दिव्य अभिव्यक्तियां
देश की विशिष्ट हस्तियों की दृष्टि में पतंजलि एवं गुजरात सरकार के संयुक्त प्रयास से आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योगदिवस समारोह
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जिनके मार्ग दर्शन में यहां विश्व रिकॉर्ड बने ऐसे पूज्यनीय बाबा रामदेव जी के साथ लाखों की संख्या में योग करने पधारें लाखों भाई बहनों को हमारा नमन है। 2011 में बैंगलूर में विश्व भर के योगाचार्य इकट्ठा हुए और उन्होंने संकल्प व्यक्त किया कि योग जैसी प्राचीन भारतीय धरोहर से बिना औषधि रोग मुक्त हुआ जा सकता है। अत: विश्व को रोगमुक्त करना है, तो हमे विश्व योग दिवस बनाना होगा।
2014 में नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री बने और उन्होंने यूएनओ में विश्व योग दिवस का प्रस्ताव रखा और आज विश्व यह योग दिवस मना रहा है। २१ जून सबसे लम्बा दिन होता है, योग के लिए इस दिन को चुनकर मनुष्य के लिए स्वास्थ प्रद एवं लम्बी आयु का रास्ता और भारत के लिए इसे सशक्त करने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। आज विश्वभर में योग के रास्ते पर चलने वालों की संख्या बढ़ रही है।
बाबा रामदेव जी को जबसे हमने देखा योग की ही महिमा गाते दिखे। स्वामी जी ने अनेक कार्यो को अपने हाथ में लिये हैं, जो काफी कठिन हैं, वह चाहे योग का प्रचार हो। स्वदेशी आंदोलन हो, योग शिक्षा हो या देश को संस्कृति निष्ठ करने के लिए हमारी सभ्यता के अनुरूप शिक्षा में सुधार हो, सब में बाबा ने अपना प्राण लगाया है। आज योग दिवस के अवसर पर ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि जो योग दिवस मनाने का निर्णय विश्व ने लिया है वह कल्याण मय हो, संपूर्ण विश्व निरोग हो और सात्विक जीवन की ओर बढ़े यही प्रार्थना है।
श्री अमित भाई शाह
राष्ट्रीय अध्यक्ष,
भारतीय जनता पार्टी
भारत वर्ष के साथ समग्र विश्व योग दिवस मनाता है। यह भारत के लिए गौरव का विषय है। योग भारत का विश्व को अनूठा वरदान है, विश्व में भाई-चारा, सुख-शांति बनाने का उत्तम मार्ग योग ही है। हम इस पर चलकर 100 वर्षों तक निरोगी जीवन जी सकते हैं। प्राचीन काल से हमारे ऋषि-मुनियों ने योग की एक अनूठी भेंट दी हैं। यह मन व शरीर दोनों को साधने की क्रिया है। यह शरीर को मन से, मन को आत्मा से जोड़ने की प्रक्रिया है। यह कर्म में कौशल लाता है। यह मानसिक चेतना का जागरण भी करता है। योग का एक आयाम इसमें निहित चिकित्सा क्षमता भी है।
आधुनिक जीवन शैली तनाव को जन्म देती है। योग मनुष्य को उस तनाव से निजात दिलाता है। विश्व योग दिवस पर स्वामी रामदेव की उपस्थिति में लाखों लोगों ने एक साथ योग करके प्रांत को गौरवांवित किया है। स्वामी जी के इस प्रयास से देश के युवा विशेष प्रेरित हो रहे हैं।
श्री ओ पी कोहली
राज्यपाल, गुजरात सरकार
विश्व योग दिवस पर लाखों लोगों द्वारा योग करने के विश्व रिकॉर्ड सहित अनेक रिकॉर्डो से गुजरात गौरवांवित हो गया। स्वामी रामदेव ने योग द्वारा गुजरात को तीर्थ बना दिया। स्वस्थ व संस्कृति निष्ठ गुजरात का यह महत्वपूर्ण पुरुषार्थ है। स्वामी जी को ही इसका श्रेय जाता है। इस आयोजन को विश्व रिकार्ड रूप में दर्ज कराने हेतु स्वामी जी के साथ गुजरात सरकार एवं गुजरात के नागरिक प्रयासरत हैं। वास्तव में हिमालय की गंगा व साबरमती का पावन मिलन है यह गुजरात योग महोत्सव।
