हार्ट सर्जरी के उपरांत चमत्कारिक सिद्ध हुआ प्राणायाम व पतंजलि आयुर्वेद 

(पुन: चालू हुई आर्टरीज एवं  आर्टीफिशियल -आर्टरीज हुआ बंद)

हार्ट सर्जरी के उपरांत चमत्कारिक सिद्ध हुआ प्राणायाम व पतंजलि आयुर्वेद 

बाबा जी अक्टूबर, 2014 में मुझे हार्ट संबंधी परेशानी हुई थी। छाती के बाईं ओर अचानक तेज दर्द हुआ और मैं पसीने से लतपथ हो गया था। घबराहट व दर्द इतना तेज था कि मुझे लगा कब जान निकल जाये पता नहीं। तुरन्त शौरबीटे्रट टेबलेट (जीभ के नीचे रखने वाली) ली, तो आराम मिल गया। 
दूसरे दिन अपने डॉक्टर से परामर्श किया, तो उन्होंने एन्जियोग्राफी की सलाह दी एवं मैंने (Angiography) करायी। तीन ब्लॉकेज निकले। पहला ब्लॉकेज ८०त्न, दूसरा 70-80%  एवं तीसरा 50% का था, तदोपरान्त 30 अक्टूबर 2014 को asian heart institute bkc mumbai में मेरी बाई-पास सर्जरी हुई। सर्जरी के काफी दिनों पहले से ही मैं सुबह उठते ही दो गिलास गुनगुना पानी दो चम्मच शहद के साथ सेवन करता था। बाद में शहद की जगह दो बड़े चम्मच ऑवला रस गरम पानी से लेने लगा, यह नियम आज भी जारी है। 
सर्जरी के बाद 30-35 मिनट सुबह की सैर, प्राणायाम एवं खानपान को लेकर मैं पहले से ज्यादा अनुशासित हो गया। वैसे भी योग-प्राणायाम से मैं 20-25 वर्षों से जुड़ा हू। सर्जरी के बाद asian heart institute bkc mumbai ने अपने डिस्चार्ज टिकट में लिखा था कि 2 साल में आपको c.t. angiography भी करानी है। अत: 27 नवम्बर 2016 को अपोलो अस्पताल, नवी मुम्बई में c.t. angiography कराई। c.t. angiography से ज्ञात हुआ कि जिस आर्टरीज में सबसे बडा़ ब्लॉकेज था, उस आर्टरीज से अब अच्छी मात्रा में रक्त प्रवाह हो रहा है और जो natural blocked artriz थी उस जगह डाक्टर ने नई आर्टीफिशयल आर्टरीज डाली थी, वह अब सिकुड़ गई, उसमें से रक्त का प्रवाह बन्द हो गया है। अर्थात natural blocked artriz (जो ब्लॉक हो गई थी) अब वह खुल गई है, उसमें रक्त प्रवाह अच्छा हो रहा है, इसलिए आर्टीफिशियल आर्टरीज अपने आप बन्द हो गई है।
अपोलो अस्पताल के चिकित्सक इस आश्चर्य जनक परिणाम से अचम्भित व थोड़ा संशय में थे कि ऐसे कैसे हो सकता है? इस चमत्कारिक परिणाम से मैं स्वयं व मेरा परिवार भी आश्चर्यचकित है। अपोलो अस्पताल को शंका थी कि जो रिजल्ट सामने आया है, वह सही है या नहीं। इस शंका को निर्मूल करने हेतु उन्होंने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि यह जो आश्चर्यजनक बदलाव दिख रहे हैं, इसे cath angiography से ही सुनिश्चित किया जा सकता है।
अत: जिस एशियन हार्ट अस्पताल, मुम्बई में 30 अक्टूबर 2014 को मेरी प्रथम angiography और फिर बाद में बाई-पास सर्जरी हुई थी, उसी अस्पताल में दिनांक 31-12-2016 को मैंने cath angiography कराई। cath angiography होने के उपरान्त वही आश्चर्यजनक रिजल्ट, वही परिणाम, वही बदलाव निकलकर सामने आये, जो मैं ऊपर लिख चुका हूँ। एशियन हार्ट अस्पताल, मुम्बई के डाक्टर्स की टीम भी मेरी रिपोर्ट देखकर अचम्भित हैं। उनका कहना है कि यह अनोखा, आश्चर्यजनक एवं सुखद केस (रिपोर्ट) है। 
बाबा जी जो भी परिणाम सामने आये हैं, निश्चित ही इसमें ईश्वर की महान कृपा है, पर साथ-साथ मैं इसका पूरा श्रेय आपको एवं आपके द्वारा बताये एवं सिखाये गये प्राणायाम तथा पतंजलि के आयुर्वेद उत्पाद को देता हूँ। मैं पुन: दोहराता  हूँ कि मेरे heart function में जो भी बदलाव आये हैं, उसका पूरा श्रेय आपके योग, प्राणायाम व आयुर्वेद अभियान का है। इस जीवन दान के बाद अब एक ही इच्छा शेष रह गयी कि  बाबा जी मैं आपके मिशन के कुछ काम आ सकू, यह मेरा सौभाग्य होगा। 
                             
  आपका शिष्य 
खूब चन्द, के.सी. वैश्य, पुराना सुभाष नगर, भोपाल, म.प्र.

Related Posts

Advertisment

Latest News

Eternal wisdom Eternal wisdom
          With divine inspiration, I want to draw your attention towards 11 important facts. I am sure that you will
Patanjali's Yoga, Ayurveda and Swadeshi Movement
Address by Hon'ble Union Education Minister Shri Dharmendra Pradhan at the Annual function of Patanjali University "Abhyudaya 2024-25"
Realistic view of Life
Anti-aging, the modern science of staying young forever
Fevogrit
Who has the right over the fruits of actions?
Nasal disease Sinusitis
Patanjali Nutrela Collagenprash Skin Super Food for Taste and Beauty
Changing face of treatment of women in Europe