आचरण ही सत्य स्वाभिमान है
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सत्यमेव जयते नानृतम्। सत्येन पन्था विततो देवयाना।
येनाक्रमन्त्यृषयो ह्याप्तकामा यत्र तत् सत्यस्य परमं निधानम्।
सत्य ही आधार है प्रभु पंथ का
प्राण है साहस सदा ये भान हो
हम सभी ऋषि वंश के ही वंश्य हैं
नींव है प्राचीन नव निर्माण हो
कर्म और पुरुषार्थ है ये सत्य जीवन के
ऊध्र्व-आरोहण निरन्तर नित नवल गति से
चिर विजय की कामना ही श्रेयपथ का मर्म है
आर्ष संस्कृति की प्रतिष्ठा हम सभी का धर्म है
ध्येय है पावन चरम उत्कर्ष का
हृदय में गुंजित सदा श्रुतिगान हो
आचरण है ज्ञान का उत्कर्ष जीवन में
आचरण की श्रेष्ठता हो हर मनुज मन में
आचरण बिन ज्ञान विध्वंसक है और अभिशाप है
जैसे बिन बाती दिया निस्तेज है निस्ताप है
आचरण के बिन अधूरा ज्ञान है
आचरण ही सत्य स्वाभिमान है।
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01 Mar 2025 17:58:05
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