बीएएमएस द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों का फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) देहरादून में शैक्षिक भ्रमण
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हरिद्वार, २३ नवंबर। पतंजलि आयुर्वेद कॉलेज हरिद्वार के बीएएमएस द्वितीय वर्ष के छात्रों ने आज फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (स्नस्रु) देहरादून का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान स्नस्रु के उपनिदेशक डॉक्टर एम.के. अग्रवाल ने छात्रों को फॉरेंसिक मेडिसिन की विस्तृत जानकारी दी और फॉरेंसिक साइंस में चिकित्सकों की भूमिका एवं दायित्व के महत्व पर प्रकाश डाला।
विद्यार्थियों ने स्नस्रु की विभिन्न प्रयोगशालाओं का दौरा किया, जिनमें भौतिक विज्ञान, फॉरेंसिक बैलिस्टिक, रसायन विज्ञान, जैविक विज्ञान, और साइबर सुरक्षा आदि लैब शामिल थीं। इन प्रयोगशालाओं के माध्यम से छात्रों को फॉरेंसिक साइंस के विभिन्न पहलुओं और आधुनिक तकनीकों की जानकारी प्राप्त हुई।
इस शैक्षणिक भ्रमण में छात्रों के साथ अगद तंत्र विभाग के प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष डॉ. आशीष गोस्वामी, डॉ. (प्रो.) नरेंद्र कुमार और डॉ. नेहा बरुआ भी उपस्थित रहे। डॉ. आशीष ने कहा कि निश्चित ही यह भ्रमण छात्रों के शैक्षिक विकास और व्यावसायिक दृष्टिकोण को बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा।
आचार्यकुलम् में शास्त्र स्मरण प्रतियोगिता का समापन
हरिद्वार, १४ दिसंबर। आचार्यकुलम् में श्रीमद्भगवद्गीता सहित ईश, केन, मांडूक्योपनिषद व योगदर्शन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में श्रीमद्भगवद्गीता के कुल 10 प्रतिभागियों में से 6 प्रथम, 4 द्वितीय तथा एक प्रतिभागी को 100 में 100 अंक प्राप्त हुआ। इस हेतु 5000 रुपए प्रथम व 3500 रुपए द्वितीय पुरस्कार स्वरूप प्रदान किए गए। ईशोपनिषद के कुल 37 प्रतिभागियों में से 35 प्रथम, 2 द्वितीय तथा 15 प्रतिभागियों को 100 में 100 अंक प्राप्त हुए। इस हेतु 500 रुपए प्रथम व 400 रुपए द्वितीय पुरस्कार स्वरूप प्रदान किए गए। केनोपनिषद के कुल 4 प्रतिभागियों रहे जिनमें सभी ने १०० में १०० अंक प्राप्त किए तथा प्रथम रहे। इस हेतु सभी चारों प्रतिभागियों को 1000 रुपए प्रथम पुरस्कार स्वरूप प्रदान किए गए। मांडूक्योपनिषद के कुल 24 प्रतिभागियों में से 23 प्रथम, एक प्रतिभागी को द्वितीय तथा 12 प्रतिभागियों को 100 में 100 अंक प्राप्त हुए। इस हेतु 500 रुपए प्रथम व 400 रुपए द्वितीय पुरस्कार स्वरूप प्रदान किए गए। जबकि योगदर्शन के कुल 2 प्रतिभागियों में दोनों को प्रथम तथा एक प्रतिभागी को 100 में 100 अंक प्राप्त हुआ। इस हेतु 1000 रुपए प्रथम पुरस्कार स्वरूप प्रदान किए गए। सभी प्रतिभागियों को विशेष शैक्षिक भ्रमण पर भेजा गया। आचार्यकुलम् की उपाध्यक्षा आदरणीया डॉ. ऋतंभरा शास्त्री ‘बहन जी’ व प्राचार्या श्रीमती स्वाति मुंशी जी ने विद्यार्थियों को शुभाशीष प्रदान किया।
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