गुरुपूर्णिमा पर्व पर देश-विदेश के हजारों साधकों ने लिया पतंजलि के साथ जुडक़र सेवा का संकल्प
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हम सबके लिए राष्ट्र ही गुरु है और राष्ट्रकार्य ही गुरुकर्म- स्वामी रामदेव
हरिद्वार, 19 जुलाई: पतंजलि योगपीठ में हर्षपूर्ण वातावरण में गुरुपूर्णिमा पर्व मनाया गया। देश-विदेश से गुरुपर्व मनाने पहुंचे पतंजलि परिवार के हजारों कार्यकर्ताओं ने गुरुसत्ता के प्रति समर्पण भाव से योगऋषि पूज्य स्वामी रामदेव जी महाराज एवं श्रद्धेय आचार्य बालकृष्ण जी महाराज से आशीर्वाद लिया तथा पतंजलि योगपीठ द्वारा निष्काम भाव से योग, आयुर्वेद अनुसंधान, गौ अनुसंधान एवं गौसंवर्धन, स्वास्थ्य, स्वदेशी, शिक्षा सहित संगठन द्वारा समय-समय पर चलाये जाने वाले गरीबों व असहायों की सेवा से संबधित अभियान में बढ़चढ़ कर भागीदारी का संकल्प लिया। ऋषिद्वय ने कार्यकर्ताओं एवं देश वासियों को गुरुपर्व की शुभकामनायें दीं। आचार्यकुलम, वैदिक गुरुकुलम एवं पतंजलि वैदिक कन्या गुरुकुलम के छात्र-छात्राओं ने अपनी मोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं अभिनय से दर्शकों में राष्ट्रनिर्माण की प्रेरणायें भरीं। इस अवसर पर सूफी संत आल इंडिया मिलाद शरीफ प्रमुख श्री मोइद्दीन साबरी जी ने भी अपने साधकों सहित स्वामी जी व आचार्य श्री से भेंट मुलाकात की।
योगऋषि पूज्य स्वामी रामदेव जी महाराज ने कहा हम सबके लिए राष्ट्र ही गुरु है और राष्ट्रकार्य ही गुरुकर्म। स्वामी जी ने बताया कि पतंजलि के सफल विराट ईश्वरीय राष्ट्रकार्य के पीछे हमारे देशभक्त, धर्मनिष्ठ करोड़ों सात्विक भाई-बहिनों की भावनात्मक ताकत है। उन्होंने कहा राष्ट्रकार्य को पूर्ण निष्काम भाव से सम्पन्न करने में पूर्ण समर्पण ही हमारी गुरुदक्षिणा है।
पतंजलि योगपीठ के महामंत्री श्रद्धेय आचार्य बालकृष्ण जी महाराज ने गुरुपर्व मनाने आये साधकों को संबोधित करते हुए कहा कि जब किसी व्यक्तित्व के संकल्प से राष्ट्र में क्रांति की लहर पैदा होने लगे, देश के नागरिक निष्काम सेवा के व्रती बनने लगें, देश के भाई-बहिनों में अनुशासन स्थापित होने लगे तो समझना चाहिए वह व्यक्तित्व गुरु गरिमा को पा चुका है।
आचार्य श्री ने कहा पतंजलि योगपीठ का यह विराट अभियान कुछ इसी स्तर का संदेश देता है, इससे जुडऩे वाले करोड़ों-करोड़ों लोग श्रद्धेय स्वामी जी के स्वर्णिम स्वप्न को पूरा करने के लिए रात-दिन तत्पर रहते हैं। आचार्य श्री ने कहा त्याग-वैराग्य के प्रतीक स्वामी जी के दिव्य संकल्पों में देश-विदेश के लाखों-करोड़ों लोग सच्चे गुरु तत्व के दर्शन करते हैं।
इस अवसर पर भारत स्वाभिमान आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए सैकड़ों की संख्या में सेवाव्रती भाई-बहिनों ने सेवा-समर्पण की दीक्षा ली।
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