साक्षात्कार
आज तक’के ‘एजेंडा’कार्यक्रम में पूज्य स्वामी रामदेव जी महाराज ने स्वदेशी कंपनी रुचि सोया, सिटिजन एमेडमेंड एक्ट तथा अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए
On
रुचि सोया में 22 फैक्टरियाँ हैं और करीब ढाई लाख हेक्टर इसमें पाम प्लांटेशन का एक बहुत बड़ा काम है। यदि हम इसको दिवालिया होने देते तो विदेशी कंपनियों का उनपर एकाधिकार हो जाता और प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से लाखों लोगों का रोजगार समाप्त हो जाता। |
आज तक के मंच पर पूज्य स्वामी जी महाराज ने कहा कि देश के जो बड़े एजेंडे हैं, चाहे वो देश की इकॉनमी है, पॉलिटिक्स है, इंडस्ट्री, एग्रीकल्चर, स्पोर्ट्स है जिससे देश आगे बढ़ता है, उन मुद्दों को लेकर एक बहुत ही सार्थक विमर्श आज तक के इस महामंच पर होता है उसके लिए‘आज तक’को मेरी बधाई। देश की अर्थव्यवस्था, बेरोजगारी, नागरिकता कानून तथा जनसंख्या पर पूछे गए सवालों का पूज्य स्वामी जी महाराज ने बड़ी बेबाकी से उत्तर दिया। आइए! जानते हैं कुछ महत्वपूर्ण सवालों के जवाब जो पूज्य स्वामी जी महाराज ने आज तक के एजेंडा कार्यक्रम में दिए- |
प्रश्न- पतंजलि ने अभी हाल ही में देश की सबसे बड़ी एफ.एम.सी.जी. कंपनी ‘रुचि सोया’ का अधिग्रहण किया है, मंदी के दौर में पतंजलि की इस उपलब्धि के लिए ये कौन सा योग करते हैं? आइए! जानते हैं बाबा रामदेव जी से।
स्वामी जी- रुचि सोया की बात है तो यह पूरा मामला एन.सी.एल.टी. में था और एक स्वदेशी कंपनी को हमने दिवालिया होने से बचाया है और उसमें जो हजारों लोग काम कर रहे हैं उनको हमने बेरोजगार होने से बचाया है। साथ ही आने वाले साल छह महीने में हम 10-20 हजार और लोगों को रोजगार देंगे। इसमें पाम प्लांटेशन का भी कार्य है और ढाई लाख हेक्टर जमीन है, उसमें पाम प्लांटेशन का फार्मर्स के साथ कॉन्ट्रैक्ट है। इससे लाखों किसानों के जीवन में समृद्धि आएगी। हमारा संकल्प है कि आने वाले तीन से पांच साल में कम से कम यह पाम प्लांटेशन ही तीन से पांच हजार करोड़ का हो जाएगा, यह इतना बड़ा कार्य है।हमने यह रुचि सोया कंपनी कोई बिजनेस के लिए नहीं ली है। हमारा एक सिद्धांत है कि यह देश हमारे लिए कोई बाजार नहीं है हमारे लिए यह एक परिवार है। रुचि सोया में 22 फैक्टरियाँ हैं। यदि हम इसको दिवालिया होने देते तो विदेशी कंपनियों का उनपर एकाधिकार हो जाता और लाखों लोगों का रोजगार समाप्त हो जाता। विल्मर एक विदेशी कंपनी है और अभी भी उसका बहुत बड़ा मार्केट शेयर है। अगर हम रुचि सोया का अधिग्रहण न करते तो भारत की 70-80% एडिबल ऑयल मार्केट पर MNCs का राज हो जाता। यह एफ.एम.सी.जी. सेक्टर में पतंजलि के टेक ओवर का प्रश्न नहीं है, इस देश में जो हमारा सपना था कि आर्थिक और सांस्कृतिक लूट हो रही है उससे देश को बचाना और उस दिशा में एक साल से यह कार्य चल रहा था और आज साकार हुआ है। इसके लिए मैं आप सबको भी बधाई देता हूँ क्योंकि पतंजलि तो आप सबकी संस्था है। पतंजलि देश के लिए काम करती है और स्वामी रामदेव का उसमें कोई पर्सनल इंट्रेस्ट नहीं है। बेशक हमने इसमें बैंकों से कर्ज पर पैसा भी लिया है, उसको लौटाना है, जो लोग काम कर रहे हैं उनके जीवन में खुशहाली लाना है और उसके अतिरिक्त जो प्रॉफिट बचे उसको 100% चैरिटी में लगाना है। हमारा तो संकल्प ही है प्रोस्पेरिटी फॉर चैरिटी, इसी सिद्धांत पर हम कार्य करते हैं।
