योग युग आगाज है, योग दिवस आज है
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प्रफुल्ल चंद्र कुँवर ‘बागी’
जिस पतंजलि से विश्व में योग युग आगाज है।
वैश्विक योग दिवस, का आयोजन करता वह आज है।।1।।
ग्रीष्मकाल में इक्कीस जून पुन: आ गया।
‘‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’’विश्व में समा गया।।
पतंजलि ने कमर कस ली, आयोजन किया सफल।
इसके लिए पहले किया योग प्रोटोकॉल रिहर्सल।।
पतंजलि सूत्र ने मानवी बदल दिया समाज है।
जो जीतता है दिल अवाम, पहनता वह ताज है।।2।।
स्वामीजी ने इस अवसर पर जन-गण से की अपील।
‘‘योग को जीवन उतारें, करे दुनिया गुड फील।।’’
‘‘योगी कभी रोगी न होता, जग कर अपनायें।’’
‘‘अपनी सहभागिता दर्ज कर, योग दिवस मनायें।।’’
‘‘प्राणायाम, इक्कीस आसन, इक्कीस जून को।
पाँच सूक्ष्म व्यायाम भी योग दिवस के साथ हो।।’’
जिस पतंजलि पुत्र से जग योग का साम्राज्य है।
उस पतंजलि ने मनुज का बदल दिया मिजाज है।।3।।
पतंजलि योगपीठ-द्वि, दीर्घा योग भवन में।
दसवाँ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मना वतन में।।
गुरुकुलम् के ब्रह्मचारी, आसपास के भाई।
सभी वर्ग के लोगों को, ऋषि ने योग कराई।।
पतंजलि परिवार हमारा निशिदिन सेवाभावी।
योग से सब स्वस्थ रहेंगे यह है अवश्यभावी।।
योग में ही देह के हर रोग का इलाज है।
उस पतंजलि ने मनुज का बदल दिया मिजाज है।।4।।
पतंजलि यूनिवर्सिटी ने योग दिवस मनाया।
योग का शंखनाद संपूर्ण विश्व में गुंजाया।।
जग प्रसिद्ध विज्ञानी सभी करें सहभाग।
शिक्षक व शोधार्थी जुड़ें, करें विश्व कल्याण।।
रोगों को धुलि चटायें, सबका यही प्रयास।
‘‘योगायुर्वेद’’ऋषि अर्चन, सबको है विश्वास।।
मंजिल उन्हें मिलती रही, जो रहे जाँबाज हैं।
इस पतंजलि ने मनुज का बदल दिया मिजाज है।।5।।
कुलाधिपति, यूनिवर्सिटी स्वामी रामदेव जी।
महापर्व संग मनाया कुलपति आचार्यश्री।।
चैनल, फेसबुक लाइव जुड़े कोटि-कोटि साधक।
इस ऐतिहासिक कार्य में कोई नहीं है बाधक।।
सरकार द्वारा निर्धारित योग प्रोटोकॉल सह।
ऋषि निर्देशित व्यायामासन चलता सुबह-सुबह।।
योग में ही देश के हर रोग का इलाज है।
इस पतंजलि ने मनुज का बदल दिया मिजाज है।।6।।
सकारात्मक धैर्य का मनुजों को संदेश दिया।
‘‘स्वदेशी ही स्वाभिमान’’भावना उन्मेष किया।।
‘‘निरंतर योगायास से कायकल्प संभव है।’’
‘‘योगायुर्वेद की विधा मानव हित, वैभव है।।
जाति, धर्म, देश भेद से दोनों हैं सदा परे।
स्वदेशी से स्वाभिमान, पातंजल लक्ष्य बड़े।।’’
है वर्तमान पर गुमान, अतीत पर भी नाज है।
इस पतंजलि ने मनुज का बदल दिया मिजाज है।।7।।
‘‘योग-आयुर्वेद क्षेत्र में पतंजलि ज्योतिमान।
अहर्निश वह योगरत, बना रहा कीर्तिमान।।’’
पूज्य योगऋषि ने छिडक़ी अमृतवाणी।
अथक श्रमी परमार्थदेव, सबकी मेहरवानी।।
सहभागी यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ अधिकारी।
गुरुकुल की भाई-बहनें, स्वाभिमान प्रभारी।।
पतंजलि के योग से भारत बना सरताज है।
इस पतंजलि ने मनुज का बदल दिया मिजाज है।।8।।
योग में हर शक्ति है सबको हुआ अंदाज है।
वैश्विक योग दिवस मना रहा वह आज है।।
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01 Mar 2025 17:58:05
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