व्यक्तित्व विकारग्रस्त होने पर दिव्य परमात्मा भी भयकारक दिखता है
योग संदेश  अध्यात्म  2015  मार्च 

व्यक्तित्व विकारग्रस्त होने पर दिव्य परमात्मा भी भयकारक दिखता है

व्यक्तित्व विकारग्रस्त होने पर  दिव्य परमात्मा भी भयकारक दिखता है         गीता परमात्मा की वाणी है। संसार परमात्मा की अनुशासन व्यवस्था। जब तक लोक मानस, समाज, राष्ट्र परमात्मा के अनुशासन में जीता है, गीता भी प्रवाहित रहती है। अनुशासन टूटते ही प्रवाह अवरुद्ध होता है। तब '...
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