उत्तर प्रदेश का राज्यस्तरीय पतंजलि योग महोत्सव 2017
स्वस्थ रहने के लिए योग जरूरी-रामनाइक, राज्यपाल, उत्तर प्रदेश
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लखनऊ, लखनऊ महानगर के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में पतंजलि का राज्य स्तरीय योग महोत्सव-2017 हर्षोल्लास से मनाया गया। इस अवसर पर प्रदेश के राज्यपाल श्री रामनाइक, मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी, उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य व श्री दिनेश शर्मा के अतिरिक्त देश के अनेक चिकित्सा विशेषज्ञ, गणमान्य एवं प्रदेश भर से योगमहोत्सव में सहभागिता हेतु पहुंची प्रतिभायें व हजारों की संख्या में आम जनमानस ने योग से जुड़ी बारीकियों को समझा एवं प्रांत तथा राष्ट्र के विकास में योग की महती भूमिका की सम्भावनाओं पर चिंतन किया। इस अवसर पर परम पूज्य योगऋषि स्वामी रामदेव जी महाराज एवं श्रद्धेय आचार्य बालकृष्ण जी महाराज ने प्रदेश व देश की करोड़ों जनता को मीडिया के माध्यम से पतंजलि के योग, अध्यात्म, आयुर्वेद एवं स्वदेशी से जुड़े राष्ट्र निर्माण संबंधी संकल्पों से अवगत कराया। इस अवसर पर वनौषधि व जड़ी-बूटी चिकित्सा विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन भी हुआ। इसमें २१ लोगों ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता के माध्यम से प्रतिभागियों ने जड़ी-बूटी चिकित्सा और वनौषधियों की जरूरतों पर प्रकाश डाला। साथ ही लोगों को जागरूक किया गया कि योग रोगों को बढऩे से रोकने में कैसे मददगार साबित होता है। लखनऊ विश्वविद्यालय में योग विभाग के प्रवक्ता डॉ. डीएन.राय, बलरामपुर अस्पताल के डॉ. नंदलाल यादव, डॉ. पुष्पा यादव ने प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका निभाई। योग महोत्सव के दौरान महोत्सव परिसर में 'योग पर पोस्टर बनाओ प्रतियोगिता’ के माध्यम से समाज में स्वास्थ्य एवं अन्य प्रकार की बढ़ती परेशानियों को योग द्वारा दूर करने के तरीके सुझाने की कोशिश की गई। योग आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी दर्शकों में खूब प्रेरणायें जगायीं। सुनो देश के लोग गीत पर सेंट मिराज इंटर कॉलेज के बच्चों ने उपस्थित लोगों को संगीतमय योगासनों से परिचित कराया। तो गायत्री परिवार की ओर से हवन आदि की प्रस्तुतियां दी गयीं।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने बताया कि विश्व योग दिवस के लिए 21 जून की तारीख इसलिए चुनी गयी, क्योंकि इस दिन सूर्य की किरणें सबसे तीक्ष्ण होती हैं, उनमें अधिकतम प्रकाश होता है। अत: हम सूर्य की इस ऊर्जा का संचयन कर सकें और हमारी देह उसकी केन्द्र बिन्दु बन सके। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि योग को हमें जन-जन तक पहुंचाना और देश के अधिकाधिक लोगों को स्वस्थ बनाना है। उन्होंने कहा स्वामी रामदेव के अहर्निश प्रयास से ही योग की जन-जन में प्रतिष्ठा सम्भव हुई।

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स्वामी जी के प्रयास से योग को जन-जन में मिली प्रतिष्ठा- योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश
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शिक्षा में शामिल हो योग:रामदेव
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित उत्तर प्रदेश योग महोत्सव २०१७ में योगऋषि स्वामी रामदेव जी महाराज ने कहा कि योग को शिक्षा में शामिल करने की जरूरत है तभी योग के जरिए उत्तर प्रदेश एक उत्तम प्रदेश बनेगा। स्वामी रामदेव ने कहा कि अब सभी ने स्वीकार कर लिया है कि योग किसी धर्म का नहीं है, सबका है।
उन्होंने कहा कि संपूर्ण विश्व इस 21 जून को भी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस हर साल की तरह मनाने जा रहा है। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति से अपेक्षा की कि वह आधे घंटे नित्य अपने शरीर के लिए निकाले। उन्होंने उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा से तीन बातें प्रदेश में लागू करने का आग्रह किया। इनमें संस्कृत विद्यालय में तैनात शिक्षकों की वेतन विसंगतियां दूर करने, यूपी मे संस्कृत विश्वविद्यालय बनवाने और शिक्षा में योग अनिवार्य रूप से लागू करने की बात कही। इस पर उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने मुख्यमंत्री से चर्चा करके प्रस्ताव लाने का पूज्य स्वामी जी को आश्वासन दिया।

योगऋषि स्वामी रामदेव जी ने कहा कि अवैध बूचडख़ाने अगर चल रहे है, तो यह अपने आपमें अपराध है। ऐसे अपराध को संत ही खत्म कर सकता है। मुख्यमंत्री बने एक योगी ने यही किया। लोगों को यह संकेत समझ लेना चाहिए कि शायद यह इतिहास में पहली बार होगा जब किसी सूबे का मुख्यमंत्री जमीन पर सोता हो। ऐसा योगी मुख्यमंत्री जिसने अपना पिंडदान पहले ही कर लिया हो, उसका कोई क्या बिगाइेगा। स्वामी जी ने कहा लोग कपालभाति करना शुरू करें, अब नंबर दारू बंद होने का है। कपालभाति करोगे तो दारू की तलब नहीं लगेगी। योगी जी के नेतृत्व में अब कलयुग में सतयुग व रामराज्य आने वाला है।

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01 Mar 2025 17:58:05
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