व्यक्तित्व विकारग्रस्त होने पर दिव्य परमात्मा भी भयकारक दिखता है
<% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<% if(node_description!==false) { %> <%= node_description %>
<% } %> <% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
Read More... व्यक्तित्व विकारग्रस्त होने पर दिव्य परमात्मा भी भयकारक दिखता है
Published On
By योग संदेश विभाग
गीता परमात्मा की वाणी है। संसार परमात्मा की अनुशासन व्यवस्था। जब तक लोक मानस, समाज, राष्ट्र परमात्मा के अनुशासन में जीता है, गीता भी प्रवाहित रहती है। अनुशासन टूटते ही प्रवाह अवरुद्ध होता है। तब '... 
