दो दशक में 80 करोड़ लोगों तक पहुँची पूज्य योगऋषि स्वामी रामदेव जी महाराज की योग यात्रा

दो दशक में 80 करोड़ लोगों तक पहुँची  पूज्य योगऋषि स्वामी रामदेव जी महाराज की योग यात्रा


  योगऋषि स्वामी जी महाराज पिछले 20 वर्षों में योग-प्राणायाम को जन-जन की जीवन शैली से जोड़ने की दिशा में प्रयत्नशील हैं। इस निमित्त उन्होंने 20 लाख किलोमीटर की योगयात्रा की और 80 करोड़ से अधिक लोगों को योग समझाया, सिखाया एवं योग केप्रति जागरूकता पैदा की। उन्होंने योग को साधकों की गुफाओं से निकाल कर हर घर-आंगन तकपहुँचा दिया। पतंजलि योगपीठ, हरिद्वार द्वारा प्रशिक्षित दो लाख योग प्रशिक्षुओं द्वारा आज देश भर में नित्य हजारों योग शिविर आयोजन हो रहे हैं। यही नहीं योगाभ्यास द्वारा हर योग साधकजीवन में सकारात्मक, गुणात्मक, रचनात्मक परिवर्तन अनुभव कर रहा है।

134

रम पूज्य स्वामी जी महाराज के वैश्विक यौगिक पुरुषार्थ को देखकर ही जून 2007 में यू.एन.ओ. महासचिव ने उन्हें आमंत्रित करकेविश्व को 'गरीबी मुक्तबनाने का 'ब्राँड एम्बेसडरनियुक्त किया था और इसी योग परक जन आंदोलन के लिए पूज्य स्वामी रामदेव जी महाराज को न्यूयॉर्क के'स्टैण्ड-अप कार्यक्रममें सम्मानित भी किया गया।
ज ईरान, बेलारूस, जापान, इंग्लैंड, अमेरिका, रूस से लेकर अनेक देश जिसमें इस्लामिक देश भी शामिल हैं पूज्य स्वामी जी के योग-प्राणायाम एवं पतंजलि योगपीठ के आंदोलन से न केवल अपने-अपने देशवासियों को जोड़ना चाह रहे हैं, अपितु अपने-अपने देश में पतंजलि योगपीठ जैसे योग केंद्र स्थापित करने के प्रति अभिरुचि दिखा रहे हैं।

169

भारत देश के अंदर भी केंद्र सरकार से लेकर विभिन्न राज्य सरकारें व अनेक निजी संस्थान पूज्य स्वामी जी के योग आंदोलन को अपने राज्य व लोक हित मेें नियोजित करने का प्रयास कर रहे हैं। दो वर्षों से इंडिया टुडे पत्रिका से लेकर देश की अन्य शीर्ष पत्रिकाओं द्वारा पूज्य स्वामी रामदेव जी महाराज की योग आंदोलन के कारण बढ़ी लोकप्रियता से देश केसबसे श्रेष्ठ, शक्तिशाली व प्रतिभाशाली पचास लोगों की सूची में सम्मिलित किया जा रहा है। अभी हरियाणा सरकार श्रद्धेय स्वामी जी को हरियाणा प्रान्त का 'योग एवं आयुर्वेदका ब्राँड एम्बेसडरबनाया। जो उस योगी के योग का ही एक हिस्सा है। वस्तुत: जिस मूल स्रोत से योगऋषि का यह दिव्य आंदोलन प्रस्फुटित हो रहा है, वह पतंजलि योगपीठ एक  ऐसा सामाजिक एवं आध्यात्मिक संस्थान है, जिसने विश्व पटल पर योग को जीवनशैली के रूप में पुनर्जीवित किया है। यह संस्था योग, आयुर्वेद, स्वदेशी, वैदिक शिक्षा और आदर्श ग्राम निर्माण जैसे प्रकल्पों के माध्यम से, व्यक्तिको स्वस्थ, निरोगी, निरामय, विवेकशील एवं आत्मनिर्भर बनाने के प्रति सजगता से कार्य कर रही है, जिसके विभिन्न प्रकल्पों से प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप में एक लाख लोग रोजगार प्राप्त कर रहे हैं।

158

र्तमान समय में योग को करोड़ों लोगों तक ले जाने, योग के भौतिक प्रभावों को वैज्ञानिक ढंग से सारी दुनियाँ के सामने रखने, योग की विभिन्न प्रायोगिक क्रियाओं को सरल रूप में लाने वाले योगर्षि स्वामी रामदेव जी महाराज के संकल्प से अब तक पतंजलि अपने पांच शरीर धारण कर चुका है।
वे मुख्यत: पाँच संगठनों के रूप में प्रत्यक्ष है जिनमें दिव्य योग मन्दिर (ट्रस्ट)पतंजलि योगपीठ (ट्रस्ट), भारत स्वाभिमान (ट्रस्ट), पतंजलि रिसर्च फाउण्डेशन (ट्रस्ट) व पतंजलि ग्रामोद्योग (ट्रस्ट)।

141

इनके आनुषाङ्गिक संगठनों से जुड़े हुए लाखों योग-शिक्षकों व कार्यकर्त्ताओं के माध्यम से भारत के सम्पूर्ण 29 राज्यों, 640 जिलों, ५७67 तहसीलों, 7933 कस्बों व छह लाख से अधिक गाँवों में तथा दुनियां के अनेक छोटे-बड़े देशों में योग की दिव्य ज्योति जागृति हो रही है।

64

भारतवर्ष के इतिहास में एक व्यक्ति के द्वारा इतनी अधिक संख्या में लोगों को योग की महत्ता का दर्शन कराते हुए इस ओर अग्रसरित कराने का श्रेय एकमात्र योगर्षि स्वामी रामदेव जी महाराज को जाता है।

63

इन्हीं की संकल्पना एवं भारत के वर्तमान यशस्वी माननीय प्रधानमन्त्री श्रीमान् नरेन्द्र भाई मोदी जी की आध्यात्मिक निष्ठा व वैश्विक नेतृत्व में १७७ देशों के अनुमोदन के साथ पूरा विश्व 21 जून को अन्तर्राष्ट्रीय योग-दिवस मना रहा है। जो सम्पूर्ण भारत ही नहीं विश्व मानवता के लिए सुखद क्षण कहे जायेंगे। इससे योग को नया गौरव मिलेगा, साथ ही योग के इतिहास के क्षेत्र में भी एक नए युग का प्रारम्भ हो जायेगा। पूज्य स्वामी जी महाराज के विश्वनिर्माण स्वप्न का यह प्रारम्भिक चरण है, जो भविष्य में विराट स्वरूप में साकार होगा।

170

Related Posts

Advertisment

Latest News

Eternal wisdom Eternal wisdom
          With divine inspiration, I want to draw your attention towards 11 important facts. I am sure that you will
Patanjali's Yoga, Ayurveda and Swadeshi Movement
Address by Hon'ble Union Education Minister Shri Dharmendra Pradhan at the Annual function of Patanjali University "Abhyudaya 2024-25"
Realistic view of Life
Anti-aging, the modern science of staying young forever
Fevogrit
Who has the right over the fruits of actions?
Nasal disease Sinusitis
Patanjali Nutrela Collagenprash Skin Super Food for Taste and Beauty
Changing face of treatment of women in Europe