सेवा, संघर्ष, राष्ट्र निर्माण व साधना की अनवरत 27 वर्षों की अद्वितीय गौरवपूर्ण यात्रा
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आचार्य बालकृष्ण
हमारे स्वदेशी शिक्षा, चिकित्सा, अध्यात्म, अनुसंधान, कृषि, उद्योग आदि क्षेत्रों से जुडक़र समाज व राष्ट्रनिर्माण में अपनी सहभागिता दर्ज करें। हमारी संगठित शक्ति से एक दिव्य, भव्य, आध्यात्मिक भारत व आध्यात्मिक विश्व का निर्माण होगा तथा भारत विश्व का सिरमौर होगा। |


















