आधुनिक व प्राच्य शिक्षा व्यवस्था को लेकर पतंजलि की दृष्टि व्यापक : चेयरपर्सन, एनसीआईएसएम
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हरिद्वार, 24 नवम्बर। पतंजलि भारतीय आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान (पतंजलि आयुर्वेद कॉलेज) में एनसीआईएसएम के चेयरपर्सन वैद्य जयन्त देव पुजारा जी, इथिक्स एण्ड रेजिस्ट्रेशन फॉर इण्डियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन के प्रेसिडेन्ट प्रो. वैद्य राकेश शर्मा जी तथा बॉर्ड ऑफ आयुर्वेदा, एनसीआईएसएम के प्रेसिडेन्ट प्रो. बी.एस. प्रसाद का आगमन हुआ जहाँ आचार्य बालकृष्ण जी ने आगन्तुक महानुभावों को पुष्पगुच्छ व शॉल भेंट कर भव्य स्वागत किया।
आगन्तुक महानुभावों ने पतंजलि आयुर्वेद कॉलेज एवं हॉस्पिटल, पतंजलि अनुसंधान संस्थान तथा पतंजलि वैलनेस सेंटर आदि का भ्रमण कर पतंजलि के तत्वावधान में किए जा रहे शिक्षा, चिकित्सा व अनुसंधान कार्यों का जायजा लिया।
इस अवसर पर एनसीआईएसएम के चेयरपर्सन वैद्य जयन्त देव पुजारा ने कहा कि आधुनिक व प्राच्य शिक्षा व्यवस्था को लेकर पतंजलि की व्यापक दृष्टि है। यहाँ भावी भारत के निर्माता एवं नेतृत्व करने वाले व्यक्तित्व गढ़े जा रहे हैं। पंतजलि आयुर्वेद कॉलेज से प्रतिवर्ष कुशल वैद्यों की टीम स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए तैयार की जा रही है।
वार्ता में आचार्य बालकृष्ण जी ने कहा कि पतंजलि शिक्षा, चिकित्सा, अनुसंधान, सूचना एवं तकनीकी, गौ-संरक्षण एवं संवद्र्धन आदि विविध क्षेत्रों में संलग्न है। आयुर्वेद अनुंसधान के क्षेत्र में पतंजलि अग्रणी कार्य कर रहा है। विश्वविख्यात शोध पत्रिकाओं व जर्नल्स में पतंजलि अनुसंधान संस्थान के तत्वावधान में सैकड़ों आयुर्वेद से सम्बंधित शोध-पत्र प्रकाशित हो चुके हैं। प्राचीन पाण्डुलिपियों को संरक्षित करने के साथ उन्हें प्रकाशित करने का बड़ा कार्य भी पतंजलि द्वारा किया जा रहा है।
पतंजलि अनुसंधान संस्थान (पीआरआई) का भ्रमण कर इथिक्स एण्ड रेजिस्ट्रेशन फॉर इण्डियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन के प्रेसिडेन्ट प्रो. वैद्य राकेश शर्मा ने कहा कि पीआरआई के माध्यम से पतंजलि आयुर्वेद में शोध के नए आयाम स्थापित कर रहा है।
एनसीआईएसएम के प्रेसिडेन्ट प्रो. बी.एस. प्रसाद ने पतंजलि वैलनेस का भ्रमण कर कहा कि पतंजलि ने प्राचीन चिकित्सा पद्धति को आधुनिक सुविधाओं के साथ प्रस्तुत कर नई पहचान दी है। पतंजलि वैलनेस योग, आयुर्वेद, पंचकर्म, षट्कर्म, प्राकृतिक चिकित्सा, सिंगी चिकित्सा व एक्यूप्रेशर आदि चिकित्सा सुविधाओं से युक्त इंटिग्रेटेड थेरेपी का अद्भुत केन्द्र है जहाँ रोगी साध्य-असाध्य रोगों से मुक्ति पाते हैं।
इस अवसर पर पतंजलि विश्वविद्यालय के प्रति-कुलपति प्रो. महावीर अग्रवाल, पतंजलि आयुर्वेद कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अनिल यादव, प्रो. विक्रम गुप्ता, प्रो. प्रत्युष सिंह, प्रो. दयाशंकर, डॉ. मनोज भाटी, डॉ. राजीव सिंह, डॉ. धीरज त्यागी आदि उपस्थित रहे।
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