विश्व स्तरीय प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र योगग्राम में 7 स्टार प्राकृतिक चिकित्सालय निरामयम् का भव्य उद्घाटन समारोह
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विश्वस्तरीय केंद्र है पतंजलि का प्राकृतिक चिकित्सालय निरामयम्-अरुण जेटली, वित्तमंत्री, भारत सरकार
निरामयम् चिकित्सा केन्द्र नाम से जाना जाने वाला 7 स्टार सुविधाओं से युक्त विश्व स्तरीय यह प्राकृतिक चिकित्सालय योगग्राम परिसर का ही नवनिर्मित खण्ड है। निरामयम् स्थित प्राकृतिक व पंचकर्म चिकित्सा संकाय, मड थेरेपी कक्ष तथा योग व ध्यान कक्ष अपने में अनोखे है, क्योंकि दुनियां के विकसित देशों में इसी प्रकार की चिकित्सा सेवाएँ बहुत अधिक खर्च पर प्रदान की जा रही हैं। अत: योगग्राम की संकल्पना से अवगत होकर व्यक्ति इसका लाभ उठाये बिना रह नहीं सकता।
हरिद्वार, 12 मार्च। निरामयम् चिकित्सा केन्द्र नाम से जाना जाने वाला 7 स्टार सुविधाओं से युक्त विश्व स्तरीय यह प्राकृतिक चिकित्सालय योगग्राम परिसर का ही नवनिर्मित खण्ड है। योगग्राम के इस नये योग-प्राकृत-पंचकर्म चिकित्सा प्रकल्प 'निरामयम्’ का औपरचारिक रूप से उद्घाटन श्री अरुण जेटली, वित्त मंत्री, भारत सरकार के कर-कमलों द्वारा किया गया। उद्घाटन अवसर पर श्री जेटली जी ने निरामयम् चिकित्सा केन्द्र स्थित प्राकृत-पंचकर्म-चिकित्सा, मड थेरेपी कक्ष तथा योग व ध्यान केन्द्र का भ्रमण किया। इस अवसर पर निरामयम् की वेबसाइड का भी विमोचन किया गया। श्री जेटली ने कहा कि इस विश्व स्तरीय सुविधाओं से युक्त प्राकृतिक केंद्र निरामयम् के माध्यम से देश-विदेश के नागरिकों को प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति का लाभ मिलेगा।
उद्घाटन अवसर पर श्री अरुण जेटली ने कहा कि आज योगग्राम में एक नयी सुविधा परम पूज्य योगऋषि स्वामी रामदेव जी महाराज तथा श्रद्धेय आचार्य बालकृष्ण जी महाराज ने जोड़ी है, जो अपने में अनोखी है। क्योंकि दुनियाँ के विकसित देशों में इस प्रकार की चिकित्सा सेवाएँ बहुत अधिक खर्च पर प्रदान की जा रही हैं। योगग्राम की चिकित्सा सेवाओं के माध्यम से महंगी दवाओं तथा शल्य चिकित्सा से रोगियों को निजात मिलेगी। देश-विदेश में ऐसे कई केन्द्र हैं, परन्तु आज मैंने देखा कि इसमें धनवान व निर्धन दोनों प्रकार के लोग यहाँ की चिकित्सा सेवाओं का लाभ ले सकते हैं। वास्तव में लाभ रहित चिकित्सा सेवाओं के लिए निरामयम् की स्थापना हुई है। मैं उम्मीद करता हूँ कि आने वाले समय में निरामयम् एक बहुत बड़ी चिकित्सा सुविधा के रूप में विकसित होगा, जिसका लाभ देश ही नहीं विदेश के रोगियों को भी मिलेगा।
श्री जेटली ने कहा कि स्वामी जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं। उन्होंने देश में बड़ी विदेशी कम्पनियों को घुटने टेकने पर विवश कर दिया, चिकित्सा सेवाऐं हों, देश की सुरक्षा की बात हो, समाज में स्वच्छता का विषय हो, योग को घर-घर पहुँचाने की बात हो, देश में शिक्षा की स्थिति की बात हो, अर्थशास्त्र आदि अनेक विषयों में स्वामी जी को महारथ हासिल है।