इतनी खराब परिस्थितियों में रुचि सोया का टर्न ओवर 13 हजार करोड़ था और मार्च तक हमारा लक्ष्य होगा कि कम से कम इसको 15 हजार करोड़ तक लेकर जाएँ और आने वाले कुछ वर्षों में हम इसको 25-30 हजार करोड़ से ऊपर लेकर जाएंगे, यह आगे का हमारा सपना है।
प्रश्न- बीते छ: महीनों में पतंजलि का रेवेन्यू सबसे ज्यादा जनरेट हुआ है, तो क्या बाबा गेम में सबसे आगे हैं?
स्वामी जी- कुछ लोगों ने पतंजलि के बारे में झूठ, अफवाह फैलाई कि पतंजलि गेम से बाहर हो गयी है लेकिन आप आकड़ों को तो नहीं झुठला सकते। हमारा एक ही सपना है कि हम देश को आगे रखना चाहते हैं और देश को आगे रखने के लिए जो करना पड़ेगा उसके लिए हम 18 घंटा मेहनत करते हैं। आज भी मैं सुबह चार बजे से योग करके और फिर उसके बाद कर्म योग करके आया हूँ, रोज 18 घंटे काम करता हूँ और पिछले 40 सालों में मैंने एक बार भी छुट्टी नहीं की है।
प्रश्न- राजधानी दिल्ली में एक तरफ इण्डिया गेट पर प्रियंका गांधी का प्रदर्शन, दूसरी तरफ छात्रों का प्रदर्शन, CAA को लेकर इतना हंगामा? CAA को लेकर, सरकार को लेकर और पुलिस द्वारा छात्रों पर हुई बर्बर कार्रवाई के आरोपों को लेकर आपका क्या कहना है?
स्वामी जी- मैं वही सोचता हूँ जो हिंदुस्तान सोचता है। देश में एक भी अवैध नागरिक क्यों रहे, हमारा एक भी नागरिक अमेरिका, कनाडा, यूके, ऑस्ट्रेलिया, जापान में क्या रह सकता है। हिंदुस्तान का एक भी अवैध नागरिक अवैध रूप से अमेरिका, कनाडा, यूरोप, ब्रिटेन में, इजरायल में, किसी भी देश में नहीं रह सकता। एक तो आप अवैध तरीके से रह रहे हैं और ऊपर से दादागिरी कर रहे हैं, देश में आग लगा रहे हैं। जो भी लोग यहाँ अवैध तरीके से रह रहे हैं उनकी लिस्टिंग हो रही है और इसमें 99% वही सम्मिलित हैं। कुछ चेहरों को आगे कर रहे हैं और वही इनको प्रोटेक्ट करने का काम कर रहे हैं, उनको उकसाने का काम कर रहे हैं।
पहली बात देश में एक भी अवैध नागरिक नहीं रहना चाहिए नहीं तो देश की सुरक्षा ही खतरे में पड़ जाएगी। दूसरी बात हिन्दू, जैन, बौद्ध, सिख सबको अनुमति दे दी कि वो यहाँ पर शरण ले सकते हैं, मुसलमान क्यों नहीं ले सकते, देश के संविधान में तो मजहब का कोई भेद भाव नहीं है। बात देश की नहीं है, बात विदेश से आने वाले नागरिकों की है तो देश का संविधान देश के अंदर लागू होता है और कोई भी कहीं से भी आए और यहाँ बस जाए क्या हिंदुस्तान को धर्मशाला समझ रखा है।
प्रश्न- लोग कह रहे हैं कि CAA में मुसलमानों को किनारे क्यों किया? इस पर आपकी क्या राय है?
