स्लिप डिस्क में 100 प्रतिशत आराम

स्लिप डिस्क में 100 प्रतिशत आराम

स्लिप डिस्क में 100 प्रतिशत आराम

मैं 8-10 वर्ष से कमर दर्द से परेशान था। उपचार के लिए कई जगह दिखाया पर कोई लाभ नहीं हुआ। संकल्प हॉस्पिटल, नांगलोई, दिल्ली तथा बालाजी हॉस्पिटल, पश्चिम विहार, दिल्ली में उपचार के दौरान पता चला कि मुझे रीढ़ की हड्डी में गैप (स्लिप डिस्क) की शिकायत है। काफी उपचार कराने पर भी कोई लाभ नहीं हो रहा था। डॉक्टरों का कहना था कि केवल ऐलोपैथी दवाओं से कोई बात नहीं बनेगी, सर्जरी ही इसका एकमात्र समाधान है। सर्जरी के बाद भी कोई निश्चित नहीं है कि कितना आराम हो पायेगा।
तभी मुझे पतंजलि द्वारा संचालित योग-प्राकृतिक-पंचकर्म चिकित्सा केन्द्र योगग्राम के विषय में पता चला। मैंने तुरन्त अपना पंजीकरण योगग्राम में कराया तथा 18 सितम्बर को उपचार हेतु योगग्राम पहुँच गया। मैंने पहले एक सप्ताह का ही पंजीकरण कराया था किन्तु यहाँ का वातावरण तथा चिकित्सा व्यवस्था देखकर मैंने अपना इरादा बदल दिया तथा दो सप्ताह तक उपचार प्रक्रिया का लाभ लिया।
योगग्राम में डॉ. अरुणा के कुशल दिशानिर्देशन में मेरा उपचार प्रारम्भ किया गया। उपचार के दौरान ही मुझे ५० प्रतिशत आराम हो गया था। मुझे प्राकृतिक औषधियों यथा- अलसी, गिलोय, एलोवेरा, आंवला के साथ-साथ पीड़ांतक तैल, पीड़ांतक क्रीम तथा प्राकृतिक उपचार में मिट्टी पट्टी लगाने को कहा गया। ब्रह्मचारी सुमित जी द्वारा एक्यूप्रेशर तथा फिजियोथैरेपी से मुझे आशातीत लाभ हुआ। अब मैं पूर्ण स्वस्थ हूँ तथा सामान्य जीवन व्यतीत कर रहा हूँ। 
भवदीय,
बलजीत सिंह
ए-2 ब्लॉक, कवर सिंह नगर, नांगलोई, दिल्ली-४०
 

रुर्मेटॉइड अर्थराइटिस में पंचकर्म ही सर्वोत्तम चिकित्सा

मैं जीर्ण संधि रोग र्यूमेटॉइड अर्थराइटिस (आमवात) से पीडि़त थी। मैंने सूरत (गुजरात) में ऐलोपैथिक चिकित्सा पद्धति से उपचार प्रारम्भ किया किन्तु कोई लाभ नहीं हुआ। फिर मुझे एक मित्र से पतंजलि द्वारा संचालित पंचकर्म चिकित्सा पद्धति के विषय में जानकारी मिली। मैं अपनी जाँच रिपोर्ट लेकर पतंजलि आयुर्वेद हास्पिटल स्थित ओपीडी में पहुची जहाँ डॉ. प्रभात कुमार के दिशानिर्देशन में आयुर्वेदिक औषधियों के साथ-साथ पंचकर्म चिकित्सा से मेरा उपचार प्रारम्भ किया गया।
आयुर्वेद औषधियों में मुझे सर्वकल्प क्वाथ, पीड़ांतक क्वाथ, दशमूल क्वाथ, अजमोदादि चूर्ण, आमवातारि रस, सिंहनाद गुग्गुलु, चन्द्रप्रभा वटी, विषतिंदुक वटी व मेधावटी आदि लेने का परामर्श दिया गया जिसका मैंने निर्देशानुसार प्रयोग किया।
पंचकर्म चिकित्सा में बस्ती, उपकर्म, परा पंचकर्म, शोधन, अभ्यंग, चूर्ण पिण्ड स्वेदन, नाड़ी स्वेदन आदि उपचार प्रक्रियाओं के साथ-साथ प्राणायाम व आसन करने की सलाह दी गई।
३ माह पूर्व पैथोलॉजिकल जाँच रिपोर्ट के अनुसार आर.ए. फैक्टर 490, सी-रिएक्टिव प्रोटीन 219.5 तथा यूरिक एसिड 8 एमजी/डीएल था जो कि 3 माह में ही घटकर क्रमश: 345.2, 30.7 तथा 6 एमजी/डीएल हो गया था।
मैंने डॉ. प्रभात कुमार के दिशानिर्देशों का पूर्ण रूप से पालन किया तथा मुझे अब 86 प्रतिशत आराम है।
 
भवदीया,
ममोनी बोराह, नोगांव, आसाम

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