'ट्रांसफोर्मेशन एजेन्डा 2020’ में आचार्य बालकृष्ण जी महाराज ने रखा किसानों का पक्ष

खाद्य प्रसंस्करण के लिए गुणवत्ता और मानक सुनिश्चित होने चाहिए

'ट्रांसफोर्मेशन एजेन्डा 2020’ में आचार्य बालकृष्ण जी महाराज ने रखा किसानों का पक्ष

- आचार्य बालकृष्ण जी महाराज

  • 800 टन संतरा प्रतिदिन प्रोसेस करने की क्षमता वाला प्लांट नागपुर में स्थापित
  • जैविक खेती के लिए किसानों को प्रेरित करने हेतु पतंजलि का विनम्र प्रयास जारी
 ई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित द लीला पैलेस में मिन्ट समाचार पत्र के 10 वर्ष पूर्ण होने पर 'ट्रांसफोर्मेशन एजेन्डा 2020’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में श्रद्धेय आचार्य बालकृष्ण जी महाराज, माननीया केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हरसिमरत कौर बादल समेत खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े कई विशिष्ट महानुभावों ने भाग लिया। कार्यक्रम में कृषि से लेकर खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में भारत के लिए चुनौतियों और अवसरों पर संयुक्त चर्चा हुई। श्रद्धेय आचार्य जी ने किसानों की समस्या से जुड़े कई मुद्दों को उपस्थित महानुभावों के समक्ष रखा जिन पर गहनता से चर्चा की गई।
आचार्य जी ने कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं है कि आज हमारे देश में किसानों को उनकी उपजाई गई फसल का उचित दाम नहीं मिल पा रहा है। लिहाजा जरूरत है कोई ऐसी योजना बनाने की जिससे किसानों की आय दसगुनी हो सके और जनता तक अनाज कम दाम में पहुँच सके। गौरतलब है कि नीतिगत तरीके से काम न होने के कारण आज हमारे देश में पैदावार तो अच्छी हो रही है लेकिन समुचित सुविधाओं के अभाव में फसलें खराब हो रही हैं। इस समस्या का समाधान किया जाना बेहद आवश्यक है।
फूड को हमें सीजन में ही प्रोसेस करना होगा ताकि किसान की फसल बर्बाद न हो। खाद्य प्रसंस्करण के लिए गुणवत्ता तथा मानक सुनिश्चित होने चाहिए। पतंजलि ने पूरा प्रयास किया है कि किसान को उसकी मेहनत का सही परिणाम मिले और खरीद करने वाले उपभोक्ता को सस्ते दाम में उच्च गुणवत्तायुक्त उत्पाद मिल सके। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि हम 800 टन संतरे प्रति दिन प्रोसेस करने की क्षमता वाला प्लांट नागपुर में लगा रहे हैं और हमारा लक्ष्य है कि एक सीजन में 1 लाख टन संतरे एक ही जगह से प्रोसेस कर दें। इससे विदर्भ सहित पूरे महाराष्ट्र क्षेत्र के किसानों का जीवन बदल जाएगा। कुल मिलाकर सभा में मौजूद सभी सदस्यों ने किसानों की समस्याओं को हल करने पर और फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में आगे बढऩे पर गहन मंथन किया। आचार्य जी ने आशा जतायी कि यदि हम सब मिलकर समाधान ढूंढ़ेंगे तो निश्चित रूप से समाधान मिलेगा।
इस अवसर पर माननीया केन्द्रीय मंत्री हरसिमरत कौर ने कहा कि खाद्य के सुनियोजित प्रसंस्करण की जरूरत देश के साथ-साथ इस सम्पूर्ण पृथ्वी के लिए भी उतनी ही प्रासंगिक है। भारत की बड़ी आबादि के लिए इस विषय पर चर्चा करना अत्यन्त आवश्यक है। आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा खाद्य उत्पादन व उपभोग करने वाला देश है। देश का सबसे बड़ा व पहला फूड पार्क पतंजलि ने बनाया, जिसके माध्यम से हजारों लोगों को रोजगार और हजारों किसानों को फायदा हो रहा है, इसका सभी लोग गर्व करते हैं।

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