पतंजलि योगग्राम में सात दिवसीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा शिविर 02 से 08 मार्च  

पतंजलि योगग्राम में सात दिवसीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा शिविर 02 से 08 मार्च  

  • रोगमुक्त भारत हमारा स्वप्न है: स्वामी रामदेव महाराज
  • पतंजलि आंदोलन के मूल केन्द्र से राष्ट्र निर्माण, विश्व निर्माण की मिलती है सहज प्रेरणा - प्रकाश झा, फिल्म निर्माता
  • फिल्म निर्माता प्रकाश झा, जूना पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानन्द गिरि सहित अनेक हस्तियों ने की योगग्राम शिविर में सहभागिता 
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हरिद्वार। विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र योगग्राम का आवासीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, षट्कर्म व पंचकर्म शिविर सम्पन्न हुआ। इस दौरान फिल्म निर्माता श्री प्रकाश झा, जूना अखाड़ा के प्रमुख श्री अवधेशानन्द गिरि जी महाराज सहित अनेक हस्तियों ने योगग्राम के शिविर में सहभागिता की। फिल्म निर्माता श्री प्रकाश झा ने पूज्य योगऋषि स्वामी रामदेव जी महाराज के मार्ग दर्शन में योग-प्राणायाम किया तथा भारतीय फिल्मों के माध्यम से भारत के प्राचीन गौरव को स्थापित करने हेतु पूज्यवर से आशीर्वाद मांगा। उन्होंने देश के आम जनमानस एवं युवा वर्ग को भारतीय संस्कृति से ओतप्रोत फिल्मों से जोडऩे की सम्भावनाओं पर भी चर्चा की। इस अवसर पर जूना पीठाधीश्वर श्रद्धेय स्वामी अवधेशानन्द गिरि जी महाराज योगग्राम की दिव्य प्राकृतिक चिकित्सा की प्रयोग पद्धति से अवगत हुए और पूज्यवर के साथ शिविरार्थियों को अपना आशीर्वचन भी दिया। 
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शिविर समापन पर हिन्दू हेरिटेज फाउण्डेशन दल के सदस्यों ने योगग्राम का भ्रमण कर विश्व के अनुपम प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र का अवलोकन किया और भविष्य में इससे लाभ उठाने का संकल्प व्यक्त किया। भ्रमण पर आये इन सदस्यों ने हाई ब्लडप्रेशर, डाइविटीज, हार्ट प्राब्लम्ब, अर्थ राइटिस, स्किन प्राब्लम्ब एवं क्रानिक स्टमक डिस आर्डर, मोटापा आदि रोगों से ग्रसित सैकड़ों शिविरार्थियों के साथ चर्चा कर उनके शिविर सम्बंधित अनुभवों को साझा किया। योगशिविर में ही लन्दन से अपनी मां के साथ पधारी सुश्री शांति बहिन जी ने योग एवं आयुर्वेदिक बनौषधीय चिकित्सा से उन्हें मिले पुनर्जीवन से संबंधित व्यक्तिगत अनुभव को साझा किया। उन्होंने बताया कि उन्हें ब्रेन हेमरेज हुआ था, उनका प्लेटलेट काउन्ट बहुत कम हो गया था, शरीर से रक्त रिसने लगा था। तब उन्होंने पूज्य योगऋषि से संपर्क किया और उनके निर्देशानुसार नियमित गिलोय का सेवन और नियमित प्राणायाम करने लगीं, कुछ ही माह में अनुकूल परिणाम आने लगे, आज वे पूरी तरह से स्वस्थ हैं।
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शिविर के दौरान फिल्म निर्माता श्री प्रकाश झा ने कहा पतंजलि आंदोलन के इस मूल केंद्र में योग, आयुर्वेद, भारतीय ऋषि संस्कृति, शिक्षा एवं स्वदेशी के मौलिक सिद्धांतों का सशक्त समावेश है। यहाँ आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को इससे राष्ट्र निर्माण से लेकर विश्व निर्माण की सहज प्रेरणा मिलती है। 
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इस दौरान देश-विदेश से पधारे शिविरार्थियों को पूज्य योगऋषि स्वामी रामदेव जी महाराज, पतंजलि योगपीठ के महामंत्री श्रद्धेय आचार्य बालकृष्ण जी महाराज एवं आचार्य प्रद्युम्न जी महाराज सहित अनेक चिकित्सा विशेषज्ञों का भी मार्गदर्शन मिला। 02 से 08 मार्च तक चलने वाले इस शिविर में हाई ब्लडप्रेशर, डाइविटीज, हार्ट प्राब्लम्ब, अर्थ राइटिस, स्किन प्राब्लम्ब एवं क्रानिक स्टमक डिस आर्डर, मोटापा आदि रोगों से ग्रसित सैकड़ों की संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। साथ ही वे लोग भी सहभागीदार बने जो अपने स्वास्थ्य का कायाकल्प कराना चाहते हैं। शिविर का लक्ष्य था कि विविध् रोगों से ग्रसित लोगों को योगग्राम की प्राकृतिक चिकित्सा द्वारा रोग से पूर्ण छूटकारा दिलाना।
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इस अवसर पर योगऋषि स्वामी रामदेव जी महाराज ने बतायाा कि रोग मुक्त भारत हमारा स्वप्न है। श्रद्धेय आचार्य बालकृष्ण जी महाराज ने कहा कि दुनियां के करोड़ों लोगों की आशा का केंद्र बनकर उभर रही है योगग्राम की प्राकृतिक चिकित्सा। शिविर में प्रात: पूज्य स्वामी जी द्वारा योगाभ्यास कराने के साथ-साथ यहाँ के योग्य चिकित्सक डॉ नागेन्द्र जी नीरज के मार्गदर्शन में रोगियों का उपचार किया गया। 

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