पतंजलि द्वारा निर्मित मृदा परीक्षण मशीन ‘धरती का डॉक्टर’ को आई.सी.ए.आर. ने किया प्रमाणित
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रसायनों के अंधाधुंध प्रयोग से कृषि भूमि प्रदूषित व बंजर हो रही है: स्वामी रामदेव
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‘धरती का डॉक्टर’ भारत सरकार द्वारा पेटेंट व CE-सर्टिफिकेट प्राप्त: आचार्य बालकृष्ण
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ये देश की पहली मशीन है जिसके द्वारा सभी 12 पैरामीटर्स की सटीक जाँच की जा सकती है: डॉ. राजेन्द्र कुमार यादव
पतंजलि विश्वविद्यालय के प्रांगण में मृदा परीक्षण मशीन ‘धरती का डॉक्टर’ को भारतीय कृषि अुनसंधान परिषद (ICAR) के केन्द्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के द्वारा प्रमाणन-पत्र प्रदान किया गया।
इस अवसर पर पतंजलि योगपीठ के संस्थाक अध्यक्ष परम पूज्य स्वामी रामदेव जी महाराज ने बताया कि धरती का डॉक्टर एक अत्याधुनिक मृदा परीक्षण मशीन है जिससे मृदा की सटीक जाँच परिणाम कम लागत एवं कम समय में प्राप्त किए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि रसायनों के अंधाधुंध प्रयोग से हमारी अन्न व औषधि प्रदाता कृषि भूमि प्रदूषित व बंजर हो रही है जिसको समय पर मशीन के द्वारा जाँच कर सुधारा जा सकता है। उन्होंने कहा कि हम किसानों की आय को दोगुना करने हेतु संकल्पित हैं जिसमें यह मृदा परीक्षण मशीन अत्यंत सहायक सिद्ध होगी।
भरूआ एग्री साइंस के प्रबंध निदेशक परम श्रद्धेय आचार्य बालकृष्ण जी महाराज ने बताया कि धरती का डॉक्टर मृदा परीक्षण मशीन के द्वारा मृदा स्वास्थ्य के 12 आवश्यक मानकों का परीक्षण किया जाता है जिसमें मुख्य पोषक तत्व उपलब्ध नाइट्रोजन, फास्फोरस व पोटाश एवं गौण पोषक तत्व बोरॉन, आयरन, जिंक, कॉपर एवं मैंगनीज सम्मिलित हैं। इस मशीन को भारत सरकार द्वारा पेटेंट तथा ष्टश्व-सर्टिफिकेट प्राप्त है।
उन्होंने कहा कि इस मशीन को पतंजलि के वैज्ञानिकों द्वारा वर्षों के व्यापक शोध के बाद विकसित किया गया है जो किसानों के लिए वरदान सिद्ध होगी। यह मशीन किसानों की कृषि सम्बंधी प्रत्येक समस्या के लिए सर्वोत्तम संभव समाधान प्रदान करती है। श्रद्धेय आचार्य जी ने बताया कि यह मशीन उपयोग में बहुत ही सरल है। इसके द्वारा फसलानुसार उर्वरक संस्तुतियाँ रासायनिक, जैविक एवं मिश्रित तीनों प्रकार से प्राप्त की जा सकती हैं।
केन्द्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. राजेन्द्र कुमार यादव ने कहा कि धरती का डॉक्टर देश के किसानों तथा भारत सरकार की मृदा स्वास्थ्य योजना के लिए बड़ी उपयोगी मशीन साबित होगी।
उन्होंने कहा कि हमारा स्वास्थ्य धरती के स्वास्थ्य के साथ जुड़ा है। मृदा स्वास्थ्य के लिए 12 पैरामीटर्स हैं जिनके आधार पर मिट्टी की गुणवत्ता निर्धारित की जाती है। हमारी टीम ने इस मशीन पर गहन परीक्षण किया जिसमें पाया गया कि यह देश की ऐसी पहली मशीन है जिसके द्वारा सभी 12 पैरामीटर्स की सटीक जाँच की जा सकती है।

इस अवसर पर केन्द्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. अरविन्द कुमार राय एवं पतंजलि संस्थान की ओर से डॉ. अशोक कुमार मेहता, भरूआ एग्री साइंस के निदेशक डॉ. ऋषि कुमार के साथ प्रमुख वैज्ञानिक विक्रांत वर्मा, हेमंत त्यागी एवं डॉ. आशुतोष गुप्ता आदि उपस्थित रहे।
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