करेले का रस पीने से भी पेट साफ होता है। कुछ दिनों तक इन चीजों का प्रयोग करने से कब्ज़</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> तो समाप्त होगा ही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आंतें भी ताकतवर हो जायेंगी। आंतें जितनी कमजोर होंगी कब्ज उतनी अधिक होगी। बथुआ और हरी चौलाई भी कब्ज में बहुत कारगर है। अंजीर व मुनक्का भी कब्ज में लाभकारी है। आप मुनक्का और अंजीर का सेवन करने से 1-2 घण्टे पहले भिगों लें। काली द्रास भी पेट के लिए लाभकारी है। इसमें आयरन होता है और हीमोग्लोबीन भी बढ़ता है। गैस में अंकुरित मेथी एवं छाछ का प्रयोग लाभकारी है।</span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">कुछ उपाय ऐसे भी:</span></strong></span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">गर्म ठंडा सेंक पेट पर देना गैस में लाभदायक है। पवनमुक्तासन और मण्डूक आसन भी करें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">साथ ही कटि स्नान भी लाभकारी है। टब में गर्म पानी डालकर धीरे-धीरे पेट पर गीला तौलियां फेरें। इससे आंतों की ताकत बढ़ेगी और गैस बनने की प्रक्रिया भी कम होगी। खाने में दालों का प्रयोग कम करें और छिलके वाली दाल का ही सेवन करें। </span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">विशेषज्ञ मानते हैं कि 40 से 50 वर्ष की आयु वर्ग के लोगों को अपने आहार में टमाटर अनिवार्य रूप से शामिल करने चाहिए। महिलाओं को 40 साल के बाद सोयाबीन की छाछ और दही लेना ही चाहिए। 50 साल के बाद </span>Hormone Imbalance <span lang="hi" xml:lang="hi">के बाद होने वाली विकृतियां जैसे प्रोस्टेट </span>Gland Enlargement] PAC<span lang="hi" xml:lang="hi"> का Level बढ़ने और कैंसर आदि से बचने का सबसे सरल तरीका है टमाटर। टमाटर में उपस्थित </span>Lycopene Pigment<span lang="hi" xml:lang="hi"> कैंसर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रोस्टेट </span>Gland <span lang="hi" xml:lang="hi">की हर प्रकार की विकृतियों को दूर करता है। प्रतिदिन 4 से 5 टमाटर को उबालकर खाना बेहद लाभकारी होता है। टमाटर को उबालने से </span>Lycopene <span lang="hi" xml:lang="hi">का </span>fibre<span lang="hi" xml:lang="hi"> जो </span>strong bond<span lang="hi" xml:lang="hi"> होते हैं वह ढीले पड़ जाते हैं। उबालने से शरीर इसे जल्दी </span>Assimilate <span lang="hi" xml:lang="hi">कर लेता है। टमाटर का सूप भी बहुत सारी बीमारियों से रक्षा करता है। परंतु टमाटर का अत्यधिक सेवन एसिडटी बढ़ाता है। प्रतिदिन 150-200 ग्राम से ज्यादा टमाटर ना लें।</span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इसे भी आजमायें:</span></h5>
<h5 style="text-align:justify;">कब्ज़, <span lang="hi" xml:lang="hi">मधुमेह</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अर्थराइटिस आदि के लिए रामबाण औषधि घर पर भी तैयार कर सकते हैं। इसमें ५० ग्राम आंवला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">50 से 100 ग्राम चुकंदर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">250-300 ग्राम गाजर और 10 ग्राम कच्ची हल्दी इन सबका जूस मिलाकर प्रयोग करें। जौ के ज्वारे का प्रयोग कर सकते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह शरीर के हर रोगों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जुकाम से लेकर कैंसर तक को ठीक कर सकता है।</span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">पालक व टमाटर का भ्रम क्यों</span>?:</strong></span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कुछ लोगों में टमाटर सेवन को लेकर पथरी का भ्रम बना रहता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वस्तुत: ऐसा है नहीं।</span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हमारी आंतों में बहुत सारे लाभदायक </span>Bacteria <span lang="hi" xml:lang="hi">होते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें से एक है </span>Oxalobacter Formigenes<span lang="hi" xml:lang="hi"> इसके आंतों में कम होने या न होने से पथरी होने की संभावना बढ़ जाती है। यह बैक्टीरिया हमारे शरीर में जो </span>Calcium Oxalate<span lang="hi" xml:lang="hi"> मिलकर के कैल्शियम बनाते हैं उन्हें खा जाता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके कारण भी पथरी ज्यादा बनती है। मात्र 5 प्रतिशत लोग जो पालक और टमाटर का सेवन करते हैं उन्हें पथरी की शिकायत होती है। शेष 95 प्रतिशत लोगों को पालक और टमाटर न खाने से भी पथरी हो सकती है।</span></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>रोग विशेष</category>
                                            <category>योग संदेश</category>
                                            <category>2015</category>
                                            <category>अक्टूबर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 01 Oct 2015 21:46:33 +0530</pubDate>
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