इंडियन योग एसोसिएशन की विशेष बैठक

योगऋषि पूज्य स्वामी रामदेव जी महाराज बने योग इंडियन एसोसिएशन गवर्निंग काउंसिल के अध्यक्ष

इंडियन योग एसोसिएशन की विशेष बैठक

अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रमुख डॉ प्रणव पण्ड्या, आर्ट आफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविश्ंकर जी, विवेकानंद योगपीठ बंगलौर के प्रमुख डॉ नागेन्द्र जी एवं पतंजलि योगपीठ के परमाध्यक्ष योगऋषि पूज्य स्वामी रामदेव जी महाराज सहित अनेक गणमान्य के बीच सम्पन्न एक विशेष वैठक में लिया गया यह निर्णय।
योगऋषि पूज्य स्वामी रामदेव जी महाराज ने भारतीय योग को विश्व स्तर पर अलग पहचान दिलाई। परम पूज्य स्वामी जी महाराज आज योग के एक साक्षात मूर्तरूप व योग के पर्याय पुरुष के रूप में विश्वविख्यात हैं। 5 फरवरी 2017 को गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में इण्डियन योग एसोसिएशन गवर्निंग काउंसिल में डॉ प्रणव पण्ड्या, श्री श्री रविशंकर जी एवं डॉ नागेन्द्र जी व अन्य सभी सम्माननीय सदस्यों ने श्रद्धेय स्वामी जी महाराज को इंडियन योग एसोसिएशन गवर्निंग काउंसिल के अध्यक्ष पद को सुशोभित करने का प्रस्ताव रखा। सभी अनुमोदन कर्ताओं के आग्रह को विनम्रता पूर्वक स्वीकार करते हुए पूज्य स्वामी रामदेव जी महाराज सबके सहयोग से इस योगविद्या को विश्व भर में प्रचारित करने व इसे और अधिक गौरव दिलाने का संकल्प व्यक्त किया। साथ ही योगमय आध्यात्मिक विश्व के निर्माण हेतु राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सभी ने सामूहिक रूप से इस प्राचीन भारतीय ऋषियों द्वारा अनुसंधित योग विद्या के विकास और विस्तार का  मिलकर संकल्प व्यक्त किया।

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यह पुनर्गठित इंडियन योग एसोसिएशन योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिकाधिक प्रोत्साहित करने, भारत की यौगिक ऊर्जा को नयी प्रभावशाली शक्ति देने व इस ऋषि अनुसंधित विद्या के माध्यम से भारत को वैश्विक शक्ति बनाने पर अभियान स्तर पर कार्य करेगा। इस निमित्त योगऋषि पूज्य स्वामी रामदेव जी महाराज को एसोसिएशन का अध्यक्ष चुना गया। इस बैठक में देशभर  के अनेक प्रतिष्ठित योग संस्थाओं से जुड़ी प्रमुख हस्थियां भी शामिल थीं। इस अवसर पर 6 मार्च से 10 मार्च तक दिल्ली में बड़े स्तर पर अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के आयोजन का निर्णय लिया गया तथा इससे संबंधित अन्य एजेन्डों पर चर्चा हुई।

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 जिसमें योगऋषि स्वामी रामदेव जी महाराज ने योग के विकास और विस्तार के लिए देश के भीतर विभिन्न प्रांतों में अंतरराष्ट्रीय स्तर के योग रिसर्च सेंटर खोलने का प्रस्ताव रखा तथा योग को उसके मूलरुप में लाने के साथ-साथ इस विधा को आम आदमी की रोजमर्रा की आदत में शुमार करने के लिए स्कूल कॉलेज व विश्वविद्यालय पाठ्यक्रम में इसे सम्मिलित कराने पर बल दिया।