उद्घाटन कार्यक्रम के उपरान्त श्री जेटली ने पतंजलि फूड एवं हर्बल पार्क, पदार्था का भी भ्रमण किया। उन्होंने कहा कि देश में ऐसे बहुत कम फूड पार्क हैं जो सफल साबित हुए हैं। देश में फूड पार्क की कमी के कारण कृषि उत्पाद का लगभग 25 प्रतिशत व्यर्थ चला जाता है। उसका प्रसंस्करण कैसे हो, उसे कैसे दो-तीन महीने से 1 वर्ष तक कैसे सम्भाला जाये, हमारे डेयरी उत्पादों को कैसे खराब होने से बचाया जाये, जिससे देश व समाज के काम आये, यही सब देखने मैं यहाँ आया हूँ। यह बहुत बड़ी आवश्यकता है कि देश में ऐसे कई फूड पार्क बनें जिससे किसान व जनता दोनों का लाभ हो।
यहाँ की परम्परा विदेशों से बेहतर: रजत
कार्यक्रम में आपकी अदालत तथा आज की बात से पहचान बनाने वाले श्री रजत शर्मा (इण्डिया टीवी) ने कहा कि मैं योगग्राम के इस नये स्वरूप को देखकर गर्व महसूस कर रहा हूँ। यहाँ चिकित्सा के तरीके विदेश से बेहतर हैं। उन्होंने कहा कि मैं विदेश में चिकित्सा सेवाओं का लाभ लेने के लिए जाता रहता था। आचार्य श्री को जब यह पता चला तो उन्होंने कहा कि मैं योगग्राम में ही विदेश से बेहतर चिकित्सा सेवाओं की व्यवस्था करूंगा, जिससे आपको विदेश नहीं जाना पड़ेगा। इसे उन्होंने चुनौती के तौर पर लिया और मूर्तरूप प्रदान किया है।
आचार्य बालकृष्ण जी महाराज ने उपस्थित श्रोताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि योगग्राम में चिकित्सा सेवाओं का विस्तार देश के हर वर्ग के लोगों के लिए उपहार है। यहाँ देश-विदेश के लोगों को न्यूनतम मूल्यों पर उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
इस अवसर पर योगगुरु स्वामी रामदेव जी महाराज ने निरामयम् के विषय में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि जहाँ योगग्राम में पहले लगभग 400 लोगों के उपचार, आवास, भोजन, तथा सभी प्रकार की यथा-योग, आयुर्वेद, पंचकर्म व षट्कर्म चिकित्सा की व्यवस्था थी, उसमें करीब 100 लोगों की व्यवस्था का विस्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि यह पूरा परिसर लगभग 100 एकड़ में फैला है। पतंजलि योगपीठ ने पिछले 8 सालों में योगग्राम में लगभग 100 करोड़ रुपये खर्च किये हैं। इसका उद्देश्य पैसा कमाना नहीं है। बल्कि निस्वार्थ भाव से लोगों को बेहतर चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करना है। इस निरामयम् में 32 कक्ष का निर्माण कराया गया है, जिसमें 4 अतिविशिष्ट श्रेणी, 12 विशिष्ट श्रेणी तथा 16 एकल व्यवस्था के कक्ष हैं।
इस अवसर पर योगभवन में फूलों की होली विशेष आकर्षण का केन्द्र रही। कार्यक्रम में गुरुदेव आचार्य प्रद्युम्न जी महाराज, स्वामी हरिचेतनानंद जी महाराज, मुख्य महाप्रबंधक (ट्रस्ट) श्री ललित मोहन जी सहित बड़ी संख्या में योगग्राम के कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
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