क्या आप कब्ज़ के शिकार हैं?

क्या आप कब्ज़ के शिकार हैं?

   गेंहू का पानी पीने से गैस व कब्ज की समस्या दूर होती है। सौंफ को आधा घण्टा भिगो दीजिए और उसमें मिश्री डालकर शर्बत बनाकर सेवन करने से भी गैस व पेट की अन्य समस्याएं खत्म होती हैं। इसके  लिए रात में सौंफ को पानी में उबालकर भी पी सकते हैं, रात्रि को त्रिफला का सेवन भी कराया जा सकता है। कब्ज अधिक है तो हरड़ का सेवन कर सकते हैं, लेकिन हरड़ का लगातार लम्बे समय तक सेवन करना स्वास्थ्य की दृष्टि से उपयोगी नहीं है। इसी क्रम में कब्ज दूर करने के पतंजलि आयुर्वेद द्वारा निर्धारित अन्य उपाय भी हैं, जिन्हें हम पाठकों के लिए प्रस्तुत कर रहे हैं।
आंवला-एलोवेरा मिक्स:
शाम को खाना खाने के 1 घण्टे बाद 4 चम्मच आंवला का रस व 4 चम्मच एलोवेरा के जूस के सेवन से पेट साफ रहता है। ज्यादा कब्ज़ हो तो 1 गिलास गर्म पानी में 4 चम्मच आंवला और 4 चम्मच एलोवेरा मिलाकर सेवन करें। अम्लपित्त हो तो आंवले की मात्रा कम करें। गेंहू के ज्वारे का रस लेेने से भी पेट साफ होता है।
नाशपाती का रस:
कब्ज का नाश करने के लिए नाशपाती के रस का सेवन करें। इससे पूरे पेट की ऐसी धुलाई होगी जैसे ऐनिमा से होती है। यह हृदय के लिए भी बहुत अच्छा है। मधुमेह के रोगी इसका सेवन करना चाहते हों, तो उसमें बिना मीठा वाली चीजें डालें जैसे ककड़ी, खीरा, टमाटर अदि। साथ ही चावल के साथ खूब सारी सब्जियां डालकर खायें।
मिक्स आटा:
केवल गेंहू की आटे की रोटी का सेवन कब्ज को बढ़ा सकता है, अत: गेंहू के साथ चना, जौ, ज्वार, बाजरा, कुलथी, मटर, सोयाबीन, मोठ, मसूर आदि अनाजों से मिश्रित आटे से बनी हुई रोटी का सेवन करें। साथ ही प्रतिदिन 5-6 किमी पैदल चलें और कपालभाति व मण्डूक आसन करें। जो भी खाना हो उसे चबा-चबा कर खायें। दांतों का काम आंतों से न लें। चबा-चबाकर खाने से जो लार निकलती है, वह पाचक रस बनकर भोजन को पचाती है।
इसी प्रकार गेंहू की रोटी चोकर सहित खा सकते हैं। मौसमी फलों का प्रयोग करें। अमरूद, पपीता आदि। सेब, अमरूद व पपीता ये तीनों पेट साफ करते हैं। जितनी भी हरी सब्जियां हैं भिण्डी को छोड़कर सभी पेट के लिए लाभकारी हैं। करेले का रस पीने से भी पेट साफ होता है। कुछ दिनों तक इन चीजों का प्रयोग करने से कब्ज़ तो समाप्त होगा ही, आंतें भी ताकतवर हो जायेंगी। आंतें जितनी कमजोर होंगी कब्ज उतनी अधिक होगी। बथुआ और हरी चौलाई भी कब्ज में बहुत कारगर है। अंजीर व मुनक्का भी कब्ज में लाभकारी है। आप मुनक्का और अंजीर का सेवन करने से 1-2 घण्टे पहले भिगों लें। काली द्रास भी पेट के लिए लाभकारी है। इसमें आयरन होता है और हीमोग्लोबीन भी बढ़ता है। गैस में अंकुरित मेथी एवं छाछ का प्रयोग लाभकारी है।
कुछ उपाय ऐसे भी:
गर्म ठंडा सेंक पेट पर देना गैस में लाभदायक है। पवनमुक्तासन और मण्डूक आसन भी करें, साथ ही कटि स्नान भी लाभकारी है। टब में गर्म पानी डालकर धीरे-धीरे पेट पर गीला तौलियां फेरें। इससे आंतों की ताकत बढ़ेगी और गैस बनने की प्रक्रिया भी कम होगी। खाने में दालों का प्रयोग कम करें और छिलके वाली दाल का ही सेवन करें।
विशेषज्ञ मानते हैं कि 40 से 50 वर्ष की आयु वर्ग के लोगों को अपने आहार में टमाटर अनिवार्य रूप से शामिल करने चाहिए। महिलाओं को 40 साल के बाद सोयाबीन की छाछ और दही लेना ही चाहिए। 50 साल के बाद Hormone Imbalance के बाद होने वाली विकृतियां जैसे प्रोस्टेट Gland Enlargement] PAC का Level बढ़ने और कैंसर आदि से बचने का सबसे सरल तरीका है टमाटर। टमाटर में उपस्थित Lycopene Pigment कैंसर, प्रोस्टेट Gland की हर प्रकार की विकृतियों को दूर करता है। प्रतिदिन 4 से 5 टमाटर को उबालकर खाना बेहद लाभकारी होता है। टमाटर को उबालने से Lycopene का fibre जो strong bond होते हैं वह ढीले पड़ जाते हैं। उबालने से शरीर इसे जल्दी Assimilate कर लेता है। टमाटर का सूप भी बहुत सारी बीमारियों से रक्षा करता है। परंतु टमाटर का अत्यधिक सेवन एसिडटी बढ़ाता है। प्रतिदिन 150-200 ग्राम से ज्यादा टमाटर ना लें।
इसे भी आजमायें:
कब्ज़, मधुमेह, अर्थराइटिस आदि के लिए रामबाण औषधि घर पर भी तैयार कर सकते हैं। इसमें ५० ग्राम आंवला, 50 से 100 ग्राम चुकंदर, 250-300 ग्राम गाजर और 10 ग्राम कच्ची हल्दी इन सबका जूस मिलाकर प्रयोग करें। जौ के ज्वारे का प्रयोग कर सकते हैं, यह शरीर के हर रोगों, जुकाम से लेकर कैंसर तक को ठीक कर सकता है।
पालक व टमाटर का भ्रम क्यों?:
कुछ लोगों में टमाटर सेवन को लेकर पथरी का भ्रम बना रहता है, वस्तुत: ऐसा है नहीं।
हमारी आंतों में बहुत सारे लाभदायक Bacteria होते हैं, जिसमें से एक है Oxalobacter Formigenes इसके आंतों में कम होने या न होने से पथरी होने की संभावना बढ़ जाती है। यह बैक्टीरिया हमारे शरीर में जो Calcium Oxalate मिलकर के कैल्शियम बनाते हैं उन्हें खा जाता है, जिसके कारण भी पथरी ज्यादा बनती है। मात्र 5 प्रतिशत लोग जो पालक और टमाटर का सेवन करते हैं उन्हें पथरी की शिकायत होती है। शेष 95 प्रतिशत लोगों को पालक और टमाटर न खाने से भी पथरी हो सकती है।

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