स्वामी जी- बात मुसलमानों की नहीं है, बात यह है कि बांग्लादेश और पाकिस्तान में क्या कोई मुसलमान प्रताडि़त हो सकता है वो तो घोषित रूप से इस्लामिक देश है, वहाँ हिन्दू, सिख, ईसाई प्रताडि़त होता है वहां मुस्लिम कैसे प्रताडि़त हो सकता है।
हम लोग देश की बात के साथ में विदेश का घालमेल ना करें। देश का संविधान देश में लागू नहीं होगा तो क्या पाकिस्तान, बांग्लादेश में देश का संविधान लागू होगा? वो तो इस्लामिक कंट्री हैं। वहाँ पर जो मुसलमान हैं, वो कैसे प्रताडि़त हो सकते हैं और वो यहाँ क्यों आते हैं? वो कहेंगे कि वो तो शरणार्थी हैं, कैसे शरणार्थी, शरणार्थी तो प्रताडि़त होकर आते हैं, उनको सताया जाता है। बांग्लादेश और पाकिस्तान में जितने हिन्दू थे, आज उनकी दस गुना कम आबादी हो गयी है, वहाँ पर यह लोग प्रताडि़त हुए हैं।
देश में झूठ बोला जा रहा है, लोग संसद में झूठ बोल रहे हैं, मीडिया के लोग भी झूठ बोल रहे हैं की देश में हिन्दू और मुसलमानों के साथ भेद-भाव है। देश में हिन्दू और मुसलमान में भेद-भाव का यहाँ प्रश्न ही नहीं है। जो बांग्लादेश और पाकिस्तान से अवैध तरीके से या शरणार्थी बन करके यहाँ आना चाहते हैं और फिर इस देश की आबादी बढ़ाना चाहते हैं।
हमारी आबादी काबू में आ नहीं रही है, वहाँ से क्यों लेंगे हम, यहाँ की आबादी घटाने की हम सोच रहे हैं कि यहाँ पर भी लोग दो से ज्यादा बच्चे पैदा न करें। हम चाहते हैं कि देश में एक कानून बने जनसंख्या नियंत्रण का, तभी यह देश बचेगा, नहीं तो जहाँ देखो सडक़ पर वहाँ भीड़ भरी पड़ी है, एयरपोर्ट पर देखो, बस अड्डे से खराब हालत है उसकी, बस अड्डे को देखो तो वहाँ पैर टिकाने की भी जगह नहीं है, रेलवे स्टेशन की हालत तो ऐसी हो रही है मानो वहाँ रोज कोई रैली हो रही हो।
प्रश्न- स्वदेशी बनाम विदेशी की लड़ाई तो पतंजलि के जरिए आप भी लड़ रहे हैं, वही बात जब एन.आर.सी. और नागरिकता कानून की आती है तो सवाल तो पूछे ही जाएँगे। आखिर कहीं न कहीं आप जैसे सामाजिक लोग या फिर सरकार मुसलमानों के भीतर भरोसा पैदा नहीं कर पाई, इसलिए दिल्ली में 4000 लोगों ने सडक़ पर उतरकर CAA के विरोध में हंगामा किया, प्रदर्शन किया।
स्वामी जी- जो हिंदुस्तान के मुसलमान हैं उनका हिंदुस्तान में भरोसा है और हिंदुस्तान को उन मुसलमानों पर भरोसा है। मैं व्यक्तिगत बात कभी कहता नहीं हूँ लेकिन आज तक के इस एजेंडा के प्रोग्राम में एक व्यक्तिगत बात कहता हूँ, जब नरेंद्र मोदी जी गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब मेरी उनसे तीन-चार बड़ी-बड़ी मुलाकातें हुई। उन्होंने मुझसे कहा की स्वामी जी इस देश में लगभग 18-20 करोड़ मुसलमान हैं, हिंदुस्तान को मुसलमानों के