मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने गिलोय से किया चिकनगुनिया का ईलाज

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने गिलोय से किया चिकनगुनिया का ईलाज

    बांसवाड़ा योग शिविर में राजस्थान की मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे सिंधिया ने अपने निजी जीवन में आयुर्वेद के बारे में अपनी अनुभूति को साझा किया। उन्होंने बताया कि भयावह बीमारी चिकनगुनिया को उन्होंने गिलोय के काढ़े से ठीक कर दिया। उन्होंने कहा कि चिकनगुनिया के उपचार हेतु मैंने कई ऐलोपैथिक दवाओंं का प्रयोग किया किन्तु कोई लाभ नहीं हुआ और जोड़ों का दर्द निरन्तर बना रहा। अन्त में एक आयुर्वेद के वैद्य ने कुछ दिन निरन्तर गिलोय का काढ़ा प्रयोग करने की सलाह दी। मैंने बराबर पन्द्रह दिन तक गिलोय का काढ़ा लिया और मैं यह कह सकती हूँ कि गिलोय के सेवन से चिकनगुनिया पूरी तरह खत्म हो गया। क्योंकि अक्सर कहा जाता है कि चिकनगुनिया होने पर तीन-तीन वर्ष तक जोड़ों में दर्द बना रहता है। मेरे उपचार के बाद लोगों ने मेरे पूरे बगीचे की गिलोय को साफ कर दिया, सबने उससे अपना उपचार करना प्रारम्भ कर दिया। उस गिलोय के कारण ही मैं आज आपके समक्ष स्वस्थ चल पा रही हूँ नहीं तो कई लोग अभी भी लडख़ड़ाते हुए से चल रहे हैं।
महाराज जी ने योग के साथ-साथ आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों खासकर गिलोय को आगे करने का जोरदार कार्य किया है। जिस आयुर्वेद को साधारण समझकर हम ऐलोपैथी की तरफ जा रहे थे आज पूरा देश पुन: आयुर्वेद की ओर लौट रहा है। यह स्वामी जी के अथक प्रयासों का ही परिणाम है।

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ऐलोपैथी एक बीमारी को ठीक करती है तो दूसरी को जन्म दे देती है। हम जानते हैं कि भले ही इससे लाभ में थोड़ा समय लगता है किन्तु इसके कोई भी अतिरिक्त दुष्प्रभाव नहीं हैं। अत: आज पुन: आयुर्वेद की शरण में जाने की आवश्यकता है।
योग से कैंसर जैसे रोग से मिला छुटकारा
हिण्डौन सिटी के उपखण्ड अधिकारी शेरसिंह लुहाडिया की पत्नी सोनल जैन ने कहा कि उन्हें कैंसर था, लेकिन नियमित योग करने से उन्हें कैंसर से छुटकारा मिल गया है। अब वे स्वस्थ जीवन जी रही हैं। इसी प्रकार एक अन्य व्यक्ति सतनाम सिंह नाम ने कहा कि उन्होंने योग से ३० किग्रा. वजन घटाया है।

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