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बैठक के बाद शांतिकुंज मेें आयोजित तीनों प्रमुख संतों की संयुक्त पत्रकार वार्ता में योगऋषि स्वामी रामदेव जी महाराज, श्रीश्री रविशंकर और डॉ. प्रणव पंड्या ने संयुक्त रूप से जानकारी दी कि इंडियन योग एसोसिएशन का गठन वर्ष 2008 में किया गया था, जिसे भविष्य को ध्यान में रखकर नया स्वरुप देने पर निर्णय हुआ था। बैठक में इसकी गवर्निंग काउंसिल गठित करने पर भी चर्चा हुई।
बताया गया कि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित होने के बाद विश्व स्तर पर भारतीय योग और योग प्रशिक्षकों की बढ़ती मांग, योग के प्रचार-प्रसार एवं इसके व्यवस्थित प्रबंधन और विकास सहित कुल नौ बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

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योगऋषि पूज्य स्वामी जी ने बताया कि योग एक जीवन पद्धति है, जो व्यक्ति को रोग मुक्त जीवन जीने का अवसर तो प्रदान करती ही है, बल्कि  व्यक्ति को संस्कारित, संयमित, धैर्य व सामर्थ्यवान भी बनाती है। इसके नियमित अभ्यास से व्यक्तित्व ऊर्जावान बनेगा तथा राष्ट्रीय समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा।
इस अवसर पर शांतिकुंज प्रमुख डॉ. प्रणव पंड्या और श्रीश्री रविशंकर ने कहा कि दुनियां भर को भारतीय योग की पहचान कराने में स्वामी रामदेव जी का अहम योगदान रहा, खासतौर पर योग दिवस घोषित कराने में स्वामी जी की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही। अब इंडियन योग एसोसिएशन के पुनर्जीवन और पुनर्गठन के साथ-साथ उसके नियमित और व्यवस्थित संचालन के द्वारा सभी प्रमुख व्यक्तित्व मिलकर योग के व्यापक प्रचार-प्रसार करने, योग के प्रचलित विविध स्वरुपों को प्रामाणिकता प्रदान करने, विविध स्तर पर योग  से संबंधित डिग्रियों का निर्धारण करने पर कार्य करेंगे।
यह भी तय किया गया कि इस एसोसिएशन के माध्यम से भारतीय योग को उसके मूल रूप में लाने के साथ-साथ आम आदमी की रोजमर्रा की आदत में शुमार करने के लिए इसे स्कूल, कालेज और विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में भी शामिल कराया जा सकेगा।
2008 से सुप्ता अवस्था में रही इंडियन योग एसोसिएशन को जाग्रत करेगी समिति
ज्ञातव्य कि इंडियन योग एसोसिएशन का गठन वर्ष 2008 में हो चुका था, इसके सचिव बस्वा रेड्डी को नियुक्त किया गया था, पर यह एसोसिएशन एक तरह से सुप्त अवस्था में थी। 07 फरवरी को भारतीय योग के वैश्विक विस्तार के लिए प्रसिद्ध योगऋषि स्वामी रामदेव जी महाराज, आर्ट आफ लिविंग के प्रमुख श्रीश्री रविशंकर और गायत्री  तीर्थ प्रमुख डॉ. प्रणव पंड्या ने इसे पूरा करने का बीड़ा उठाया।
एसोसिएशन के अध्यक्ष योगऋषि बाबा रामदेव जी महाराज को बनाया गया, जबकि बस्वा रेड्डी उसके सचिव होंगे। इसके अलावा डॉ. प्रणव पंड्या, श्रीश्री रविशंकर, केवल्यधाम गुजरात के श्री ओपी तिवारी, विवेकानंद, योगपीठ बंगलौर के प्रमुख नागेन्द्र जी, गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय, हरिद्वार के डॉ ईश्वर भारद्वाज, चेन्नई के महादेवन, सहारनपुर के भारत भूषण को इसका सदस्य मनोनीत किया गया। एसोसिएशन का आगामी सर्वप्रथम उद्धेश्य 6 से 10 मार्च तक दिल्ली में वृहद पैमाने पर आयोजित किए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव को सफल बनाने का है। तत्पश्चात 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस और फिर देश के विभिन्न प्रांतों में योग के विकास के लिए समितियों का गठन कर कार्ययोजना को आगे बढ़ाया जाना है।
 

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