श्रद्धेय योगऋषि परम पूज्य स्वामीजी महाराज के शाश्वत प्रज्ञा से नि:सृत शाश्वत सत्य
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By योग संदेश विभाग
ध्यान पतंजलि के अष्टाङ्ग योग के अनुसार 'ध्यान’ योगाङ्गों में सातवां अंग है। यम, नियम, आसन, प्राणायाम और प्रत्याहार ये पाँच योग के बाह्य अंग माने जाते हैं तथा धारणा, ध्यान समाधि ये... श्रद्धेय योगऋषि परम पूज्य स्वामीजी महाराज के शाश्वत प्रज्ञा से नि:सृत शाश्वत सत्य...
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By योग संदेश विभाग
जीवन की पूर्णता व सफलता के सूत्र 1. संकल्प में विकल्प नहीं आने देना चाहिए और अपने शुभ संकल्प को पूर्ण करने के लिए पूर्ण पुरुषार्थ करना चाहिए। शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक व आध्यात्मिक पुरुषार्थ में तो हम पूर्ण... श्रद्धेय योगऋषि परम पूज्य स्वामीजी महाराज के शाश्वत प्रज्ञा से नि:सृत शाश्वत सत्य...
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By योग संदेश विभाग
चक्रव्यूह मिथ्या आकर्षणों से मुक्त होकर यदि हम सामान्य विवेक से भी काम लें तो जीवन में आहार-व्यवहार, विचार, खान-पान से लेकर जीवन के हर एक सन्दर्भ में हम सही विकल्प का चुनाव करके एक स्वस्थ, सुखी... श्रद्धेय योगऋषि परम पूज्य स्वामीजी महाराज के शाश्वत प्रज्ञा से नि:सृत शाश्वत सत्य...
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चक्रव्यूह मिथ्या आकर्षणों से मुक्त होकर यदि हम सामान्य विवेक से भी काम लें तो जीवन में आहार-व्यवहार, विचार, खान-पान से लेकर जीवन के हर एक सन्दर्भ में हम सही विकल्प का चुनाव करके एक स्वस्थ, सुखी... 