श्री विजय रूपानी
मुख्यमंत्री, गुजरात सरकार
गुजरात राज्य, संपूर्ण विश्व व भारत में अपनी हजारों वर्षों की ऋषियों की योग पद्धति, हमारी प्राचीन सांस्कृतिक पद्धति को संपूर्ण विश्व में गौरवान्वित करने वाले पूज्य स्वामी रामदेव जी को अभिनंदन। पूज्यवर ने गुजरात की पावन धरती पर इस अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस को सफल बनाने हेतु विराट तप अनुष्ठान किया है। यह तप संपूर्ण गुजरात को स्वस्थ-सशक्त बनाने के लिए है।
भाई नरेन्द्र मोदी एवं स्वामी रामदेव जी ने अपने अथक प्रयास से तो विश्व में योग प्रतिष्ठित कराया। गुजरात सरकार की ओर से मुख्यमंत्री महोदय ने भी स्वामी रामदेव जी महाराज से विनती की कि संपूर्ण गुजरात की करोड़ों जनता के हित में इस विश्व योग दिवस पर शिविर आयोजित करें।
यह स्वामी जी का महान आर्शीवाद है कि उन्होंने गुजरात के नागरिकों की प्रेरणा हेतु यह आयोजन रखा। आज गुजरात के नागरिकों, सरकार एवं पूज्यवर के प्रयत्न से हमारी युवा पीढ़ी इस योग का लाभ पा रही है।
श्री नितिन भाई पटेल
उपमुख्यमंत्री, गुजरात सरकार
योग के माध्यम से संपूर्ण धरा बड़ी विजय करने जा रही है। परम पूज्य स्वामी जी के आर्शीवाद से गुजरात पहले से योग में अग्रगण्य रहा है। योगऋषि के प्रयास से २१ जून विश्व योग दिवस हम सबको गौरवांवित कर रहा है। आदरणीय मोदी जी ने योग को लेकर बहुत ईमानदारी से विश्व को सम्मत किया, उसी के परिणाम स्वरूप यह विश्व स्तरीय उपक्रम आज गुजरात में चल रहा है। मुझे खुशी है बाबा रामदेव ने यहां से योग की विश्व रिकॉर्ड श्रृंखला शुरू की, जो प्रान्त को गौरवांवित करने वाला है। आज गुजरात की धरती लाखों लोगों के योग करने व स्वामी जी के पधारने से धन्य हो गयी।
तृतीय अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर यह जन आंदोलन बन गया है। स्वामी जी के प्रयास से आज योग धर्म से बाहर निकल चुका है। मैं देखता हूँ कि रोजा के दिनों में छोटे-छोटे मुस्लिम बच्चों के साथ सभी समाज के लोग इसे आज अपना रहे हैं।
श्री राजेन्द्र त्रिवेदी
युवा एवं सांस्कृतिक मंत्री
गुजरात सरकार
अब पूरा विश्व योगमय हो रहा है, २१ जून के ऐतिहासिक दिन को योगमय बनाने का संकल्प जिस महामानव ने लिया, यूएनओ में जिसने विश्व योग दिवस का प्रस्ताव रखा और संपूर्ण विश्व आज जिसके कारण योग कर रहा है, उस महान राष्ट्रयोगी हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बहुत-बहुत अभिनंदन।
योग दिवस पर लाखों लोग अहमदाबाद के पांच ग्राउण्डों पर जिस पूर्ण अनुशासन से योगाभ्यास किया, वह भी एक कीर्तिमान है। मोदी जी ने आज तक जो भी संकल्प लिये, उसे अहमदाबाद के अधिकारियों ने जमीन पर उतारकर उदाहरण बनाया। योग दिवस पर लाखों लोगों का मूमेन्ट इस योग के इवेन्ट के लिए हुआ और गुजरात पूरे देश के लिए गवर्नेन्स का उदाहरण बन गया। गुजरात सरकार एवं उनके अधिकारीगण योग के विराट अभियान को सफल बनाने हेतु अभिनंदन के पात्र हैं।
योगऋषि स्वामी
रामदेव जी महाराज
परमाध्यक्ष, पतंजलि योगपीठ
