श्रद्धेय योगऋषि परम पूज्य स्वामीजी महाराज के शाश्वत प्रज्ञा से नि:सृत शाश्वत सत्य... कर्म ही आनन्द
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By योग संदेश विभाग
आनन्द प्राप्ति की इच्छा प्रत्येक प्राणी के अन्तस् में विद्यमान होती हुई उनके कर्म का, सतत पुरुषार्थ की प्रेरणा का असज्र उत्स है। किन्तु आश्चर्य! सब कुछ करते हुए भी आनन्द को खोजता ही रह जाता है मानव। ह... 
