पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट उद्घाटन समारोह
खोजी जाएंगी कैंसर, शुगर और हार्टअटैक की औषधियां- आचार्य बालकृष्ण
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हरिद्वार - विश्व के इस प्रथम पतंजलि आयुर्वेदिक अनुसंधान केन्द्र में कैंसर, शुगर और हार्टअटैक जैसी बीमारियों की आयुर्वेदिक दवाएं खोजी जाएंगी, जो सम्पूर्ण वैश्विक मानवता के लिए वरदान साबित होंगी। क्रोमेटोग्राफी जैसी विश्लेषणात्मक सुविधाओं से लैस, जड़ी-बूटियों के परीक्षण के लिए स्व-संचालित ग्राईडर, सॉक्सलेट एक्स ट्रैक्टर, रोटोवैपर, हीटिंग मैटल्स जैसे उपकरणों से सुसज्जित यह प्रयोगशाला अपने में अनोखी है। यहाँ विश्लेषणात्मक तकनीकों से आयुर्वेदिक औषधियों का वर्गीकरण किया जाएगा, जिससे भारत ही नहीं पूरे विश्व को इसका लाभ होगा।
इस प्रयोगशाला में सूक्ष्म कर्णीय औषधि के लिए पारंपरिक भारतीय आयुर्वेदिक प्रक्रियाओं से जड़ी-बूटी व खनिज युक्त सूक्ष्मकणों का निर्माण किया जाएगा। इस प्रकार कृत्रिम व प्राकृतिक परिवेश वाले विभिन्न रोगों के प्रतिरूपों का मूल्यांकन कर आयुर्वेदिक सूक्ष्मकणों की जीनोमिक व प्रोटीयामिक स्तर पर क्रियाविधि की जानकारी जुटाई जाएगी। तत्पश्चात विविध प्रक्रियाओं के आधार पर इससे बहुआयामी निष्कर्ष निकाले जायेंगे। विश्व में प्रथम बार यह पतंजलि ही इस प्रयोगशाला के माध्यम से प्रत्येक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी का तत्वीकरण करेगी, फिर उसे एनिमल ट्रायल व ह्यूमन टायल के माध्यम से आधुनिक चिकित्सकीय पैरामीटर पर स्थापित करेगी। यहाँ पर रोगों को केन्द्र में लेकर व औषधियों की उपयोगिता दोनों आधार पर परीक्षण होंगे। सर्वप्रथम कैंसर, हार्ट-अटैक व डॉयविटीज जैसे सार्वभौमिक रोगों पर परीक्षण करके औषधियां लोकार्पित होंगी।
योगऋषि पूज्य स्वामी रामदेव जी महाराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिल से फकीर बताया। उन्होंने कहा कि पीएम दिल से फकीर हैं, लेकिन भारत की तकदीर हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसे प्रथम हिंदूवादी धार्मिक परम्पराओं से जुड़े प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने भारत की प्राचीन परम्पराओं को गौरवांवित करने का पुरुषार्थ कर दिखाया है। स्वामी जी ने कहा जब तक प्रधानमंत्री मोदी का साथ है न बाबा गिरेगा और न देश ही पीछे होगा। उन्होंने आयुर्वेद को विश्व में मान्यता दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास का संकल्प व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री समेत पूरे देश को आयुर्वेद में पतंजलि भारत को नोबेल पुरस्कार दिलाने का भरोसा देता है।
पतंजलि अनुसंधान केंद्र में सूक्ष्मकणों की विषाक्तता का प्राकृतिक परिवेश में अध्ययन किया जाएगा। इसके लिए छोटे जंतुओं जैसे चूहा, गिनी पिग, खरगोश आदि पर आयुर्वेदिक औषधियों का प्रयोग होगा। इसकी वातावरणीय स्थिति पूर्ण रूप से अंतरराष्ट्रीय स्तर की आधुनिक तकनीकों के साथ स्थापित होगी। स्वामी जी ने कहा कि विराट मानवता के हित में यह प्रयोग आवश्यक है।
पतंजलि अनुसंधान केन्द्र के उद्घाटन अवसर पर उत्तराखण्ड सरकार के कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, हरक सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद रमेश पौखरियाल निशंक, विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैम्पियन, स्वामी यतीश्वरानंद, आदेश चौहान, संजय गुप्ता, सुरेश राठौर, देशराज कर्णवाल, हरिद्वार मेयर मनोज गर्ग, डॉ. जयपाल सिंह, पूर्व विधायक चंद्रशेखर सहित विभिन्न दलों व संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की। |
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01 Mar 2025 17:58:05
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