विश्व योग दिवस पर स्वामी रामदेव ने योग की विश्व हुंकार स्थापित की। स्वास्थ्य को निरोग रखने की प्रमुख विद्या योग है। योग में कोई साम्प्रदायिकता नहीं है। इस योग विद्या के मार्गदर्शक स्वामी जी के मार्ग दर्शन में हम सभी अहमदाबाद में एकत्र हुए हैं। भगवद गीता कहती है योग दुख का हरण करने वाला होता है। युक्ताहार, युक्तविहार, युक्त व्यवहार से योग सिद्ध होता है। ब्रहम बेला में जितनी सक्रियता से अहमदाबाद के लोग योग के लिए जगे, यह अपने में एक विश्व रिकार्ड जैसा रहा।
शरीर परमात्मा का यंत्र है, अत: हमारा शरीर के प्रति धर्म होता है, जैसे बाबा जी कहते हैं कि करो योग रहो निरोग। मैं भी प्राणायाम नित्य करता हूँ। मेरे प्रवचनों में स्वामी जी आते हैं, तो उनके द्वारा सिखायें योग से मैं भी सीख लेता हू।
हमारे राष्ट्र के बहुत ही प्राणावान ऊर्जावान लोकप्रिय प्रधानमंत्री एवं बाबा जी की प्रेरणा से संपूर्ण विश्व योग दिवस मना रहा है। प्रधानमंत्री जी ने अभी एक दिन का भी अवकाश नहीं लिया है। उसका श्रेय इस योग को जाता है। योग सतत ऊर्जा प्रदान करता है। योग महोत्सव में बैठे संतगण एवं विशाल जनसभा हम सबको ऊर्जावान कर रही थी। परम्परा से प्राप्त योग को हमने समय के साथ विस्मृत कर दिया गया था, उसे इस विशेष स्तर पर जन-जन तक पहुँचाने एवं इस प्राचीन विद्या को स्मृति में लाने का श्रेय स्वामी रामदेव जी महाराज को जाता है। विश्व मानवता सदा योग को जन-जन तक पहुँचाने के लिए स्वामी जी का ऋणी रहेगी। जैसे कान को पकड़कर गलती के लिए क्षमा मांगते हैं, वैसे ही नाक पकड़कर स्वास्थ्य के प्रति समर्पित रहें। यह नाक सदैव पकड़े रहें जिससे नाक बची रहे। भारत के सभी जन योग को समर्पित रहें, एक स्वस्थ भारत की पहचान बने ऐसी शुभकामना है।
श्रद्धेय श्री रमेश ओझा
राष्ट्रसंत एवं कथावाचक
यह महत्वपूर्ण समय है, बहुत से लोग इस दिव्य बेला में सो रहे हैं, पर कुछ लोग जागते हैं, स्वामी जी देश के करोड़ो लोगों के शरीर को योगाभ्यास के माध्यम से स्वस्थ, आत्मा को शक्तिशाली तथा जीवन को प्रकृति से सहचर्य स्थापित करा करके सतयुग लाने का पुरुषार्थ कर रहे हैं। अन्तर्राष्ट्रीय योगदिवस का अहमदाबाद आयोजन अपने में देश व विश्व मानवता को गौरवांवित करने वाला रहा।
बहिन सुश्री शिवानी जी
प्रतिष्ठित संत, प्रजापिता ब्रह्मकुमारी
अभी 20-25 वर्ष पहले तक योग बुढ़ापे में करने का विषय माना जाता था। पर यह कहते हुए हमें गौरव हो रहा है, कि संपूर्ण विश्व में सबसे बड़ा कांस्टीट्यूसन स्वामी जी के माध्यम से योग के रूप में प्राप्त हुआ है। युवा भी इसमें अभिरुचि ले रहे हैं। मैं समझता हूँ कि नेताओं को देखकर समाज बनता है, नेता समयबद्ध होंगे, तो समाज की दिशा बदल जायेगी। मोदी जी योग करके वह प्रेरणा दे रहे है। भारत संतों की भूमि है, मैं स्वामी जी को नमन करता हूँ, क्योंकि १२० करोड़ की आबादी वाले संपूर्ण देश व विश्व में स्वामी जी को लोग योगऋषि के रूप में लोग जानते हैं।
श्री राहुल पराडे, छात्र संसद
आज पूज्य रामदेव जी महाराज एवं आचार्य श्री के प्रयास से, पूर्व से पश्चिम तक, उत्तर से दक्षिण तक पूरे विश्व में योगाभ्यास की गूंज उठ रही है। आज भारतीय संस्कृति का गौरव योग से बढ़ रहा है। पूज्यवर हमारी संस्था में आये थे, तो छोटे-छोटे बच्चों में भी योग के प्रति ललक जगी, जो शुभ संदेश है।
श्री बालस्वामी जी महाराज, प्रतिष्ठित संत
लेखक
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01 Mar 2025 17:58:05
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