बिना नहीं चला सकते। मैं जितना भला हिंदुस्तान के बाकी लोगों का करना चाहता हूँ उतना ही मुसलमानों का भी भला करना चाहता हूँ। अब प्रधानमंत्री बनने के बाद करीब एक महीने पहले उनसे बात हुई जब राम मंदिर का निर्णय आया तब भी उन्होंने कहा की स्वामी जी हम देश के मुसलमानों को भी साथ लेकर आगे बढऩा चाहते हैं। देश का प्रधानमंत्री सबका साथ सबका विकास, सबको साथ लेकर आगे बढऩा चाहता है। मैं तो हमेशा कहता हूँ कि हमारे मजहब अलग हो सकते हैं, लेकिन हमारे पूर्वज अलग नहीं हो सकते। हमारे पूर्वज, हमारे विचार, संस्कार एक हैं, देश एक है। इसके बाद भी कोई डरेगा तो वो मरेगा। डरने वाले और मरने वाले को कौन बचा सकता है, हिंदुस्तान के मुसलमानों को किसने डराया? इनके साथ किसने क्या नाइंसाफी कर दी? बांग्लादेश और पाकिस्तान के मुसलमानों की क्या हालत है और हिंदुस्तान में शिक्षा, चिकित्सा, खेती, बिजनेस, व्यापार, मीडिया में और कौन सी ऐसी जगह है जहाँ पर उनको हमने सम्मान नहीं दिया है। हमारे पतंजलि योगपीठ में 20-25% मुसलमान काम करते हैं मतलब वर्कर, अधिकारी से लेकर के हर जगह तो हमने उनको सिर-माथे पर बैठाया हुआ है। हम अपने संस्थान से लेकर के देश में हर सेक्टर में देश के मुसलमानों की तरक्की देख रहे हैं, उनको आगे बढ़ा रहे हैं उसके बावजूद भी कहते हैं की मुसलमान तो डरे हुए हैं। यह हिंदुस्तान है जो ओवैसी जैसे सिरफिरे आदमी को भी एमपी बना देता है, यदि ओवैसी डरा हुआ है तो फिर इस देश में निडर कौन है? वो इतनी बकवास करता है और उसको हम सुन लेते हैं और यहाँ आज तक के एजेंडे पर बात करके चला जाता है, यहाँ पर भी लोग उनके साथ गलत हरकत नहीं कर रहे तो उसको शुक्रिया करना चाहिए। इतना होने के बाद भी तुमको डर लग रहा है तो फिर तुम्हारी मंशा कुछ और करने की है। वो इस हिंदुस्तान में एक नया पाकिस्तान बनाना चाहते हैं, वह दूसरा जिन्ना बनना चाहते हैं।
प्रश्न- दरअसल बाबा रामदेव जो कह रहे हैं, मुसलमानों में वह भरोसा पैदा नहीं हो रहा है। जामिया या देश के दूसरे हिस्सों में जो हंगामा हुआ, कहा जा रहा है कि पहले CAA और फिर NRC के जरिए देश के मुसलमानों को बी.जे.पी. अलग करना चाहती है और आर.एस.एस. हिन्दु राष्ट्र के एजेण्डे को लागू करना चाहती है और बाबा रामदेव भी लगता है इसका समर्थन कर रहे हैं।
स्वामी जी- किसी हिन्दू-मुसलमान की बात नहीं है, क्या कोई अवैध नागरिक हिंदुस्तान में रहना चाहिए, और दूसरी बात शरणार्थी कौन होगा। बांग्लादेश और पाकिस्तान दोनों मुस्लिम, इस्लामिक राष्ट्र हैं तो वहाँ मुस्लिम कैसे प्रताडि़त हो सकता है, वहाँ हिन्दू, सिख, जैन प्रताडि़त होते हैं।
प्रश्न- मतलब आप मोदी स्टैण्ड के एकदम साथ खड़े हैं?
