अनुभूति आपकी
On
गर्भधारण में आयुर्वेदिक उपचार से मिली सफलता
अक्टूबर-2014 में मैं गर्भवती हुई थी किन्तु उस समय मेरा गर्भपात हो गया था जिस कारण मुझे गर्भाशय में मल्टिपल फिबराईड हो गये थे। इस दौरान मेरा उपचार देहरादून व हरिद्वार में एलोपैथिक व आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति द्वारा कराया गया। इस उपचार से मुझे कोई लाभ नहीं हुआ। फिर मैंने मई 2017 में पतंजलि आयुर्वेद हास्पिटल में डॉ. मोनिका चौहान से परामर्श लिया। डॉ. चौहान के दिशानिर्देशन में मेरा उपचार योग व आयुर्वेद चिकित्सा पद्धतियों से प्रारम्भ हुआ। साथ ही पथ्य-अपथ्य पर विशेष ध्यान दिया गया। पैथोलॉजिकल जाँच से पता चला कि अब मुझे मल्टिपल फिबराईड की समस्या बिल्कुल भी नहीं है। परिणामस्वरूप अप्रैल २०१८ में मैं पुन: गर्भवती हुई। इसके लिए पतंजलि को मेरा हृदय से धन्यवाद।
भवदीया- कली भट्ट, हरिद्वार, उत्तराखण्ड।
माइग्रेन दर्द में आयुर्वेदिक उपचार से मिली आराम
मुझे सिर दर्द की परेशानी लगातार बनी रहती थी। जून 2013 में मैंने श्री गंगानगर, राजस्थान में दिखाया जहाँ सर्वप्रथम मुझे माइग्रेन की समस्या का पता चला। इस समस्या से निजात पाने के लिए मैंने कई जगह इलाज कराया। पेनकिलर से तात्कालिक आराम मिल जाता था किन्तु कहीं भी इस रोग का स्थाई समाधान नहीं मिला। मैंने जून 2015 में पतंजलि योगपीठ में वैद्य दयाशंकर को दिखाया। उन्होंने पंचकर्म चिकित्सा के माध्यम से मेरा उपचार किया। इसमें मुझे शिरोधारा का विशेष लाभ मिला। माइग्रेन के दर्द से अब मुझे निजात मिल चुकी है।
भवदीया- पूजा नागपाल, श्रीगंगानगर, राजस्थान
लेखक
Related Posts
Latest News
01 Mar 2025 17:58:05
With divine inspiration, I want to draw your attention towards 11 important facts. I am sure that you will


