राष्ट्र निर्माण के संकल्प से सम्पन्न हाम्रो स्वाभिमान (न्यास) का चतुर्थ वार्षिक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन

राष्ट्र निर्माण के संकल्प से सम्पन्न हाम्रो स्वाभिमान (न्यास) का चतुर्थ वार्षिक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन

हरिद्वार, जुलाई 2017  - पतंजलि योगपीठ में भारत के नेपाली भाषा भाषियों का संगठन हाम्रो स्वाभिमान न्यास का तीन दिवसीय योगशिविर एवं चतुर्थ अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन 7 से 9 जुलाई के बीच सम्पन्न हुआ। इस सम्मेलन में भारत देश के अलग-अलग प्रांतों में निवास करने वाले नेपाली भाषी लगभग दो हजार की संख्या में भाई-बहिन सहभागीदार बने। शिविर के दौरान उन्हें योग, आयुर्वेद के शिक्षण के साथ-साथ देश भर मेें निवास कर रहे लाखों नेपाली भाषा-भाषियों को संस्कृति, साधना, शिक्षा, चिकित्सा, स्वावलम्बन के सहारे सशक्त एवं समृद्धशाली बनाने पर चिंतन किया गया।
योगऋषि पूज्य स्वामी रामदेव जी महाराज एवं पतंजलि योगपीठ के महामंत्री श्रद्धेय आचार्य बालकृष्ण जी महाराज ने दीप प्रज्ज्वलन कर शिविर एवं सम्मेलन का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर संगठन के प्रतिनिधियों ने पूज्य स्वामी जी एवं श्रद्धेय आचार्य श्री का परम्परागत तरीके से स्वागत-सम्मान किया।
अपने उद्बोधन में पूज्य स्वामी जी महाराज ने कहा हाम्रो स्वाभिमान न्यास देश भर में अपने-अपने ढंग से संघर्षरत नेपाल भाषी भाई बहिनों को एक सूत्र में लाने का महत्वपूर्ण प्लेटफार्म है। उन्होंने कहा पतंजलि योगपीठ देश के प्रत्येक नागरिक को योग, आयुर्वेद, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वदेशी, अनुसंधान के माध्यम से स्वस्थ, सशक्त एवं समृद्धशाली बनाने में सेवारत है। उन्होने कहा पतंजलि देश भर के नेपाली भाषा-भाषियों को शिक्षा, समृद्धि, सेवा से जोड़कर उनके उत्थान में भी महत्वपूर्ण योगदान देने हेतु प्रतिबद्ध है। 
पतंजलि योगपीठ के महामंत्री श्रद्धेय आचार्य बालकृष्ण जी महाराज ने कहा बिछड़ों को मिलाना एवं पिछड़ों को उठाना पतंजलि के संकल्प में है। उन्होंने कहा देश के भिन्न-भिन्न प्रांतों में अपने ढंग से जीवन जी रहे नेपाली भाषा-भाषियों को एक मंच मिलने पर उनमें सृजन के लिए नया उत्साह जन्म लेगा। आचार्य श्री ने कहा हाम्रो स्वाभिमान न्यास इस दिशा में सशक्त प्लेटफार्म साबित हो रहा है।
हाम्रो स्वाभिमान न्यास के महामंत्री श्री प्रेम क्षत्री ने कहा पतंजलि अभियान से योग-आयुर्वेद को नयी ऊचांइयों तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त हुआ। पतंजलि के प्रोत्साहन से इस संगठन को शक्ति मिलती रही है, पतंजलि हाम्रो स्वाभिमान मां एवं प्राण है। इस चतुर्थ सम्मेलन के योगपीठ में सम्पन्न होने से संगठन की नयी पीढ़ी को नयी दृष्टि मिलेगी।
तीन दिन चलने वाले इस सम्मेलन में भाषा, संस्कृति, कला, प्रशासन, चिकित्सा, सुरक्षा, खेल, समाज सेवा एवं संगीत आदि कार्यों में उल्लेखनीय योगदान करने वाले आठ विभूतियों को योगऋषि के द्वारा गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसमें पुरस्कृत होने वाले सेवानिवृत्त ले. जनरल शक्ति गुरुङ ने भारत माता की सुरक्षा एवं समृद्धि में सेना के महत्वपूर्ण गौरवशाली योगदान की याद दिलायी। साथ ही निरवु छिरिङ, सुस्मिता राई, इन्द्रचापागाई, डा. नारायण उपाध्याय, तुलसी हीमीरे आदि को सम्मानित किया गया।
समापन अवसर पर समस्त शिविरार्थी भाई-बहिनों ने पूज्यवर के समक्ष अपने जीवन एवं संगठन में दिव्यता को स्थापित करने का संकल्प लिया तथा पतंजलि के योग, आयुर्वेद, वैदिक संस्कृति के विस्तार एवं वैश्विक एकता की दिशा में सतत बढ़ते रहने का उद्घोष किया।
इस अवसर पर संगठन के अध्यक्ष श्री नारायण श्रेष्ठ, महामंत्री श्री प्रेम बहादुर क्षत्री, संयुक्त मंत्री श्री मोहन कार्की, खेल सचिव श्री देवेन्द्र दत्त, कला संस्कृति सचिव श्री शिवलाल झवाली आदि ने अपने प्रेरक विचार रखे तथा पतंजलि विश्वविद्यालय के प्राध्यापक एवं हाम्रो स्वाभिमान के मुख्य केन्द्रीय कार्यक्रम संयोजक श्री रुद्रभंडारी जी ने कार्यक्रम का संचालन किया।
 182

184

185

186

187

190

Related Posts

Advertisment

Latest News