योगी का त्रैतवाद
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Read More... श्रद्धेय योगऋषि परम पूज्य स्वामीजी महाराज की शाश्वत प्रज्ञा से नि:सृत शाश्वत सत्य...
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By योग संदेश विभाग
योगी का त्रैतवाद हम सब आत्माएं स्वभाव से ही योगी है। योगेष्वर भगवान श्री कृष्ण ने गीता के आठवें अध्याय के तीसरे श्लोक में स्वभावोऽध्यात्ममुच्यते कहकर अध्यात्म को ही हमारा मूल स्वभाव, मूल प्रकृति, अपनी निजता या अपना मूल स्वरूप... 
