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                <title>परम पूज्य योग-ऋषि श्रद्धेय स्वामी जी महाराज की शाश्वत प्रज्ञा से नि:सृत शाश्वत सत्य ... - योग संदेश</title>
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                <title>परम पूज्य योग-ऋषि श्रद्धेय स्वामी जी महाराज की शाश्वत प्रज्ञा से नि:सृत शाश्वत सत्य ...</title>
                                    <description><![CDATA[<h5 style="text-align:center;"><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>ओ३म</strong></span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>1. सनातन की शक्ति -</strong> वेद धर्म, ऋषिधर्म, योग धर्म या यूं कहें कि सनातन धर्म के शाश्वत, वैज्ञानिक, सार्वभौमिक, व्यवहारिक व पारमार्थिक सत्य अकाट्य हैं। नैतिक व मानवीय मूल्यों के नाम पर लोगों में मतभेद हो सकता है। वैसे तो हर बात पर इतना विभाजन है कि बौद्धिक रूप से समर्थ लोग हर जगह विवाद खड़ा कर लेते हैं। लेकिन जीवन के मूलभूत सत्य जिस समग्रता के साथ वेद, दर्शन, उपनिषद्, गीता, पुराणों, रामायण व महाभारत में हैं वैसे अन्यत्र दृष्टिगोचर नहीं होते। अत: अपने पूर्वजों के ज्ञान व अनुभवों की विरासत पर गौरव अनुभव कीजिये एवं अपने</h5>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.patanjaliyogsandesh.com/article/3615/shshwat-pragyaa"><img src="https://www.patanjaliyogsandesh.com/media/400/2025-03/yoga-2sa.jpg" alt=""></a><br /><h5 style="text-align:center;"><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>ओ३म</strong></span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>1. सनातन की शक्ति -</strong> वेद धर्म, ऋषिधर्म, योग धर्म या यूं कहें कि सनातन धर्म के शाश्वत, वैज्ञानिक, सार्वभौमिक, व्यवहारिक व पारमार्थिक सत्य अकाट्य हैं। नैतिक व मानवीय मूल्यों के नाम पर लोगों में मतभेद हो सकता है। वैसे तो हर बात पर इतना विभाजन है कि बौद्धिक रूप से समर्थ लोग हर जगह विवाद खड़ा कर लेते हैं। लेकिन जीवन के मूलभूत सत्य जिस समग्रता के साथ वेद, दर्शन, उपनिषद्, गीता, पुराणों, रामायण व महाभारत में हैं वैसे अन्यत्र दृष्टिगोचर नहीं होते। अत: अपने पूर्वजों के ज्ञान व अनुभवों की विरासत पर गौरव अनुभव कीजिये एवं अपने महान ऋषि-ऋषिकाओं, वीर-वीराङ्गनाओं व योद्धाओं की तरह जीवन में सदा उच्च आचरण कीजिये। हम मात्र नाम से नहीं अपने काम, चरित्र व महान् योगदान से सच्चे सनातनधर्मी बनें।<br /><strong>2. नया ज्ञान अनुसंधान व योगदान -</strong>पतंजलि योगपीठ की ओर से पतंजलि वैलनेस गुहाटी सेवा का एक बहुत बड़ा कार्य नार्थ ईस्ट के लिए नवरात्र से प्रारंभ हो चुका है। अत: पश्चिम बंगाल, ओडिसा, असम व नार्थ ईस्ट के सातों राज्यों के साथ मां कामाख्या, ब्रह्मपुत्र एवं पूर्वी संस्कृति के दिव्य दर्शन का आनन्द अनुभूति के साथ पूर्ण स्वस्थ जीवन का लाभ पाने हेतु आप सभी सादर आमन्त्रित हैं।<br />लीवर, किडनी, हार्ट, पेन्क्रियाज, ब्रेन एवं कैंसर के रोगों में हर माह कुछ नई खोज करते हैं और आस्था-सोशल मीडिया व योग संदेश के द्वारा आप तक सम्प्रेषित करते हैं। लीवर के रोगों में लिवोग्रिट जूस व वटी के साथ बकरी के दूध का कल्प, किडनी के रोगों में रीनोग्रिट वटी के साथ गोखरू हरा, हरा धनिया, कासनी हरी तथा नीम व पीपल के भी ताजे हरे पत्ते पीने से अप्रतिम लाभ हो रहा है। डायबिटीज में खीरा, करेला, टमाटर के साथ आंवला, एलोवेरा, सदाबहार, चिरायता, कुटकी गुड़मार, विजय सार, मेथी का पानी के साथ हजारों वर्षों से हिमालय क्षेत्र मे प्रयोग होने वाला रतपत्तिया का नया प्रयोग अत्यंत आश्चर्यजनक है। एक से दो सप्ताह नोन-डायबिटीक होना<br />विश्व के लिए बहुत बड़ी घटना है। वात रोगों में एलोवेरा, गिलोय, पारिजात, निर्गुण्डी व सहजना के पत्तों का रस परम औषधि साबित, प्रमाणित हुई है। थायराइड में धनिया के पानी या हरा धनिया के जूस के साथ थायरोग्रिट ने वर्षों पुराने थायरायड को निर्मूल करने का विश्व कीर्तिमान बनाया है। गर्भ में मरणासन्न बच्चों के लिए पुत्रजीवक व शतावर संजीवनी रामबाण औषधि बन चुकी है। वहीं बवासीर के लिए अर्शोग्रिट व कायाकल्प वटी की दो-दो गोली दिन में दो बार खाली पेट खाने से वर्षों पुराने अर्श से लोगों को मुक्ति मिल रही है। नीम जूस, प्लेटोग्रिट जूस, आइग्रिट जूस के परिणामों ने चिकित्सा के क्षेत्र में नए द्वारा खोल दिए हैं ऐसे अनगणित प्रयोग हम पीडि़त मानवता की भलाई हेतु पतंजलि वैलनेस में कर रहे हैं।<br />कैंसर, हृदय रोग व ऑटोइम्यून डिजीज में 8 से 10 घंटों की प्राणायाम साधना के अविश्वसनीय परिणाम सामने आ रहे हैं। मात्र सनातनधर्मी हिंदु भाई-बहन भी पूरी ताकत के साथ पतंजलि के साथ खड़े हो जायें तो हम संसार को एक नई दिशा दे सकते हैं और विश्व की शिक्षा एवं चिकित्सा व्यवस्था में नई क्रांति लाकर एक सात्विक, आध्यात्मिक जीवन पद्धति में पूरे विश्व को मोड़ सकते हैं।</h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शाश्वत प्रज्ञा</category>
                                            <category>योग संदेश</category>
                                            <category>2024</category>
                                            <category>अक्टूबर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 01 Oct 2024 17:59:47 +0530</pubDate>
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