पतंजलि योगपीठ ने गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के 22 आवेदनों के साथ मनाया जड़ीबूटी दिवस विश्वभर में जड़ी-बूटी दिवस के रूप में मनाया गया श्रद्धेय आचार्य श्री का जन्मदिन

पतंजलि योगपीठ ने गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के 22 आवेदनों के साथ मनाया जड़ीबूटी दिवस  विश्वभर में जड़ी-बूटी दिवस के रूप में मनाया गया श्रद्धेय आचार्य श्री का जन्मदिन

  •       पूज्य स्वामी जी तथा आचार्यश्री असीमित क्षमताओं के भण्डार: जूनापीठाधीश्वर
  • आचार्यश्री रोगियों को सतत् आरोग्यता प्रदान कर रहे हैं: स्वामी रामदेव
  • पतंजलि के अभियान से किसान खुशहाल हो रहा है, युवा रोजगार से जुड़ रहा है, देश में ट्रांसपोर्टेशन बढ़ा है-गडकरी
हरिद्वार, 4 अगस्त: पतंजलि योगपीठ के महामंत्री तथा पतंजलि विश्वविद्यालय के कुलपति, आयुर्वेद शिरोमणि श्रद्धेय आचार्य बालकृष्ण जी का जन्मदिवस जड़ी-बूटी दिवस के रूप में पतंजलि योगपीठ में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी आयुर्वेदीय गुणों से भरपूर लाखों औषधीय पौधों जैसे-तुलसी, गिलोय, एलोविरा, आंवला आदि वितरित किये गये। मुख्य अतिथि के रूप में श्री नितिन गडकरी, केन्द्रीय भूतल परिवहन, राजमार्ग मंत्री, भारत सरकार ने दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।
केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी जी ने कहा श्रद्धेय स्वामी जी और श्रद्धेय आचार्य श्री दोनों के विचारों में वह ताकत है जो विश्व को दिशा दे रही है। श्रद्धेय आचार्य बालकृष्ण जी महाराज आयुर्वेद का अनुपम उपहार हैं, जो अपने ज्ञान के माध्यम से पूरी दुनिया को आरोग्यता रूपी वरदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा आयुर्वेद चिकित्सा प्राचीन भारतीय ऋषि-मुनियों के गहन शोध तथा अनुसंधान पर आधारित है, श्रद्धेय आचार्यश्री के नुस्खे अनुसंधानपरक हैं कि भावनागत। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि योग-आयुर्वेद सहित पतंजलि योगपीठ के विराट अभियान के पीछे एक रिसर्च एवं दर्शन काम करता है। 

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उन्होंने कहा योग आयुर्वेद के दुनियां में चर्चा का विषय बनने के पीछे पूज्य स्वामी जी महाराज एवं श्रद्धेय आचार्य श्री जैसे ऋषियों का अखण्ड पुरुषार्थ है।
उन्होंने कहा आज अमेरिका के लोग पतंजलि का टूथपेस्ट करना चाहते हैं, योरोप के लोग इसके फूड सप्लीमेंट का उपयोग करना चाहते हैं, क्योंकि पूज्य स्वामी जी, आचार्य श्री ने इसे हर दृष्टि से वर्ल्ड क्लास बनाया है। उन्होंने कहा पतंजलि के अभियान से आज किसान खुशहाल हो रहा है, युवा रोजगार से जुड़ रहा है, देश में इससे ट्रांसपोर्टेशन बढ़ा है।
उन्होंने कहा खास बात यह कि स्वामी जी आचार्य श्री का हर पैकेज वल्र्डक्लास है पर ये जमीन  पर चल रहे हैं, यही इनके ऋषित्व की पहचान है।

