दिव्यात्माओं का आह्वान
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Read More... श्रद्धेय योगऋषि परम पूज्य स्वामीजी महाराज की शाश्वत प्रज्ञा से नि:सृत शाश्वत सत्य...
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By योग संदेश विभाग
साधक का केंद्र व परिधि श्रद्धेय गुरुदेव ने प्रस्तुत पुस्तक साधक-पाथेय में हजारों-हजारों प्रकार के साधकों को उनके अन्तिम गन्तव्य का संकेत किया है। गुरु, शास्त्र, वेद व अपने अनुभवों से हम बहुत कुछ सीखते हैं। कई... श्रद्धेय योगऋषि परम पूज्य स्वामीजी महाराज की शाश्वत प्रज्ञा से नि:सृत शाश्वत सत्य...
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By योग संदेश विभाग
दिव्यात्माओं का आह्वान हम सब मूलत: ईश्वर की दिव्य सन्तानें व ऋषि-ऋषिकाओं के वंशज व उन्हीं के बेटे-बेटियाँ हैं। हमारा यह जन्म व जीवन अपने इसी मूल स्वधर्म में जीने के लिए हुआ है। अत: भागवत धर्म व ऋषिधर्म... 