स्वामी जी- मैं किसी पोलिटिकल पार्टी का एजेंट नहीं हूँ, मैं इस देश का नागरिक हूँ। देश में एक भी वैध नागरिक को न अमित शाह जी निकाल सकते हैं और न मोदी जी, और किसी वैध नागरिक को कोई निकालने की कोशिश करेगा तो स्वामी रामदेव सबसे पहले उन नागरिकों के साथ खड़ा होगा।
प्रश्न- पुलिस पर है आरोप कि जामिया विश्वविद्यालय के छात्रों पर जिस तरह डण्डे बरसाए गए, प्रताडि़त किया गया, इस पर आपकी क्या टिप्पणी है? अगर कोई विरोध करता है तो क्या उस पर पुलिस द्वारा डण्डे बरसाना जायज है?
स्वामी जी- पहली बात विरोध करने का मुद्दा बताएँ, क्या अवैध नागरिकों को देश में रहना चाहिए? दूसरी बात देश का संविधान देश में लागू होता है बांग्लादेश और पाकिस्तान में नहीं लागू होता, तीसरी बात विरोध करने का तरीका हमारा अहिंसक होना चाहिए। मैंने भी देश में 2009 से लेकर के 2013 करीब पांच साल तक आंदोलन किया है और करीब 10 करोड़ लोगों की भागीदारी मेरे आंदोलन में रही, लेकिन मैंने कहीं पर भी कोई बस में आग नहीं लगायी, देश, राष्ट्र की संपत्ति को हानि नहीं पहुंचाई। यह राष्ट्र हमारा है, इस राष्ट्र संपत्ति पर किसी भी प्रकार की हानि नहीं पहुंचनी चाहिए।
प्रश्न- जामिया यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी में घुसकर तोड़-फोड़ किया जाना, आँसू गैस के गोले छोड़े जाना, आपको लग रहा है कि यह जायज है?
स्वामी जी- वो कहते हैं कि आग लगाने वाले तो दूसरे थे तो उनको पकड़ा क्यों नहीं उन्होंने? कौन थे आग लगाने वाले? यूनिवर्सिटी ने मना कर दिया की हमारे स्टूडेंट्स ने आग नहीं लगाई तो जिन्होंने लगाई उनका नाम बताओ। जिन्होंने आग लगाई, उनके माथे पर कोई नाम लिखा था क्या?
प्रश्न- जनसंख्या नियंत्रण को लेकर आप बार-बार कहते हैं कि छोटा परिवार देभभक्त परिवार। 2005, 2015 व 2016 के मुकाबले पिछले कुछ वर्षों में कुछ राज्यों को छोडक़र पूरे देश में जनसंख्या वृद्धि दर घटी है, पर आपको लगता है कि देश में जितनी भी समस्याएँ हैं, उनके पीछे जनसंख्या सबसे ज्यादा जिम्मेदार है।
स्वामी जी- कोई आदमी यहां पहले तो अवैध तरीके से रहे और जब उसको बाहर निकालने की बारी आए तो वो बोले कि मैं तो आग लगा दूँगा। यह हिंदुस्तान हमारा है हम इसे आग नहीं लगने देंगे। देश के वैध नागरिकों को इस धरना प्रदर्शन के अंदर सम्मिलित नहीं होना चाहिए और जो अवैध नागरिक हैं, उनको अकेला छोड़ दो और आंदोलन प्रदर्शन करने दो। आप गलत के साथ मत खड़े हों, मैं यदि हिंदुस्तान का कोई हिन्दू गलत करेगा उसके साथ कभी खड़ा नहीं हो सकता, मैं देश के साथ खड़ा हूँगा। हमसे ढाई-तीन गुना बड़ा है ऑस्ट्रेलिया और आबादी दो-ढाई करोड़ है जो की दिल्ली के बराबर है। अमरीका हिंदुस्तान से तीन गुना बड़ा और