पांच लाख लोगों को रोजगार देगी पतंजलि: स्वामी रामदेव

पांच लाख लोगों को रोजगार देगी पतंजलि: स्वामी रामदेव

हरिद्वार - पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट के उद्घाटन समारोह को संचालित करते हुए योगऋषि स्वामी रामदेव जी महाराज ने कहा कि आगामी पांच साल में पतंजलि योगपीठ पांच लाख लोगों को रोजगार देगी और करीब पांच करोड़ किसानों को इस श्रृंखला से जोड़कर खुशहाल बनाएगी।
स्वामी जी ने कहा कि उन्होंने करीब 15 साल की उम्र में घर छोड़ दिया था। इसी दौर में मुझे श्रद्धेय आचार्य बालकृष्ण जैसा साथी मिला।
हम सभी गुरुजनों के आशीर्वाद से अभावों, परेशानियों और चुनौतियों के बीच आगे बढ़े। योग, आयुर्वेद और स्वदेशी को लेकर आंदोलन चलाया। उन्होंने कहा कि आज यह गौरवांवित अभियान देशवासियों की शुभकामनाओं का परिणाम है। आज पतंजलि योगपीठ में करीब एक लाख लोगों को रोजगार मिला हुआ है और करीब एक करोड़ किसान पतंजलि योगपीठ से जुड़कर समृद्ध हो रहे हैं। स्वामी जी ने अपने बारे में बार-बार सोशल मीडिया पर किए जा रहे दुष्प्रचार को लेकर कहा कि कई लोग सोचते हैं कि बाबा कब गिरेगा, कब मरेगा। कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार कर दिया कि दुर्घटना में बाबा परलोकवासी हो गए, लेकिन आप की दुआ से मैं इसी लोक में हूँ। उन्होंने कहा जब तक आप सभी की शुभकामनाएं और मोदी जी जैसे शुभचिंतक हैं, तब तक न तो देश गिरेगा और न ही बाबा गिरेगा।
पूज्य स्वामी जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत तभी समृद्ध बन सकेगा जब इसकी दो तरह की दरिद्रताएं दूर होंगी। प्रथम वैचारिक दरिद्रता और दूसरी आर्थिक दरिद्रता।
पतंजलि इस दिशा में प्रतिबद्ध है। भारत के पुनरुद्धार के लिए प्रधानमंत्री के प्रयासों की सराहना करते हुए स्वामी रामदेव जी महाराज ने कहा कि स्वच्छ भारत और विकसित भारत का निर्माण करने में मोदी जी जो भी प्रयास कर रहे हैं, उसमें एक आहुति पतंजलि की जरूर पड़ेगी। इस अवसर पर प्रधानमंत्री महोदय ने स्वामी जी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
 पतंजलि में उमड़ा लघु भारत
 हरिद्वार - पतंजलि अनुसंधान संस्थान के उद्घाटन में देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन पर लगभग देश के हर राज्य से पतंजलि साधक समारोह हेतु पहुँचे थे। 500 बसों में सवार साधक जब हरिद्वार पहुँचे, तो वातावरण दिव्य हो उठा। अमर उजाला संवादपत्र के अनुसार अलग-अलग वेशभूषा, बोलचाल और लोक संस्कृति को देखकर लगा कि मानो पतंजलि में लघु भारत उमड़ आया हो। पतंजलि फेज-1 से फेज-2 के बीच दिनभर साधकों का तांता लगा रहा। ज्ञातव्य कि इस ऐतिहासिक समारोह का गवाह बनने के लिए पतंजलि योगपीठ और भारत स्वाभिमान (ट्रस्ट) से जुड़े हर राज्य के योग साधकों और कार्यकर्ताओं को निमंत्रण दिया गया था।
इस कार्यक्रम के लिए बड़ी संख्या योग साधक दो दिन पहले से ही हरिद्वार पहुंचने शुरू हो गए थे। उत्तराखंड, यूपी, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड सहित देश के लगभग हर राज्य से हजारों योग साधक कार्यक्रम में पहुँचे। खास बात यह कि मात्र चार-पाँच दिन पहले ही पतंजलि परिवार के सदस्यों को प्रशासन की ओर से इस कार्यक्रम की सूचना मिली थी।
 
 

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