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मंत्री महोदय ने महाराष्ट्र में बाटोनिकल गार्डेन बनाने एवं हिमालयी जड़ी-बूटियों का संशोधन एवं संवर्धन करने में पतंजलि के सहयोग की इच्छा व्यक्त की, जिसमें पूज्य स्वामी जी महाराज ने हर संभव सहयोग का
आश्वासन दिया।
जूनापीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज ने आचार्यश्री को जन्मदिवस की शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा कि स्वामी रामदेव जी महाराज तथा आचार्य बालकृष्ण जी ने समाजसेवा, लोककल्याण में अपना सर्वस्व लगा दिया। इनके अथक प्रयासों से आज देश विश्व की जनता लाभान्वित हो रही है। इस युग में योग और आयुर्वेद का अनुपम मिलन रोगियों के लिए वरदान साबित हो रहा है। ये दोनों महापुरुष अभूतपूर्व क्षमताओं के भण्डार हैं, जिससे देश सदैव लाभान्वित होगा।
केंद्रीय राज्यमंत्री, स्वतंत्र प्रभार श्री वीपी चौधरी जी ने कहा  कि पूज्य स्वामी जी आचार्य श्री के अभियान से विश्व में योग, आयुर्वेद, वेद और संस्कृति को पहचान मिली है। इसे आगे बढ़ाने में पहले भी अनेक प्रयास हुए, पर पूज्य स्वामी जी आचार्य श्री के प्रयास से विश्व कीर्तिमान स्थापित हुआ।
वरिष्ठ पत्रकार श्री वेदप्रताप वैदिक जी ने कहा कि आचार्य बालकृष्ण जी महाराज ने सन्यास नहीं लिया, पर उनका हर पुरुषार्थ संयासी धर्म से ओतप्रोत है। उन्होंने कहा आचार्य श्री ने आयुर्वेद आदि के विस्तार में जो वैचारिक पुरुषार्थ किया है, वह हजारों-हजारों वर्षों तक अमिट रूप से दुनिया को दिशा देगा। आचार्य श्री के ग्रंथों से दुनियां की  साढ़े : अरब आबादी को अनन्त काल तक लाभ मिलेगा।
पूज्य योगऋषि स्वामी रामदेव जी महाराज ने श्रद्धेय आचार्य बालकृष्ण जी महाराज को जन्मदिन की शुभकामनायें प्रेषित करते हुए कहा कि आचार्यश्री निरन्तर जड़ी-बूटियों पर अनुसंधान कर आयुर्वेद के रहस्यों की गुत्थी सुलझाकर साध्य-असाध्य रोगों से ग्रसित रोगियों को आरोग्य प्रदान कर रहे हैं। उनका यह मानवीय कार्य युगों तक सराहनीय रहेगा।
आयुर्वेद कृषि गौरव सम्मान:
जड़ी-बूटी दिवस के उपल9क्ष्य में प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी आयुर्वेद तथा कृषि गौरव पुरुस्कारों का वितरण किया गया। इस क्रम में स्वामी व्रतानन्द सरस्वती को आयुर्वेद के क्षेत्र में सराहनीय कार्य के लिए आयुर्वेद गौरव तथा श्री आकाश चौरसिया को कृषि के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए कृषि गौरव पुरस्कार प्रदान किया गया। इन्हें पुरस्कार राशि के रूप में एक-एक लाख रुपये तथा प्रशस्ति पत्र भेंट किया गया।
आचार्य श्री रचित पुस्तकों का विमोचन:
इस अवसर पर आचार्यश्री द्वारा रचित विविध विषयक पुस्तकें जैसे-हृदयदीपक निघण्टु:, राज निघण्टु:, मदनपाल निटण्टु:, शोढल निटण्टु:, विचार क्रांति, वैद्य शतश्लोकी, योग और बचपन, ग्रो विद योगा फोर बेटर टुमारो, इसके अतिरिक्तआयुर्वेद सिद्धांत रहस्य पुस्तक का 15 भाषाओं में विमोचन किया गया।

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22 गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड आवेदित:
ज्ञातव्य कि इस अवसर पर पतंजलि योगपीठ के महामंत्री श्रद्धेय आचार्य बालकृष्ण जी ने पतंजलि योगपीठ की ओर से गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉड के लिए 22 आवेदन प्रस्तुत किये गये।
इस अवसर पर हरियाणा सरकार के शिक्षामंत्री श्री रामविलाश शर्मा एवं हरिद्वार सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री रमेश पौखरियाल निशंक ने पतंजलि पधार कर श्रद्धेय आचार्य श्री को जन्मदिवस की शुभकामनायें दी तथा आशीर्वाद लिया।
कार्यक्रम में श्री स्वामी मुक्तानन्द जी, डॉ0 यशदेव शास्त्री जी सहित संस्था के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ देश-विदेश के प्रमुख कार्यकर्तागण उपस्थित रहे। साथ ही कार्यक्रम में पतंजलि योगपीठ तथा इससे सम्बद्ध समस्त इकाई प्रमुख, अधिकारियों, कर्मचारियों तथा सेवाव्रती भाई-बहनों ने आचार्यश्री को जन्मदिवस की शुभकामनाएं प्रेषित कीं तथा आशीर्वाद ग्रहण किया। इस अवसर पर आचार्यकुलम् के छात्र-छात्राओं एवं सुप्रसिद्ध गायक श्री कैलाश खैर ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से प्रेरणायें जगाईं।

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