आबादी तीन गुना कम। इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड है, सडक़ें, स्कूल, कॉलेज, रिसोर्सेज, लैंड लिमिटेड है। यह हकीकत है की ज्यादा जनसंख्या बढऩे से देश के अंदर समस्याओं के अलावा कुछ नहीं होगा, इसलिए यह एक वाजिब मुद्दा है। इसको मजहबी मुद्दा नहीं बनाना चाहिए और हिन्दू-मुसलमान सबको इसका पालन करना चाहिए। कम बच्चे होंगे, छोटा, समृद्ध, सुखी, स्वस्थ परिवार रहेगा। बच्चे पैदा करना कोई बहादुरी का काम नहीं है, उन बच्चों को पैदा करने के बाद उनको अच्छी हैल्थ, एजुकेशन, जीवन में समृद्धि देना, उनको सुखी बनाना यह बड़ा काम है। मैं एक बात कहता हूँ कि मुझे जीने का अधिकार है और मेरे जीने के अधिकार से दूसरे के जीने का अधिकार बाधित नहीं होना चाहिए, मेरी आजादी है कि मैं बच्चे पैदा करूँ लेकिन मेरे बच्चे पैदा करने से दूसरों के जीने के अधिकार में बाधा नहीं पडऩी चाहिए, मेरी आजादी के कारण से किसी दूसरे की आजादी बाधित होती है तो ज्यादा आबादी होने से दूसरों की आजादी बाधित होती है इसलिए यह एक बहुत बड़ा मुद्दा है और इस पर हमें बिना किसी राजनितिक चश्मे के गौर करना चाहिए।
प्रश्न- इस देश में मंदी के हालात हैं या नहीं, बाबा रामदेव क्या मानते हैं?
स्वामी जी- आर्थिक चुनौतियाँ हैं और इन आर्थिक चुनौतियों का सबको मिलकर के मुकाबला करना चाहिए, यह देश किसी राजनितिक पार्टी का तो नहीं है, हम सबका है।
प्रश्न- राहुल बजाज कहते हैं कि अपनी बातों को कहने से डर लगता है, क्या बाबा रामदेव को भी डर लगता है?
स्वामी जी- राहुल बजाज जी ने बोला कि आप अच्छा काम कर रहे हैं। मेरी उनसे व्यक्तिगत मुलाकात हुई और मैंने फोन पर भी उनसे बात की थी। उन्होंने मुझे बताया कि सभी उद्योगपति शांत बैठे थे और मैंने फोर्मल तरीके से कहा था, ‘देखिए कोई नहीं बोलेगा।’ इस बात को इतना राजनैतिक रंग नहीं देना चाहिए। श्री बजाज का देश के लिए बड़ा योगदान है। रहा डर का प्रश्न तो मुझे अपनी बात कहने से डर नहीं लगता। जो गलत काम करे, उनको तो जरूर डरना चाहिए।
प्रश्न- आप क्या खाते हैं कि आपको इतनी ठण्ड में भी जाड़े का एहसास नहीं होता?
स्वामी जी- दूध में यदि हल्दी डालकर पी लें तो ठण्ड कम लगती है और यदि उसमें पतंजलि शिलाजीत डाल लें तो कपड़ा पहनने की भी जरूरत नहीं। पतंजलि च्यवनप्राश से इम्युनिटी बुस्ट होती है लेकिन ये सब तात्कालिक उपाय हैं। इसका सही समाधान तो योग है। प्रतिदिन आधा घण्टा नियमित योग करें और विशेष रूप से सूर्य नमस्कार कर अपनी दवाओं पर होने वाले खर्च को बचाएँ।
लेखक
Related Posts
Latest News
01 Mar 2025 17:58:05
With divine inspiration, I want to draw your attention towards 11 important facts. I am sure that you will


