आचरण व कर्म के द्वारा अपने भाग्य विधाता हम स्वयं हैं।
योग संदेश  राष्ट्र-चिंतन  2017  जून 

स्वभाव के सृजन में विचार का महत्त्व

स्वभाव के सृजन में विचार का महत्त्व         कोई व्यक्ति हमारी उम्र या आयु पूछे तो हम 20-30-40 या 50 वर्ष बता देते हैं। लेकिन इस स्थूल शरीर के अन्दर एक सूक्ष्म शरीर भी है उसकी आयु कोई पूछे तो हम सबकी उस शरीर की आयु लगभग, ...
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